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तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में हर व्यक्ति की सालाना कमाई 11.46 लाख रुपये, देश में सबसे आगेव्यापार
6 जुल॰ 2026, 6:33 am (45 दिन पहले)· 2

तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में हर व्यक्ति की सालाना कमाई 11.46 लाख रुपये, देश में सबसे आगे

2024-25 के आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक तेलंगाना का रंगारेड्डी जिला अब भारत का सबसे अमीर जिला बन गया है, जहां हर व्यक्ति की औसत सालाना आय 11.46 लाख रुपये है, जो मुंबई, बेंगलुरु और गुरुग्राम से भी ज्यादा है।

देश के सबसे अमीर जिलों की चर्चा जब भी होती है, जेहन में सबसे पहले मुंबई, दिल्ली या बेंगलुरु जैसे बड़े महानगर आते हैं। लेकिन 2024-25 के आर्थिक सर्वेक्षण से जो आंकड़े सामने आए हैं, उन्होंने इस सोच को पूरी तरह पलट दिया है। तेलंगाना का रंगारेड्डी जिला अब पूरे भारत में सबसे ज्यादा प्रति व्यक्ति आय वाला जिला बन गया है और यहां हर व्यक्ति औसतन 11.46 लाख रुपये सालाना कमा रहा है।

रंगारेड्डी ने कैसे बदली तस्वीर

राष्ट्रीय आय के चार्ट में शीर्ष पर पहुंचकर रंगारेड्डी ने भारत के आर्थिक नक्शे पर एक बिल्कुल नई और मजबूत पहचान बना ली है। यह वही जिला है जो हैदराबाद से सटा हुआ है, लेकिन आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक अब यह अकेले अपने दम पर देश के बड़े और नामी शहरों को पीछे छोड़ चुका है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौड़ में देश की वित्तीय राजधानी मानी जाने वाली मुंबई, आईटी सेक्टर का गढ़ बेंगलुरु और कॉर्पोरेट दुनिया का जाना-पहचाना नाम गुरुग्राम, तीनों ही रंगारेड्डी से पीछे रह गए हैं।

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11.46 लाख रुपये की औसत आय का मतलब

आर्थिक सर्वेक्षण के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक रंगारेड्डी में प्रति व्यक्ति औसत वार्षिक आय 11.46 लाख रुपये दर्ज हुई है, जो देश में सबसे ज्यादा है। यह सिर्फ एक आंकड़ा भर नहीं है, बल्कि यह बताता है कि यहां रहने वाला हर आम नागरिक राष्ट्रीय औसत आय से कहीं बेहतर स्थिति में है। जिले की आर्थिक मजबूती इस बात से भी समझी जा सकती है कि यह आंकड़ा देश के बाकी बड़े शहरों और जिलों के मुकाबले काफी ज्यादा है।

इस उछाल के पीछे असली वजह क्या है

आर्थिक मामलों के जानकार डॉ. शाकिब मोइन के मुताबिक रंगारेड्डी की इस असाधारण तरक्की के पीछे सबसे बड़ी वजह यहां का तेजी से विकसित हो रहा औद्योगिक और तकनीकी ढांचा है। जिले की इस आर्थिक रफ्तार को मुख्य रूप से तीन बातें गति दे रही हैं।

पहला, तकनीक और आईटी सेक्टर। एचआईटीईसी सिटी जैसा देश का बड़ा तकनीकी केंद्र और दुनिया की कई बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विशाल दफ्तर इसी जिले की सीमा में मौजूद हैं। दूसरा, बायोटेक और फार्मास्युटिकल क्षेत्र। एशिया के सबसे बड़े बायोटेक क्लस्टर में गिनी जाने वाली जीनोम वैली यहां की आर्थिक रीढ़ मानी जाती है और इसने दुनियाभर से बड़ा निवेश खींचा है। तीसरा, स्टार्टअप इकोसिस्टम। यह जिला अब नए दौर के स्टार्टअप्स के लिए एक बेहद जीवंत ठिकाना बन चुका है, जिसकी वजह से स्थानीय स्तर पर रोजगार और कमाई के नए नए रास्ते खुले हैं।

सरकार की नीतियां और बुनियादी ढांचे का असर

इन तीन प्रमुख वजहों के अलावा तेलंगाना सरकार की व्यापार को बढ़ावा देने वाली नीतियां, मजबूत बुनियादी ढांचा, लगातार बढ़ता मेट्रो नेटवर्क और रियल एस्टेट बाजार में आई जबरदस्त तेजी भी इस ऐतिहासिक बढ़त के पीछे बड़े उत्प्रेरक साबित हुए हैं। यानी सिर्फ कंपनियों और निवेश ने ही नहीं, बल्कि सरकारी नीतियों और शहरी ढांचे ने भी इस जिले को आगे बढ़ाने में बराबर की भूमिका निभाई है।

देश के सबसे अमीर जिलों की सूची में रंगारेड्डी अव्वल

आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों के आधार पर भारत के शीर्ष पांच सबसे समृद्ध जिलों की जो सूची तैयार हुई है, उसमें रंगारेड्डी 11.46 लाख रुपये प्रति व्यक्ति आय के साथ पहले नंबर पर है। हालांकि इस सूची में शामिल बाकी जिलों के बीच आर्थिक अंतर बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन रंगारेड्डी अपनी स्पष्ट बढ़त की वजह से सबसे आगे नजर आता है।

आगे की राह

विशेषज्ञों की राय है कि तकनीक क्षेत्र में हो रहे भारी निवेश और मजबूत रियल एस्टेट बाजार के दम पर रंगारेड्डी आने वाले लंबे समय तक देश के सबसे मजबूत आर्थिक इंजन के तौर पर अपनी यह बादशाहत बरकरार रख सकता है।

सवाल-जवाब

भारत का सबसे अमीर जिला कौन सा है?
2024-25 के आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक तेलंगाना का रंगारेड्डी जिला भारत का सबसे अमीर जिला है।
रंगारेड्डी में प्रति व्यक्ति औसत आय कितनी है?
यहां हर व्यक्ति की औसत सालाना आय 11.46 लाख रुपये है, जो देश में सबसे ज्यादा है।
यह आंकड़ा किस सर्वेक्षण से आया है?
यह आंकड़ा 2024-25 के आर्थिक सर्वेक्षण के आधिकारिक डेटा से लिया गया है।
रंगारेड्डी ने किन शहरों को पीछे छोड़ा है?
रंगारेड्डी ने प्रति व्यक्ति आय के मामले में मुंबई, बेंगलुरु और गुरुग्राम को पीछे छोड़ दिया है।
रंगारेड्डी की आर्थिक तरक्की के पीछे मुख्य वजहें क्या हैं?
एचआईटीईसी सिटी जैसा आईटी हब, जीनोम वैली नाम का बायोटेक क्लस्टर, मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम और तेलंगाना सरकार की व्यापार अनुकूल नीतियां इसकी मुख्य वजहें हैं।
यह जानकारी किसने दी है?
यह विश्लेषण आर्थिक मामलों के एक्सपर्ट डॉ. शाकिब मोइन ने दिया है।
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