अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में चीनी मुद्रा युआन (CNY) की स्थिति मजबूत बनी हुई है, जिसे चीन के विशाल विदेशी व्यापार अधिशेष और लगातार हो रहे पूंजी प्रवाह से समर्थन मिल रहा है। दूसरी ओर, अमेरिका के दूसरे तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़े अनुमान से कमजोर रहने और फेडरल रिजर्व में ब्याज दरों को लेकर विभाजित राय के कारण अमेरिकी डॉलर पर चौतरफा दबाव देखने को मिल रहा है। इस स्थिति ने वैश्विक विदेशी मुद्रा (FX) बाजार और कीमती धातुओं की चाल को प्रभावित किया है।
चीन का विशाल व्यापार अधिशेष और विदेशी मुद्रा भंडार
चीनी बैंकिंग प्रणाली के विदेशी मुद्रा निपटान आंकड़ों से पता चलता है कि देश में हर महीने प्रवेश करने वाले अमेरिकी डॉलर की मात्रा बाहर जाने वाली राशि की तुलना में काफी अधिक है। चीन का विदेशी व्यापार अधिशेष लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, जिसके कारण हर महीने भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा देश में आ रही है और निवेश के नए अवसरों की तलाश कर रही है।
इस भारी पूंजी आवक के कारण चीन के राज्य के स्वामित्व वाले सरकारी बैंक नियमित रूप से अपने विदेशी मुद्रा भंडार का विस्तार कर रहे हैं। बैंकिंग प्रणाली में डॉलर की यह अतिरिक्त उपलब्धता चीनी अधिकारियों को मुद्रा की विनिमय दर को नियंत्रित और स्थिर रखने में मदद कर रही है।
USD/CNY विनिमय दर और RMB का अंतरराष्ट्रीयकरण
पिछले ढाई महीनों के दौरान अमेरिकी डॉलर और चीनी युआन (USD/CNY) की विनिमय दर मुख्य रूप से 6.75 से 6.80 के बीच एक निश्चित दायरे में कारोबार करती रही है। चीनी सरकार और केंद्रीय बैंक की प्राथमिक नीति युआन की विनिमय दर को स्थिर बनाए रखने की रही है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में पारदर्शिता बनी रहे।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में भी युआन इसी 6.75 से 6.80 के दायरे में बना रहेगा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय व्यापार में रेन्मिनबी (RMB) की स्वीकार्यता और उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले युआन में धीमी गति से बढ़त दर्ज होने की संभावना जताई गई है।
कमजोर अमेरिकी GDP और डॉलर में बिकवाली
अमेरिकी मुद्रा में वैश्विक स्तर पर गिरावट का एक मुख्य कारण अमेरिका के दूसरी तिमाही (Q2) के आर्थिक विकास आंकड़े रहे हैं। अमेरिका की शुरुआती Q2 GDP विकास दर 1.5% दर्ज की गई, जो बाजार के 2.1% के अनुमान से काफी कम रही। इस कमजोर आंकड़े ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की गति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
इसके अलावा, बुधवार को फेडरल रिजर्व (Fed) की बैठक के दौरान नीति निर्माताओं के बीच ब्याज दरों को स्थिर रखने पर मतभेद देखने को मिले। इस विभाजन के कारण सितंबर महीने में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं पर अनिश्चितता बन गई है। साथ ही, जापानी येन (JPY) में संभावित सरकारी हस्तक्षेप की अटकलों ने भी डॉलर पर अतिरिक्त दबाव डाला है।
ब्रिटिश पाउंड, यूरो और सोने में तेजी
अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी का सीधा फायदा अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं और संपत्तियों को मिला है
- GBP/USD: ब्रिटिश पाउंड में गुरुवार को जोरदार तेजी देखी गई और यह 1.3450 का स्तर पार करते हुए कई हफ्तों के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.75% पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया। बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) में 6-3 के बहुमत से दरें स्थिर रखने का प्रस्ताव पास हुआ, जबकि 3 सदस्यों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी का समर्थन किया था।
- EUR/USD: अमेरिकी कारोबारी सत्र के दौरान यूरो चढ़कर 1.1530 के आसपास पहुंच गया, जो छह हफ्तों का नया उच्चतम स्तर है।
- सोना (Gold): डॉलर सूचकांक में गिरावट के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत बढ़कर 4,100 डॉलर प्रति औंस के पार चली गई। FOMC बैठक के बाद आई शुरुआती तेजी को डॉलर बरकरार नहीं रख सका, जिससे कीमती धातुओं को मजबूती मिली।



















