सोने और चांदी को विदेश से मंगाने की लागत तय करने वाला सरकारी पैमाना एक बार फिर ऊपर चला गया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने सोमवार को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर सोने और चांदी, दोनों की बेस इंपोर्ट कीमतों (Base Import Prices) को बढ़ा दिया। यह वही आधार दर है जिस पर आयातित कीमती धातुओं का सीमा शुल्क आंका जाता है, इसलिए इसका सीधा रिश्ता घरेलू बाजार में इन धातुओं की लागत से है।
कितनी बढ़ी कीमत
नई अधिसूचना के मुताबिक सोने की बेस इंपोर्ट प्राइस में 5 डॉलर प्रति 10 ग्राम का इजाफा हुआ है। इस बढ़ोतरी के बाद सोने के लिए नया आधार मूल्य 1,348 डॉलर प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। चांदी की बात करें तो इसमें 83 डॉलर प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई है, जिसके बाद चांदी का बेस इंपोर्ट प्राइस बढ़कर 2,175 डॉलर प्रति किलोग्राम हो गया है।
तीन दिन पहले हुई थी कटौती
दिलचस्प बात यह है कि सरकार ने इससे ठीक तीन दिन पहले उल्टा कदम उठाया था। तब सोने की बेस इंपोर्ट कीमत में 80 डॉलर और चांदी की कीमत में 276 डॉलर की कटौती की गई थी। यानी कुछ ही दिनों के भीतर रुख बदल गया और अब दरें फिर ऊपर कर दी गई हैं। इस पूरी कवायद के पीछे सरकार की मंशा भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को थामने की मानी जा रही है।
यह पहला मौका नहीं है। पिछले दो महीनों के अंदर यह दूसरी बार है जब सरकार ने सोने के आयात शुल्क से जुड़े प्रावधानों पर शिकंजा कसा है। इससे पहले पिछले महीने सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15% कर दिया था।
चांदी के आयात पर लगातार सख्ती
सिर्फ कीमत ही नहीं, चांदी मंगाने के नियम भी सरकार ने बीते कुछ समय में कड़े कर दिए हैं। अब चांदी का आयात करने के लिए कारोबारियों को पहले सरकारी लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने एक अलग अधिसूचना के जरिए सिल्वर बार्स को ‘फ्री’ श्रेणी से निकालकर ‘प्रतिबंधित’ (Restricted) श्रेणी में डाल दिया, और यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया।
इस महीने की शुरुआत में नियम और कड़े हुए। सरकार ने साफ कर दिया कि अब चांदी का आयात तभी संभव होगा जब DGFT से पहले अनुमति ले ली गई हो। खास बात यह है कि यह शर्त उन मामलों पर भी लागू होगी जहां आयात बैंकों या भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नामित किसी अन्य एजेंसी के जरिए किया जा रहा हो।
भंडार की तस्वीर
सरकार की इस सतर्कता की वजह आंकड़ों में भी झलकती है। 5 जून तक के हफ्ते में भारतीय रिजर्व बैंक के स्वर्ण भंडार का मूल्य 1.98 अरब डॉलर बढ़कर 114.58 अरब डॉलर हो गया। दूसरी ओर, देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार इसी अवधि में 711 मिलियन डॉलर घटकर 681.61 अरब डॉलर रह गया।













