अगर आपके परिवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की रकम मिलती है, तो आने वाले दिन आपके लिए अहम हैं। सरकार ने लाभार्थियों के सालाना सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और इसके लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन किसानों ने तय समय तक यह काम पूरा नहीं किया, उनकी अगली किस्त रुक सकती है और वे योजना के फायदे से बाहर हो सकते हैं।
क्यों जरूरी है ई-केवाईसी
इस योजना के तहत हर साल लाभार्थियों का वेरिफिकेशन किया जाना है, ताकि रकम सही हाथों तक पहुंचती रहे। इसी सालाना सत्यापन का हिस्सा है ई-केवाईसी। साफ निर्देश है कि जो किसान योजना का लाभ ले रहे हैं, वे यह प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कर लें। ऐसा न करने पर सम्मान निधि की अगली किस्त उनके बैंक खाते में हस्तांतरित नहीं की जाएगी।
तारीख याद रखें
ई-केवाईसी कराने की खिड़की 1 जून से 30 जून तक खुली है। विभाग ने इसके लिए वेबसाइट भी चालू कर दी है, जहां जाकर लाभार्थी अपनी केवाईसी पूरी कर सकते हैं। अंतिम तारीख 30 जून है — इसके बाद केवाईसी न होने की स्थिति में अगली किस्त अटक जाएगी।
मिर्जापुर में कितने किसान जुड़े हैं
अकेले मिर्जापुर जिले में इस योजना के 3 लाख 36 हजार 456 लाभार्थी हैं, जिनके खातों में सम्मान निधि की रकम भेजी जा रही है। इन्हीं सभी लाभार्थियों के लिए सालाना सत्यापन की प्रक्रिया अब शुरू कर दी गई है।
केवाईसी कहां और कैसे कराएं
उपनिदेशक कृषि विकेश सिंह पटेल ने बताया कि किसानों से लगातार अपील की जा रही है कि वे यह काम समय रहते निपटा लें। जिन किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है, वे अपने नजदीकी शहरी जन सेवा केंद्र पर जाकर केवाईसी करा सकते हैं। आधार कार्ड के जरिए यह प्रक्रिया पूरी हो जाती है। उन्होंने दोहराया कि ई-केवाईसी न कराने पर अगली किस्त खाते में नहीं पहुंचेगी।
खाद-बीज चाहिए तो फार्मर रजिस्ट्री भी कराएं
पटेल ने यह भी अपील की कि जिन किसानों को खाद और बीज चाहिए, वे फार्मर रजिस्ट्री जरूर करा लें। उनके मुताबिक, फार्मर रजिस्ट्री न कराने वाले किसानों को खाद और बीज नहीं दिया जाएगा। फार्मर रजिस्ट्री और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों, दोनों के लिए अंतिम तारीख 30 जून ही रहेगी।













