फिरोजाबाद जिले में उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद भी नौकरियों की भागदौड़ में उलझने के बजाय युवाओं का रुझान अब हुनर आधारित स्वरोजगार की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और कौशल विकास पहलों के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में स्थानीय युवाओं को एयर कंडीशनर (एसी) और रेफ्रिजरेटर (फ्रिज) की मरम्मत का संपूर्ण व्यावहारिक ज्ञान बिल्कुल नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे प्रशिक्षण के उपरांत अपनी खुद की वर्कशॉप या व्यापार सफलतापूर्वक शुरू कर सकें।
तकनीकी प्रशिक्षण से युवाओं को मिल रही नई दिशा
ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों के युवा आमतौर पर डिग्री पूरी करने के बाद सरकारी या निजी क्षेत्र की नौकरियों की तैयारी में कई साल लगा देते हैं। हालांकि, बदलती आर्थिक प्राथमिकताओं के कारण कई युवाओं ने तकनीकी कौशल सीखकर स्वयं का उद्यम स्थापित करने का रास्ता चुना है। फिरोजाबाद स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में जिलेभर के युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स और होम एप्लायंसेज रिपेयरिंग के क्षेत्र में पारंगत करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इस केंद्र में चलाए जा रहे 30 दिवसीय विशेष पाठ्यक्रम में अभ्यर्थियों को एसी और फ्रिज की विभिन्न तकनीकी खराबी पहचानने और उन्हें ठीक करने का गहन व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है। संस्थान का मुख्य उद्देश्य युवाओं के कौशल स्तर में वृद्धि करना है ताकि वे पढ़ाई के तुरंत बाद किसी अन्य पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं रोजगारदाता बन सकें।
व्यावहारिक प्रशिक्षण और अभ्यर्थियों का अनुभव
संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे स्थानीय अभ्यर्थी रामकुमार यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि युवाओं को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने के लिए यह पहल बेहद कारगर साबित हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस केंद्र पर एसी और फ्रिज में आने वाली विभिन्न प्रकार की तकनीकी गड़बड़ियों, जैसे कूलिंग की समस्या, कंप्रेसर फॉल्ट और गैस लीकेज को बारीकी से समझाया जा रहा है। रामकुमार यादव ने कहा, "यहां उनको एसी और फ्रिज में आने वाली समस्याओं की बहुत अच्छे से जानकारी दी जा रही है।" उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण के बाद युवा अपनी स्वतंत्र दुकान या सर्विस सेंटर शुरू करने में सक्षम हो जाएंगे।
एक अन्य प्रतिभागी ऋषभ जैन ने बताया कि उन्होंने स्नातक स्तर की शिक्षा पूरी कर ली है और अब वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। जब उन्हें फिरोजाबाद में चल रहे इस नि:शुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत इसमें प्रवेश लिया। ऋषभ जैन के अनुसार, केंद्र में रोजाना नए-नए तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। ऋषभ जैन ने कहा, "ट्रेनिंग पूरी होने के बाद मैं अपनी खुद की दुकान खोलकर बिजनेस शुरू करूंगा।"
सरकारी लोन सहायता और दो साल की हैंडहोल्डिंग
ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के प्रभारी आनंद मोहन ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान का प्राथमिक ध्येय महिलाओं और युवाओं को नए-नए कौशलों में दक्ष बनाकर उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करना है। वर्तमान समय में केंद्र पर 30 दिनों का एसी और फ्रिज रिपेयरिंग प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है, जिसमें जिले के अलग-अलग हिस्सों से युवा भाग ले रहे हैं।
आनंद मोहन ने बताया कि केवल 30 दिनों की क्लासरूम और व्यावहारिक ट्रेनिंग देना ही काफी नहीं है, बल्कि प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद भी युवाओं को अपना बिज़नेस स्थापित करने में पूरी सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा, "प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को अपना रोजगार स्थापित करने के लिए आर्थिक मदद और लोन की सुविधा दी जाती है।" संस्थान अभ्यर्थियों के साथ लगातार दो वर्षों तक संपर्क बनाए रखता है और उन्हें व्यवसाय संचालन में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए प्रेरित करता रहता है। यदि किसी प्रतिभागी को शुरुआती पूंजी की कमी होती है, तो उसे सरकारी योजनाओं के तहत रियायती दरों पर बैंक लोन दिलाने में भी मदद की जाती है।



















