देश के ग्रामीण इलाकों में कृषि सेवाओं को बेहतर बनाने और पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं को खुद के पैरों पर खड़ा करने के उद्देश्य से एक विशेष पहल चलाई जा रही है। आजमगढ़ में कृषि विभाग की ओर से संचालित इस योजना के माध्यम से बीएससी एग्रीकल्चर की डिग्री हासिल करने वाले युवाओं को अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का मौका दिया जा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस मुहिम का मुख्य मकसद उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मुहैया कराना और किसानों को उनके आसपास ही कृषि से जुड़ी सभी जरूरी चीजें एक ही जगह पर उपलब्ध कराना है।
वन स्टॉप शॉप की तर्ज पर काम करेंगे केंद्र
इस योजना के तहत चुने गए युवाओं को वन स्टॉप शॉप की तर्ज पर एग्री जंक्शन केंद्र खोलने की मंजूरी दी जाती है। इन केंद्रों के जरिए युवा किसानों को एक ही मंच से अच्छी क्वालिटी के बीज, रासायनिक और जैविक खाद तथा कीटनाशक आसानी से बेच सकेंगे। इससे न केवल पढ़े-लिखे युवाओं की आमदनी का पक्का जरिया बनता है, बल्कि ग्रामीण इलाकों के किसानों को खेती के सामान के लिए दूर-दराज के इलाकों में चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं।
मिलती है आर्थिक मदद और सब्सिडी
नया कारोबार शुरू करने में युवाओं को पैसों की तंगी का सामना न करना पड़े, इसके लिए वित्तीय सहायता देने का पूरा प्रावधान किया गया है। इस बारे में जानकारी देते हुए जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि चुने गए लाभार्थियों को कारोबार बैठाने के लिए बैंकों के जरिए 4.5 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाता है। इसके साथ ही, दुकान के ढांचे और अंदरूनी साज-सज्जा को तैयार करने के वास्ते सरकार की तरफ से लगभग 60 हजार रुपये की सब्सिडी भी दी जाती है।
किसे मिलती है प्राथमिकता और क्या है योग्यता
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से बीएससी एग्रीकल्चर की डिग्री होना बहुत जरूरी है। इसके अलावा, चयन प्रक्रिया के दौरान उम्र सीमा को लेकर खास नियम तय किए गए हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि कम उम्र के युवाओं के मुकाबले उन लोगों को ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है, जिनकी सरकारी नौकरी पाने की उम्र निकल चुकी है या जो 40 से 42 साल की आयु पार कर चुके हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि इस पड़ाव पर बेरोजगार बैठे कृषि स्नातकों को सम्मान के साथ जीने का जरिया मिल सके।
चयन प्रक्रिया और जरूरी कागजात
इस योजना के तहत हर ब्लॉक स्तर पर सालाना लक्ष्य तय किए जाते हैं और साल में एक बार आवेदन मंगाए जाते हैं। आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास हाईस्कूल का सर्टिफिकेट और बीएससी एग्रीकल्चर की मार्कशीट होना अनिवार्य है। इसके बाद एक अधिकृत कमेटी द्वारा सभी उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जाता है और तय मानकों पर खरे उतरने वाले युवाओं का अंतिम रूप से चयन किया जाता है।

















