देशभर के बैंकिंग ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच सोशल मीडिया पर एक कथित सरकारी आदेश काफी तेजी से साझा किया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि केंद्र सरकार ने सभी सरकारी बैंकों के लिए हर शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। इंटरनेट पर प्रसारित हो रहे इस दस्तावेज में वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग का हवाला देकर कहा गया है कि बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पूरी कर दी गई है। हालांकि, आधिकारिक पड़ताल में यह दावा पूरी तरह बेबुनियाद और मनगढ़ंत साबित हुआ है। सरकार की आधिकारिक सूचना इकाई ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा कोई भी नियम लागू नहीं किया गया है और बैंकिंग कार्य दिवसों की मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
हड़ताल टलने के ठीक बाद अफवाहों का बाजार हुआ गर्म
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि बैंक कर्मचारियों के संगठनों द्वारा प्रस्तावित आंदोलन से जुड़ी हुई है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने बैंक कर्मचारियों के लिए प्रत्येक सप्ताह दो दिन की छुट्टी यानी 5 दिवसीय कार्य प्रणाली की मांग को लेकर 28 सितंबर से 30 सितंबर तक लगातार तीन दिनों की देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था। हड़ताल शुरू होने से ऐन पहले इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) द्वारा बैंक यूनियनों की मांगों के समाधान पर भरोसा दिलाया गया, जिसके बाद UFBU ने अपने इस तीन दिवसीय विरोध प्रदर्शन को स्थगित करने का फैसला किया था। हड़ताल टलने के बाद ही ऑनलाइन मंचों पर यह भ्रामक सूचना गढ़ी गई कि सरकार ने झुकते हुए सभी शनिवारों को बैंक बंद रखने का आदेश पारित कर दिया है।
फर्जी राजपत्र के जरिए फैलाया गया भ्रम
इंटरनेट पर प्रसारित किए जा रहे इस दस्तावेज को भारत सरकार के आधिकारिक राजपत्र के रूप में पेश किया गया था। इसमें दर्शाया गया कि केंद्र सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक सहित सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए प्रत्येक शनिवार को औपचारिक रूप से सार्वजनिक छुट्टी घोषित कर दी है। चूंकि बैंक कर्मियों की कार्यप्रणाली और शाखाओं के खुलने का सीधा असर आम नागरिकों, व्यापारियों और वित्तीय लेनदेन पर पड़ता है, इसलिए यह दस्तावेज बहुत कम समय में मैसेजिंग ऐप और विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर फैल गया। लोग बिना सत्यापन किए इसे साझा करने लगे जिससे ग्राहकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
आधिकारिक पड़ताल में खुली पोल
जब इस वायरल दावे और कथित अधिसूचना की वास्तविकता जानने के लिए संबंधित पोर्टलों की जांच की गई, तो वित्त मंत्रालय के किसी भी आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल या वेबसाइट पर इस तरह का कोई सर्कुलर अथवा विज्ञप्ति उपलब्ध नहीं थी। इसके बाद भारत सरकार के आधिकारिक तथ्य जांच तंत्र पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने इस पूरे मामले की सच्चाई उजागर की। पीआईबी फैक्ट चेक ने X पर पोस्ट करते हुए सार्वजनिक रूप से चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर बैंकों में छुट्टी की घोषणा से संबंधित जो दस्तावेज साझा किया जा रहा है, वह पूरी तरह फर्जी है।
वित्त मंत्रालय ने नहीं जारी किया कोई भी आदेश
आधिकारिक स्पष्टीकरण के अनुसार वित्त मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई नोटिफिकेशन या निर्देश जारी नहीं किया गया है, जिसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में प्रत्येक शनिवार को हॉलिडे घोषित किया गया हो। स्पष्ट किया गया है कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा आम जनता और बैंक ग्राहकों को गुमराह करने तथा गलत सूचना फैलाने के इरादे से यह फर्जी राजपत्र तैयार कर प्रसारित किया गया था। इसलिए ग्राहक किसी भी अनौपचारिक दस्तावेज पर भरोसा न करें और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े दिशा-निर्देशों के लिए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही ध्यान दें।


















