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पलामू में भेड़ पालन से कमाई बढ़ाने का मौका, सरकार दे रही है 90% तक की भारी सब्सिडीव्यापार
18 अग॰ 2026, 3:04 pm (25 दिन पहले)· 2

पलामू में भेड़ पालन से कमाई बढ़ाने का मौका, सरकार दे रही है 90% तक की भारी सब्सिडी

झारखंड के पलामू जिले में ग्रामीण किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए भेड़ पालन योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत सरकार 90% तक अनुदान दे रही है और इस साल 144 लाभुकों को इसका फायदा पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है।

झारखंड सरकार ग्रामीण इलाकों के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में पलामू जिले में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए भेड़ पालन योजना का संचालन किया जा रहा है। इस विशेष योजना के माध्यम से क्षेत्र के किसान और पशुपालक भेड़ पालन का व्यवसाय अपनाकर अपनी आमदनी में एक नया और अतिरिक्त जरिया जोड़ सकते हैं। पलामू के स्थानीय किसानों के बीच इस योजना को लेकर उत्साह लगातार देखा जा रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को इससे नई मजबूती मिल रही है।

जिला पशुपालन पदाधिकारी ने जानकारी दी है कि पिछले वर्ष इस योजना के तहत पलामू जिले के कुल 58 लाभुकों को इसका फायदा मिला था। वहीं, इस बार सरकार ने इस संख्या को बढ़ाते हुए 144 लाभुकों को योजना का लाभ देने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए आवश्यक वित्तीय आवंटन भी प्राप्त होना शुरू हो गया है। आवेदन प्रक्रिया को जल्द ही आगे बढ़ाकर पात्र लाभुकों को इस योजना का लाभ समय पर मुहैया कराया जाएगा।

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इस योजना की एक बड़ी खूबी यह है कि इसके तहत कोई भी इच्छुक किसान लगभग 30 भेड़ों के साथ अपने नए व्यवसाय की शुरुआत कर सकता है। सरकार की ओर से इस पर भारी अनुदान का प्रावधान किया गया है, जिससे पशुपालकों को शुरुआती दौर में किसी बड़े आर्थिक संकट या दबाव का सामना न करना पड़े। भेड़ पालन को एक ऐसा व्यवसाय माना जाता है जिसे बहुत कम लागत में आसानी से शुरू किया जा सकता है और ग्रामीण क्षेत्रों में इसके लिए अनुकूल परिस्थितियां मौजूद हैं। किसान भेड़ों के सही देखभाल के साथ-साथ उनके प्रजनन के जरिए संख्या में इजाफा कर सकते हैं और भविष्य में अपनी कमाई को कई गुना बढ़ा सकते हैं।

पशुपालन विभाग की ओर से इस योजना के लिए लाभुकों का चयन एक तय और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाता है। जो भी किसान इसके लिए आवेदन करते हैं, उन्हें विभागीय नियमों के अनुसार पात्रता की जांच और चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण किसानों, पशुपालकों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पशुपालन के जरिए रोजगार के नए अवसर देना और आय का स्थायी स्रोत उपलब्ध कराना है।

बकरी पालन पर भी विशेष जोर

विभाग की तरफ से यह भी बताया गया है कि पशुपालन क्षेत्र को और अधिक विस्तार देने के लिए सरकार ने एक नई योजना की शुरुआत भी की है। इस नई योजना के अंतर्गत लाभुकों को 100 बकरी और 5 बकरे की एक पूरी यूनिट उपलब्ध कराने का प्रावधान रखा गया है। इस योजना से भी क्षेत्र के भारी संख्या में किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ मिलने की पूरी उम्मीद है। बकरी पालन की यह बड़ी यूनिट विशेष तौर पर छोटे और सीमांत किसानों के लिए अपनी आमदनी बढ़ाने का एक बेहद शानदार और कारगर माध्यम साबित हो सकती है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि भेड़ और बकरी पालन दोनों ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। पशुओं से मिलने वाले बच्चों, ऊन और अन्य उत्पादों की बाजार में बिक्री करके किसान अपनी नियमित आय सुनिश्चित कर सकते हैं। सरकार की तरफ से मिलने वाले 50% से 90% तक के अनुदान की वजह से पशुपालकों को अपना बिजनेस शुरू करने में बहुत बड़ी आर्थिक मदद मिल जाती है। ऐसे में पलामू के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले किसानों के लिए यह योजना रोजगार पाने और पूरी तरह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

सवाल-जवाब

पलामू में भेड़ पालन योजना के तहत इस साल कितने लोगों को लाभ देने का लक्ष्य है?
इस वर्ष पलामू जिले में कुल 144 लाभुकों को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।
एक किसान इस योजना के तहत कितने पशुओं के साथ व्यवसाय शुरू कर सकता है?
किसान इस योजना के तहत लगभग 30 भेड़ों के साथ अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं।
सरकार की इस भेड़ पालन योजना में कितना अनुदान दिया जा रहा है?
सरकार की ओर से पशुपालकों को 50% से 90% तक का भारी अनुदान प्रदान किया जाता है।
पशुपालन विभाग द्वारा कौन सी नई यूनिट देने की योजना शुरू की गई है?
विभाग ने लाभुकों को 100 बकरी और 5 बकरे की यूनिट उपलब्ध कराने की नई योजना भी शुरू की है।
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