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मुरादाबाद के किसान की अनोखी मुहिम: बिना खाद-कीटनाशक उगाए बैंगन, पड़ोसियों को मुफ्त बांटकर सिखा रहे ऑर्गेनिक खेती का गुरव्यापार
13 जून 2026, 4:53 pm (45 दिन पहले)· 0

मुरादाबाद के किसान की अनोखी मुहिम: बिना खाद-कीटनाशक उगाए बैंगन, पड़ोसियों को मुफ्त बांटकर सिखा रहे ऑर्गेनिक खेती का गुर

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में किसान ओमप्रकाश सिंह घर और खेत में पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से बैंगन उगा रहे हैं और आसपास के लोगों को ये सब्जियां मुफ्त बांटकर ऑर्गेनिक खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में किसानों का रुझान अब रासायनिक खेती से हटकर प्राकृतिक यानी ऑर्गेनिक खेती की ओर तेजी से बढ़ रहा है। रासायनिक खाद का साथ छोड़कर कई किसान सेहतमंद और कुदरती तरीके से फसलें तैयार कर रहे हैं। खास बात यह है कि कुछ किसान सिर्फ अपने लिए ही नहीं उगा रहे, बल्कि लोगों को जागरूक करने के मकसद से अपने घरों और खेतों, दोनों जगह ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं।

एक किसान, एक मिसाल

इन्हीं में से एक नाम है ओमप्रकाश सिंह का, जिन्होंने अपने घर और खेत दोनों जगह ऑर्गेनिक बैंगन उगाए हैं। वे इन बैंगनों को खुद तो खाने में इस्तेमाल करते ही हैं, साथ ही अपने पड़ोसियों को बिना किसी कीमत के बांटकर उन्हें ऑर्गेनिक खेती के फायदे भी समझाते हैं। उनकी इस पहल का असर यह है कि आसपास के लोग भी जहरमुक्त सब्जियों को अपनाने की ओर प्रेरित हो रहे हैं और धीरे-धीरे एक ऑर्गेनिक लाइफस्टाइल की तरफ बढ़ रहे हैं।

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कैसे तैयार होते हैं ये बैंगन

ओमप्रकाश सिंह बताते हैं कि वे घर पर भी बैंगन की खेती करते हैं और इसके अलावा खेतों में तरह-तरह की ऑर्गेनिक फसलें भी उगाते हैं। उनके मुताबिक, इस खेती में किसी भी प्रकार के रसायन का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया जाता।

यह पूरी तरह प्राकृतिक खेती है, जिसमें सिर्फ वर्मी कंपोस्ट, जीवामृत और केंचुआ खाद का ही प्रयोग होता है। उनका कहना है कि उनकी ज्यादातर खेती इसी कुदरती तरीके से होती है। घर पर बागवानी के तौर पर वे करीब एक बिसा जमीन में बैंगन उगा रहे हैं और इन्हें पूरी तरह प्राकृतिक रूप में आकार देकर तैयार करते हैं। यही बैंगन वे खुद इस्तेमाल करने के साथ-साथ आसपास के लोगों को मुफ्त में बांट देते हैं।

मुफ्त बांटने के पीछे की सोच

ओमप्रकाश सिंह के मुताबिक, वे आसपास के लोगों को बैंगन इसलिए मुफ्त देते हैं ताकि लोग प्राकृतिक खेती को अपना सकें और प्राकृतिक चीजों का ज्यादा से ज्यादा सेवन कर सकें।

उनका मानना है कि प्राकृतिक चीजें हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं। इसी सोच के साथ वे लोगों से अपील करते हैं कि वे भी अपने घर पर या खेत-खलिहानों में प्राकृतिक खेती को अपनाएं और कुदरती तरीके से उगी चीजों को अपने खानपान का हिस्सा बनाएं, क्योंकि सेहत के लिहाज से यही रास्ता सबसे बेहतर है।

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