आर्थिक तंगी से जूझ रही भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट के लिए एक और परेशान करने वाली खबर सामने आई है। कंपनी को विमान देने वाली लीजिंग कंपनियों ने उसके चार बोइंग 737-8 मैक्स विमानों का रजिस्ट्रेशन रद्द कराने के लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) का दरवाजा खटखटाया है। दिलचस्प बात यह है कि खुद एयरलाइन ने भी सोमवार को माना कि ये चारों विमान काफी समय से उड़ान भरने की हालत में नहीं हैं, और इनका रजिस्ट्रेशन हटने से उस पर पड़ रहा पट्टे के किराये का बोझ घट जाएगा।
किसने और किस नियम के तहत की मांग
यह आवेदन आयरलैंड की दो सप्लायर कंपनियों, स्काई हाई LXXX लीजिंग कंपनी लिमिटेड और स्काई हाई LXXVII लीजिंग कंपनी लिमिटेड ने दायर किया है। इन्होंने इन विमानों के लिए 'अपरिवर्तनीय डीरजिस्ट्रेशन एवं निर्यात अनुरोध प्राधिकरण' यानी IDERA का सहारा लिया है। यह व्यवस्था विमान पट्टे पर देने वाली कंपनी को यह हक देती है कि वह अपने विमान वापस लेने के लिए सीधे विमानन नियामक से बात कर सके, यानी बीच में एयरलाइन की सहमति का इंतजार करने की जरूरत नहीं रहती।
पिछले साल के कानून ने बदला खेल
यह पूरा मामला पिछले साल संसद में पास हुए एक अहम विमानन कानून से जुड़ता है। इस बिल के बाद दुनिया भर की विमान लीजिंग कंपनियों के लिए यह आसान हो गया है कि अगर कोई भारतीय एयरलाइन तय भुगतान करने में चूक जाती है, तो वे अपने जेट और इंजन बिना किसी लंबी उलझन के वापस ले सकें। मौजूदा घटनाक्रम इसी बदले हुए कानूनी माहौल की झलक है।
स्पाइसजेट की सफाई
कंपनी के एक प्रवक्ता ने इस पर सफाई देते हुए बताया कि ये विमान इंजन की हाई प्रेशर टर्बाइन (HPT) से जुड़ी निर्माण संबंधी दिक्कतों की वजह से काफी लंबे समय से खड़े हैं। प्रवक्ता ने कहा, "इन विमानों का पंजीकरण रद्द होने से इन पर लग रहा पट्टे का किराया खर्च कम हो जाएगा। इससे एयरलाइन के परिचालन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि कंपनी इन विमानों को दोबारा सेवा में लाने के लिए सप्लायर और ऑरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) के साथ बातचीत कर रही है।
बेड़े का बड़ा हिस्सा जमीन पर
स्पाइसजेट की असली मुश्किल इसके आंकड़ों में साफ झलकती है। आर्थिक और कानूनी चुनौतियों से घिरी इस एयरलाइन के पास इस समय सिर्फ 11 विमान ही सेवा में हैं, जबकि 42 विमान यानी उसके पूरे बेड़े का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा जमीन पर खड़े-खड़े धूल फांक रहा है। सोमवार तक हालत यह थी कि एयरलाइन मुश्किल से 12 विमानों के दम पर केवल 60 उड़ानें ही चला पा रही थी। कुछ ही समय पहले बिहार के दरभंगा एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट के एक विमान का टायर रनवे पर फट गया था, जिससे कंपनी की मुश्किलें और चर्चा में आ गई थीं।











