भारतीय शेयर बाजार के स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज (एसएमई) प्लेटफॉर्म पर 27 अगस्त, गुरुवार के कारोबारी सत्र के दौरान सेलेकोर गैजेट्स लिमिटेड के शेयरों में मंदी देखी गई। दोपहर 3:40 बजे तक एनएसई पर कंपनी का शेयर 3.33 फीसदी की गिरावट के साथ 33.55 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था। इस गिरावट के बाद कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 301.43 करोड़ रुपये पर आ गया। सत्र के दौरान मामूली कमजोरी के बावजूद, संस्थागत विश्लेषक कंपनी के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को लेकर काफी उत्साहित हैं। स्वतंत्र ब्रोकरेज फर्म एलएनपीआर रिसर्च ने सेलेकोर गैजेट्स के शेयर पर अपनी कवरेज शुरू करते हुए 'बाय' रेटिंग दी है और 90 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। यह टारगेट प्राइस मौजूदा बाजार मूल्य से लगभग 161 फीसदी की संभावित बढ़त का संकेत देता है।
ट्रेडिंग सत्र का हाल और 52 हफ्तों का दायरा
गुरुवार के कारोबारी सत्र के दौरान सेलेकोर गैजेट्स का शेयर भाव एक निश्चित दायरे में घटता-बढ़ता रहा। कारोबार के दौरान शेयर ने 34.35 रुपये प्रति शेयर का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि मुनाफावसूली के कारण यह 33.35 रुपये प्रति शेयर के निचले स्तर तक भी गिरा। हालांकि, कैलेंडर वर्ष 2026 में अब तक इस शेयर ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। साल 2026 में अब तक इस एसएमई शेयर ने लगभग 15 फीसदी (सटीक रूप से 14.8 फीसदी) का रिटर्न दिया है। एक साल की अवधि में इस शेयर ने लगभग 1.2 फीसदी का रिटर्न दिया है। पिछले एक साल के आंकड़ों को देखें तो शेयर में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। इस स्टॉक ने 11 मई 2026 को अपना 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर 43.85 रुपये प्रति शेयर छुआ था, जबकि 30 मार्च 2026 को यह अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर 21.80 रुपये प्रति शेयर पर आ गया था।
ब्रोकरेज का मूल्यांकन और निवेश तर्क
अपनी शोध रिपोर्ट में एलएनपीआर रिसर्च ने सेलेकोर गैजेट्स के लिए 90 रुपये के बुलिश टारगेट प्राइस के पीछे के कारणों को विस्तार से समझाया है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि कंपनी के मजबूत परिचालन प्रदर्शन और इसके मौजूदा बाजार मूल्यांकन के बीच एक बड़ा अंतर है। एलएनपीआर रिसर्च के अनुसार, सेलेकोर गैजेट्स एक तेजी से बढ़ता कंज्यूमर प्लेटफॉर्म है, जिसे शेयर बाजार में गलत तरीके से एक छोटे व्यापारी के रूप में आंका गया है। विश्लेषकों का मानना है कि जो कंपनियां कम पूंजी में बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क तैयार करती हैं, शेयर बाजार समय-समय पर उनके वैल्यूएशन को दोबारा सकारात्मक रूप से आंकता है।
एसेट-लाइट बिजनेस मॉडल और मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क
सेलेकोर गैजेट्स का मुख्य बिजनेस मॉडल व्यापक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और शीर्ष स्तर की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग पर आधारित है। कंपनी का नेटवर्क देश भर में 25,000 से अधिक पिनकोड तक फैला हुआ है। इसे 1,00,000 से अधिक रिटेल टचपॉइंट्स, 1,800 से अधिक डिस्ट्रीब्यूटर्स और 2,000 से अधिक अधिकृत सर्विस सेंटर्स का समर्थन प्राप्त है। स्वयं के विनिर्माण संयंत्रों में भारी पूंजी लगाने के बजाय, सेलेकोर गैजेट्स अपने उत्पादों का निर्माण डिक्सन, पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट, एलिन और जेटवर्क जैसी प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों से कराता है। अपनी रिपोर्ट में एलएनपीआर रिसर्च ने उल्लेख किया कि यह बिजनेस ढांचा ठीक उसी बोट, नॉइज़ और ट्रांसन आर्किटेक्चर से मेल खाता है, जिसे शेयर बाजार ने पहले भी बार-बार उच्च मूल्यांकन दिया है।
भविष्य के विकास चालक और मेनबोर्ड माइग्रेशन
कई महत्वपूर्ण संरचनात्मक कारण आने वाले समय में सेलेकोर गैजेट्स के शेयर भाव में तेजी ला सकते हैं। इनमें सबसे प्रमुख कंपनी का एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म से एनएसई मेनबोर्ड पर प्रस्तावित माइग्रेशन है। मेनबोर्ड पर जाने से शेयर में तरलता बढ़ेगी और बड़े संस्थागत निवेशकों का ध्यान आकर्षित होगा। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए दिए गए मजबूत राजस्व और लाभ के मार्गदर्शन से कंपनी के मूल्यांकन को सहारा मिल रहा है। प्रमोटरों का मजबूत संरेखण और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार की योजनाएं भी लंबी अवधि के विकास को गति दे रही हैं।
परिचालन जोखिम और चुनौतियां
विकास की अपार संभावनाओं के बीच, विश्लेषकों ने कुछ प्रमुख जोखिमों के प्रति निवेशकों को आगाह भी किया है। सबसे बड़ा परिचालन जोखिम वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही के वित्तीय मार्गदर्शन को पूरा न कर पाने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, इक्विटी डाइल्यूशन का दबाव भी मौजूदा शेयरधारकों के लिए एक चिंता का विषय बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर, अफ्रीका में नए प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन में समय की देरी कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है और राजस्व प्राप्ति को टाल सकती है।



















