अफगानिस्तान की सीमा के भीतर हाल ही में किए गए पाकिस्तानी हवाई हमलों के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य तनाव गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। इन हमलों से नाराज अफगान प्रशासन ने कड़ी आपत्ति जताते हुए सीधी चेतावनी जारी की है। सीमा और जनजातीय मामलों के मंत्री नूरुल्लाह नूरी ने दोनों मुल्कों के बीच बढ़ते टकराव पर तीखी प्रतिक्रिया दी और सैन्य तंत्र को ऐतिहासिक सबक याद रखने की सलाह दी।
नूरुल्लाह नूरी की खुली चेतावनी
नूरुल्लाह नूरी ने कड़े लहजे में कहा कि अफगान आवाम के धैर्य की परीक्षा लेना बंद होना चाहिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेताया कि यदि हालात बिगड़े तो महज दो दिन के भीतर पेशावर पर अफगान झंडा फहराया जा सकता है। मंत्री ने साफ किया कि उनकी संप्रभुता के उल्लंघन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हवाई हमलों पर दोनों पक्षों के दावे
सीमांत क्षेत्रों में गुरुवार की सुबह ताजा हवाई कार्रवाई की गई, जिसके बाद से दोनों तरफ तल्खी और बढ़ गई है। इस्लामाबाद का पक्ष है कि उसकी यह कार्रवाई चरमपंथियों और ड्रोन ऑपरेशंस से जुड़े ठिकानों को निष्क्रिय करने के मकसद से की गई थी। इसके विपरीत काबुल ने इसे अपनी क्षेत्रीय अखंडता पर सीधा प्रहार करार दिया है और आरोप लगाया है कि शांति की कोशिशों को ऐसी सैन्य कार्रवाइयों से बड़ा झटका लगा है।



















