हैदराबाद के पूर्वी हिस्से में मौजूद मेडिपल्ली लेआउट में आवासीय प्लॉट खरीदने के लिए आम लोगों से लेकर बड़े निवेशकों तक में जबरदस्त होड़ मच गई है. एचएमडीए यानी हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी ने यहां फेज-3 की जो ई-नीलामी करवाई, उसमें घर खरीदारों और रियल एस्टेट निवेशकों की तरफ से बेहद जोरदार और आक्रामक प्रतिक्रिया देखने को मिली. बाजार में मची कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच सबसे प्राइम माने जाने वाले एक प्लॉट के लिए बोली रिकॉर्ड 80,000 रुपए प्रति वर्ग गज तक जा पहुंची, जिसने इस पूरे इलाके के रियल एस्टेट बाजार में भारी हलचल मचा दी है.
नीलामी का पूरा हिसाब-किताब
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस नीलामी में एचएमडीए ने मेडिपल्ली लेआउट के कुल 68 आवासीय प्लॉट बिक्री के लिए रखे थे. इनमें से 63 प्लॉट खरीदारों के हाथों बिक गए और बेहद कम प्लॉट ही बिना बिके रह गए. इस पूरी नीलामी से प्राधिकरण के खजाने में करीब 120 करोड़ रुपए का भारी राजस्व आया. अधिकारियों के मुताबिक, नीलामी में औसत बोली दर 56,260 रुपए प्रति वर्ग गज दर्ज की गई.
न्यूनतम कीमत से कहीं ऊपर निकली बोली
सरकार ने इस नीलामी के लिए शुरुआत में न्यूनतम अपसेट कीमत 45,000 रुपए प्रति वर्ग गज तय की थी. लेकिन खरीदारों में दिखे जबरदस्त उत्साह ने अंतिम बोली दरों को इस तय की गई न्यूनतम कीमत से कहीं ज्यादा ऊपर पहुंचा दिया, जो शुरुआती अनुमान से भी ऊपर निकला.
पूर्वी हैदराबाद कॉरिडोर पर बढ़ा निवेशकों का भरोसा
इस शानदार नीलामी से यह साफ हो गया है कि हैदराबाद के पूर्वी हिस्से में योजनाबद्ध आवासीय कॉलोनियों की मांग किस तेजी से बढ़ रही है. नीलामी के दौरान कई प्रीमियम प्लॉट खरीदने के लिए एक से ज्यादा संपन्न खरीदार आमने-सामने आ गए, जिसकी वजह से उनके बीच बोली लगाने की तगड़ी होड़ देखने को मिली. तीन साल पहले इसी इलाके में हुई नीलामी से तुलना करें तो जमीन के दाम में भारी उछाल आया है. तब यहां का अधिकतम रेट करीब 50,000 रुपए प्रति वर्ग गज था, जो अब रिकॉर्ड स्तर को छू चुका है.
पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी रही प्रक्रिया
एचएमडीए कमिश्नर के मुताबिक, यह जबरदस्त रिस्पॉन्स बताता है कि सरकारी बुनियादी ढांचे, कानूनी सुरक्षा और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर जनता और निवेशकों का भरोसा कितना मजबूत है. यह पूरी ई-नीलामी केंद्र सरकार की कंपनी एमएसटीसी लिमिटेड के डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आयोजित हुई, जिससे शुरू से आखिर तक इसमें पारदर्शिता बनी रही. इस सफल नीलामी के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मेडिपल्ली और आसपास के रिहायशी इलाकों में रियल एस्टेट सेक्टर और विकास कार्यों को आने वाले महीनों में और रफ्तार मिलेगी.













