नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ती महंगाई और आम आदमी की रसोई के बजट को प्रभावित कर रहे प्याज तथा चीनी के दामों पर काबू पाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्थिति में बढ़ती कीमतों का अतिरिक्त वित्तीय बोझ शहर की जनता को न उठाना पड़े। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाते हुए यह तय किया गया है कि राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ मर्यादित यानी नेफेड से सीधे तौर पर प्याज और चीनी की खरीद की जाएगी और उसे जनता तक पहुंचाया जाएगा।
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का बयान और प्रशासनिक रणनीति
इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी और सरकार की आगामी कार्ययोजना का ब्योरा दिया। मंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में प्याज और चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में यह स्पष्ट रूप से तय किया गया कि नेफेड से प्याज खरीदकर उसे उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जाएगा और जिस दर पर सरकार को नेफेड से यह आपूर्ति मिलेगी, उसी मूल दर पर इसे आगे बेचा जाएगा। इसके अलावा चीनी के मामले में भी सरकार ने पूरी सख्ती बरतने का मन बनाया है ताकि बाजार में किसी भी तरह की जमाखोरी या कृत्रिम किल्लत पैदा न की जा सके।
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस विशेष बैठक में कीमतों को नियंत्रित करने के तौर-तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि केंद्र सरकार और NAFED के साथ मिलकर स्थिति पर कड़ी नजर रखी जाए। बाजार में यदि दामों में और अधिक बढ़ोतरी होती है, तो भी दिल्ली की आम जनता पर उसका प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ने दिया जाएगा। चीनी को लेकर भारत सरकार द्वारा जमाखोरी रोकने के लिए पहले ही एक विशेष आदेश जारी किया जा चुका है।
प्रशासनिक तैयारियों के संबंध में जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि नेफेड द्वारा लगभग 30 या 35 रुपये के आसपास की कीमत तय किए जाने की बात सामने आई है और सरकार इस दिशा में भी सक्रियता से काम कर रही है। खरीद मूल्य चाहे जो भी हो, सरकार उसे उसी लागत पर उपभोक्ताओं तक पहुंचाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में आने वाला ट्रांसपोर्टेशन यानी परिवहन का सारा खर्च दिल्ली सरकार खुद वहन करेगी। सरकार ने यह पक्का किया है कि जनता को एक रुपये का भी अतिरिक्त वित्तीय बोझ सहन नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए अलग-अलग प्रशासनिक टीमों का गठन करके बाजारों में सघन जांच भी कराई जाएगी।
क्या है नेफेड और बाजार की ताजा स्थिति?
यह जानना भी बेहद जरूरी है कि आखिर नेफेड (NAFED) क्या है जिसके जरिए दिल्ली सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने की तैयारी कर रही है। नेफेड का पूरा नाम नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड यानी भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ मर्यादित है। यह देश की एक अग्रणी शीर्ष सहकारी संस्था है, जो मुख्य रूप से कृषि उत्पादों के विपणन, थोक खरीद, सुरक्षित भंडारण, प्रसंस्करण और उनके सही वितरण से जुड़े तमाम कार्यों का संचालन करती है। इस प्रतिष्ठित संस्थान का मुख्य मुख्यालय देश की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है।
इससे पहले बाजार से जुड़े मोर्चे पर यह खबर भी सामने आई थी कि देश की सबसे बड़ी थोक मंडी में प्याज के दाम अचानक 15 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं, जिसके मद्देनजर भारी मात्रा में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।



















