उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में रहने वाले निवासियों के लिए एक बड़ी सुविधा की शुरुआत हुई है। अब यहां के लोगों को खाना पकाने के लिए भारी भरकम एलपीजी सिलेंडर की परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी, क्योंकि महानगरों की तरह ही अब घरों में पाइपलाइन के जरिए पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। गैल गैस इंडिया के नेतृत्व में चल रहे इस प्रोजेक्ट के तहत पूरे जिले में तेजी से पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा किया जा रहा है। गैस की यह नई व्यवस्था मीटर आधारित है, जिससे उपभोक्ता जितनी गैस खर्च करेंगे, उसी के हिसाब से उनका बिल तैयार किया जाएगा।
परियोजना की पृष्ठभूमि और विस्तार
मिर्जापुर में गैस पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव पहली बार साल 2019 में तैयार किया गया था। प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद से ही इस पर युद्ध स्तर पर काम जारी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मिर्जापुर नगर पालिका क्षेत्र के साथ-साथ शहर से सटे लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले ग्रामीण इलाकों को भी गैस नेटवर्क से जोड़ना है। पूरे क्षेत्र में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई स्थानों पर गैस स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, जो पूरे जिले में गैस के वितरण केंद्र के रूप में कार्य करेंगे।
ओनिक्स इंजीनियरिंग लिमिटेड की भूमिका
इस पाइपलाइन बिछाने की पूरी जिम्मेदारी ओनिक्स इंजीनियरिंग लिमिटेड को सौंपी गई है। कंपनी ने आधुनिक और भारी मशीनों का उपयोग करके जमीन के अंदर पाइपलाइन का जाल बिछाया है। इस काम का असर अब धरातल पर दिखने लगा है, क्योंकि मिर्जापुर के बरकच्छा कला गांव में आधिकारिक रूप से गैस आपूर्ति शुरू कर दी गई है। यहां के ग्रामीण अब सीधे पाइपलाइन के माध्यम से गैस प्राप्त कर खाना बना रहे हैं।
सुविधा का स्वरूप और लाभ
गांव के भीतर ही एक डीसीयू यूनिट स्थापित की गई है। इस यूनिट में गैस को स्टोर किया जाता है और फिर पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए उसे उपभोक्ताओं के घरों तक पहुंचाया जाता है। प्रोजेक्ट मैनेजर ने जानकारी दी है कि योजना का लक्ष्य 50,000 से अधिक उपभोक्ताओं को इस सेवा से जोड़ना है। पाइपलाइन बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है और सुरक्षा परीक्षणों के बाद तेजी से नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं। गैस का उपभोग बिल्कुल बिजली और पानी की तरह मीटर से मापा जाएगा, और उपभोक्ताओं को महीने के अंत में अपने बिल का भुगतान करना होगा।











