अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी का रुख देखने को मिल रहा है। वैश्विक शेयर बाजारों में हालिया बिकवाली और मध्य पूर्व में गहराते भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा है। इसके चलते सरकारी बॉन्ड और बुलियन बाजार में खरीदारी तेज हुई है। हाजिर सोना सतर्क बढ़त के साथ 4,170 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार कर रहा है, जिसमें लगभग 0.3% की हल्की तेजी दर्ज की गई है। वहीं चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 1% से अधिक की छलांग लगाई है और यह 57 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गई है।
चांदी में 1% से अधिक का उछाल, 57.6 डॉलर पर पहुंचा भाव
कीमती धातुओं के कारोबार में शुक्रवार को हाजिर चांदी में जोरदार तेजी दर्ज की गई। चांदी की कीमत 1.11% उछलकर 57.6 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई। पिछले सत्र में जोरदार वापसी के बाद चांदी 57 डॉलर प्रति औंस के स्तर से मजबूती से ऊपर टिकी हुई है। हाल के दिनों में इक्विटी बाजारों में आई तेज गिरावट के बाद निवेशकों ने सुरक्षित संपत्तियों का रुख किया, जिसका सीधा फायदा चांदी की कीमतों को मिला है। औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश के दोहरे समर्थन से चांदी के भाव में मजबूती बनी हुई है।
सोने में हल्की बढ़त, बॉन्ड यील्ड में गिरावट से मिला सहारा
हाजिर सोने के बाजार में भी मजबूती का माहौल बना हुआ है। सोना लगभग 0.3% की मामूली बढ़त के साथ 4,170 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा। सुरक्षित निवेश की ओर निवेशकों के बढ़ते रुझान ने सरकारी बॉन्ड यील्ड को तेजी से नीचे धकेल दिया है। बॉन्ड यील्ड में आई इस भारी गिरावट से बिना ब्याज या यील्ड वाली संपत्तियों पर दबाव काफी कम हुआ है, जिससे सोने को मजबूत आधार मिला है। इसके अतिरिक्त, कच्चे तेल की कीमतों में 0.5% से 1% तक की गिरावट दर्ज की गई है, जहां यूएस डब्ल्यूटीआई क्रूड 97 डॉलर प्रति बैरल के पास और ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। ऊर्जा की कीमतों में इस नरमी ने भी बाजार की चाल को प्रभावित किया है।
मध्य पूर्व में गहराता सैन्य संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य की घटना
बुलियन बाजार में इस तेजी के पीछे मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव एक प्रमुख कारण बनकर उभरा है। सऊदी अरब और यमन में ईरान समर्थित हूतियों के बीच बढ़ती सैन्य तल्खी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा, इसी हफ्ते होर्मुज जलडमरूमध्य में सिंगापुर के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज पर ईरानी प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिसके बाद वह जहाज डूब गया। समुद्री व्यापार मार्ग पर हुए इस गंभीर हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा जोखिमों को बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों में सतर्कता का माहौल बन गया है और सुरक्षित संपत्तियों में पूंजी का प्रवाह तेज हुआ है।
फेडरल रिजर्व की नीति और केविन वार्श के भाषण पर टिकी निगाहें
बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में बुलियन की दिशा काफी हद तक अमेरिकी मौद्रिक नीति से तय होगी। एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट के वाइस प्रेसिडेंट जतीन त्रिवेदी के अनुसार, यूएस फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श का आगामी भाषण और महीने के अंत में होने वाला फेडरल रिजर्व का नीतिगत फैसला बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम होंगे। ये कारक अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों से जुड़ी अपेक्षाओं और अंतरराष्ट्रीय बुलियन की कीमतों को तय करने में प्रमुख भूमिका निभाएंगे। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर भी घरेलू स्तर पर इसी वैश्विक रुझान का असर दिखने की पूरी संभावना है।



















