बलिया में लंबे समय से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की किल्लत का सामना कर रहे छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के लिए एक सुखद सूचना आई है। वैश्विक स्तर पर स्थिति में सुधार होने के बाद, सरकार ने कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की सप्लाई पर लगाई गई सभी तरह की पाबंदियों को खत्म कर दिया है। इस फैसले के बाद स्थानीय बाजारों में व्यवस्था के पटरी पर लौटने की उम्मीद जताई जा रही है। होटल संचालक, ढाबा मालिक, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकान चलाने वाले और अन्य छोटे व्यवसायियों को भरोसा है कि सप्लाई सुचारू होने से न केवल काम आसान होगा, बल्कि गैस की कीमतों में भी नरमी देखने को मिलेगी। इससे उनके कामकाज की लागत में कमी आएगी और ग्राहकों को भी महंगाई से जूझने में कुछ हद तक राहत मिल सकेगी।
व्यापारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
छोले भटूरे रेस्टोरेंट के मालिक अंकित अग्रवाल ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि कमर्शियल सिलेंडर पर लगी रोक हटना छोटे व्यवसायियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक समय में गैस के बिना रेस्टोरेंट चलाना असंभव है। अंकित ने बताया कि सिलेंडर की किल्लत के चलते उन्हें बीते दिनों लगभग डेढ़ महीने तक अपनी दुकान बंद रखने पर मजबूर होना पड़ा था, लेकिन अब स्थिति फिर से सामान्य हो गई है। उन्होंने सरकार से एक और अनुरोध किया कि यदि गैस की कीमतों में और अधिक कटौती की जाए, तो व्यापारियों की मुश्किलें पूरी तरह समाप्त हो जाएंगी।
इसी तरह लिट्टी, समोसे और मिठाई की दुकान चलाने वाले ओम प्रकाश गुप्ता ने भी राहत व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सिलेंडर की कमी के दौरान उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने माना कि देश के संकट के समय अपना कर्तव्य निभाना जरूरी था, लेकिन अब स्थिति सामान्य होने के बाद वे सरकार से कीमतों में कमी की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जिससे उनके जैसे छोटे दुकानदारों को आर्थिक संबल मिलेगा।
महंगाई का असर और उम्मीदें
व्यापारियों के अलावा आम ग्राहकों पर भी इसका असर दिख रहा है। अश्वनी कुमार गुप्ता नामक ग्राहक का कहना है कि गैस के दाम में मामूली कमी आई है, लेकिन अभी भी महंगाई आम जनता के लिए चुनौती बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए, क्योंकि गैस के दाम बढ़ने का सीधा असर दुकानदारों के साथ-साथ आम ग्राहकों की जेब पर भी पड़ता है।
वहीं, नमकीन, लिट्टी और चाय की दुकान चलाने वाले सोनू वर्मा ने भी पुरानी स्थिति बहाल होने की वकालत की है। उन्होंने बताया कि पहले गैस सिलेंडर की भीषण किल्लत थी, जो अब धीरे-धीरे दूर हो रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि यदि गैस के दाम को पहले की तरह संतुलित किया जाए, तो छोटे व्यवसायियों की अधिकतर समस्याएं हल हो सकती हैं और वे सुचारू रूप से अपना काम कर पाएंगे।













