गौतम सिंघानिया के नेतृत्व वाली औद्योगिक कंपनी रेमंड लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। ऐतिहासिक रूप से कपड़ा और परिधान उद्योग के लिए पहचानी जाने वाली यह कंपनी अब इंजीनियरिंग, रक्षा उपकरणों और ऑटो कलपुर्जों के विनिर्माण पर अपना मुख्य ध्यान केंद्रित कर रही है। सितंबर में समाप्त हुई तिमाही के दौरान कंपनी के परिचालन लाभ और कुल आमदनी दोनों में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिसमें मुख्य रूप से हाई-टेक इंजीनियरिंग ऑपरेशंस ने विकास को गति दी।
मुनाफे और राजस्व में दोहरे अंकों का विस्तार
सितंबर तिमाही के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, रेमंड के सतत परिचालन से प्राप्त समेकित राजस्व में साल-दर-साल आधार पर 24.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले बढ़कर 655.16 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। राजस्व में इस तेज उछाल के साथ ही कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 131 प्रतिशत बढ़कर 32.06 करोड़ रुपये रहा, जो बीते वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 13.89 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इस मजबूत मुनाफे ने कंपनी के रणनीतिक बदलाव और आधुनिक विनिर्माण में बढ़ती मांग को रेखांकित किया है।
कंपनी के कुल राजस्व में अन्य स्रोतों से प्राप्त आय को शामिल करने पर समेकित कुल आमदनी 683.22 करोड़ रुपये रही, जिसमें अन्य आय का योगदान 28.06 करोड़ रुपये था। यदि कर पूर्व लाभ पर नजर डालें, तो असाधारण मदों से पहले सतत परिचालन का कर पूर्व लाभ 42.67 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के 19.12 करोड़ रुपये की तुलना में उल्लेखनीय बढ़त दर्शाता है।
ऑपरेटिंग मार्जिन और खर्चों का ब्योरा
परिचालन स्तर पर रेमंड का प्रदर्शन आय वृद्धि की तुलना में कहीं अधिक तेज गति से सुधरा। कंपनी का समेकित एबिटडा (EBITDA) 74.4 प्रतिशत की सालाना छलांग लगाकर 43 करोड़ रुपये से बढ़कर 75 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस बेहतर प्रदर्शन के दम पर कंपनी के एबिटडा मार्जिन में 336 आधार अंकों का बड़ा विस्तार हुआ, जिससे मार्जिन 8.14 प्रतिशत से बढ़कर 11.5 प्रतिशत दर्ज किया गया। बेहतर उत्पादन मात्रा, लागत नियंत्रण की रणनीतियों और अधिक मूल्य वाले उत्पादों के अनुपात ने इस मार्जिन विस्तार को मजबूत सहारा दिया।
हालांकि, कारोबार के फैलाव और विनिर्माण गतिविधियों में तेजी आने के कारण परिचालन लागत में भी इजाफा देखा गया। कुल समेकित व्यय बढ़कर 641.22 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह 544.37 करोड़ रुपये था। इस व्यय वृद्धि के पीछे कच्चे माल की कीमतों, विनिर्माण लागत और कर्मचारियों से जुड़े खर्चों में बढ़ोतरी प्रमुख वजह रही। कर्मचारियों के लाभ से संबंधित खर्च इस दौरान 102.55 करोड़ रुपये से बढ़कर 121.70 करोड़ रुपये हो गया। वहीं वित्त लागत लगभग स्थिर रहकर 21.62 करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो पिछले साल 21.50 करोड़ रुपये थी। मूल्यह्रास और परिशोधन की मद में 39.75 करोड़ रुपये दर्ज किए गए। सतत संचालन के लिए बेसिक प्रति शेयर आय (EPS) 3.36 रुपये और डाइल्यूटेड ईपीएस 3.13 रुपये रही।
एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण की जबरदस्त छलांग
रेमंड के पोर्टफोलियो में सबसे चमकदार प्रदर्शन उसके एयरोस्पेस और डिफेंस डिवीजन की ओर से देखने को मिला। इस खंड की तिमाही आय सालाना आधार पर दोगुनी से अधिक होकर 139.36 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में यह महज 61.04 करोड़ रुपये थी। परिचालन गतिविधियों में तेजी और बढ़ी हुई लाभप्रदता के चलते इस खंड का कर पूर्व लाभ 7.24 करोड़ रुपये से बढ़कर 18.55 करोड़ रुपये हो गया।
वैश्विक मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के लिए उत्पादन में आई तेजी, उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में आई सुगमता ने इस खंड के विस्तार में अहम भूमिका निभाई। वैश्विक बाजार में अत्यधिक सटीक और जटिल एयरोस्पेस घटकों की मांग बढ़ रही है, जिसके लिए रेमंड ने अपनी विशिष्ट विनिर्माण क्षमताओं को तैयार किया है। भविष्य की अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मांग को पूरा करने के लिए कंपनी आंध्र प्रदेश में लगभग 510 करोड़ रुपये के निवेश से एक नया ग्रीनफील्ड संयंत्र स्थापित कर रही है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, इस नए संयंत्र से मिलने वाला वित्तीय प्रतिफल समय पर परियोजना पूरा होने, क्षमता के पूर्ण उपयोग और नए ऑर्डर हासिल करने की गति पर निर्भर करेगा।
ऑटो कंपोनेंट्स और प्रेसिजन टेक्नोलॉजी का मजबूत आधार
प्रेसिजन टेक्नोलॉजी और ऑटो कंपोनेंट्स खंड रेमंड के राजस्व का सबसे बड़ा स्तंभ बना हुआ है। आलोच्य तिमाही में इस खंड ने 470.61 करोड़ रुपये की आय अर्जित की, जो पिछले साल की समान अवधि के 409.23 करोड़ रुपये से अधिक है। घरेलू बाजार में स्थिर मांग और वैश्विक ओईएम को किए जाने वाले निर्यात के कारण इस डिवीजन ने निरंतर स्थिरता दिखाई है।
यह डिवीजन वैश्विक 'चाइना प्लस वन' रणनीति से भी लाभान्वित होने की अनुकूल स्थिति में है, जहां कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां आपूर्ति जोखिम कम करने के लिए चीन के अलावा भारत जैसे विनिर्माण केंद्रों में अपने अनुबंध स्थानांतरित कर रही हैं। अपनी लागत दक्षता को बनाए रखना, कड़े गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरना और वैश्विक ग्राहकों के ऑर्डर समय पर पूरा करना इस खंड के लिए भविष्य के विकास की दिशा तय करेगा।
छमाही परिणाम और शेयर बाजार की प्रतिक्रिया
वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुए छह महीनों के समग्र प्रदर्शन पर नजर डालें, तो सतत संचालन से कंपनी का समेकित राजस्व पिछले वर्ष के 1,051.98 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,260.77 करोड़ रुपये दर्ज हुआ। इसी तरह छह महीनों का कुल मुनाफा 34.51 करोड़ रुपये से लगभग दोगुना होकर 62.91 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
मजबूत तिमाही आंकड़ों की घोषणा के बाद घरेलू शेयर बाजारों में निवेशकों ने कंपनी के शेयरों में जोरदार खरीदारी की। मंगलवार, 27 अक्टूबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर रेमंड लिमिटेड का शेयर 3.16 प्रतिशत या 33.40 रुपये की तेजी के साथ 1,088.70 रुपये के भाव पर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के दौरान यह शेयर 1,055.30 रुपये पर खुला, जो दिन का निचला स्तर भी रहा, और तेजी के रुख के बीच इसने 1,097.80 रुपये के उच्च स्तर को छुआ।

















