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बेगूसराय के इस उत्क्रमित मध्य विद्यालय से निकले पचासों अफसर, हर साल डॉक्टर बनने का अनोखा रिकॉर्डकरियर
9 सित॰ 2026, 3:51 pm (50 दिन पहले)· 4

बेगूसराय के इस उत्क्रमित मध्य विद्यालय से निकले पचासों अफसर, हर साल डॉक्टर बनने का अनोखा रिकॉर्ड

बिहार के बेगूसराय स्थित नयागांव सिंहपुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय ने एक मिसाल पेश की है, जहाँ के 50 से अधिक पूर्व छात्र डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक पदों पर पहुँच चुके हैं।

बिहार के बेगूसराय जिले में स्थित नयागांव सिंहपुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय अपनी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और अभूतपूर्व उपलब्धियों की वजह से पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सामान्य सरकारी परिसरों की तुलना में यह संस्थान अपनी अनूठी शैक्षणिक सफलता की गाथा खुद बयां करता है। स्थानीय ग्रामीण और आस-पास के निवासी इस विद्यालय को अत्यंत सम्मान और प्यार के साथ 'डॉक्टरों का स्कूल' कहकर संबोधित करते हैं। इस विशेष पहचान के पीछे यहाँ से प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की शानदार सफलता है, जिन्होंने चिकित्सा, इंजीनियरिंग और प्रशासनिक सेवाओं में अपनी उत्कृष्ट जगह बनाई है।

सूचना पट्ट पर दर्ज है 50 से अधिक कामयाब पूर्व छात्रों की गाथा

विद्यालय परिसर में कदम रखते ही सबसे पहली नजर यहाँ स्थापित किए गए आधिकारिक सूचना पट्ट पर पड़ती है। यह सूचना पट्ट केवल एक बोर्ड नहीं है, बल्कि इस संस्थान के वर्षों की शैक्षणिक निष्ठा का जीवंत प्रमाण है। इस बोर्ड पर 50 से अधिक ऐसे पूर्व छात्रों के नाम, उनके वर्तमान पद और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दर्ज है, जिन्होंने यहाँ से शिक्षा प्राप्त कर देश के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित किया है। इनमें से कई विद्यार्थियों ने जहाँ चिकित्सा क्षेत्र को अपनी कार्यभूमि बनाया, वहीं अनेक छात्रों ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करके तकनीकी क्षेत्र में नाम कमाया है। इसके अलावा, यहाँ से पढ़े कई छात्र प्रखंड विकास अधिकारी (BDO), अंचल अधिकारी (CO) और अन्य उच्च प्रशासनिक पदों तक पहुँचे हैं।

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एक दशक से हर साल डॉक्टर तैयार करने का अनवरत सिलसिला

आस-पास के ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 10 से भी अधिक वर्षों से इस विद्यालय का शैक्षणिक प्रदर्शन बेहद शानदार और निरंतर रहा है। हर वर्ष इस संस्था के विद्यार्थी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करके मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेते हैं और आगे चलकर योग्य चिकित्सक बनते हैं। गांव के निवासी पवन कुमार सिंह के मुताबिक, इस विद्यालय के लगभग एक दर्जन पूर्व छात्र वर्तमान समय में देश के विभिन्न भागों में चिकित्सक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। गांव में अब यह बात पूरी तरह आम हो चुकी है कि प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष में यहाँ से कम से कम एक या दो विद्यार्थी डॉक्टर बनकर आगे निकलते हैं।

दिल्ली समेत देश के प्रमुख नगरों में सेवाएं दे रहे पूर्व छात्र

यहाँ से अपनी नींव मजबूत करने वाले कई चिकित्सक आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान कायम कर चुके हैं। इनमें डॉ. पंकज सिंह, डॉ. रूबी, डॉ. मंटुन और डॉ. शशि भूषण जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। डॉ. रूबी देश की राजधानी दिल्ली में एक जानी-मानी और प्रतिष्ठित चिकित्सक के रूप में कार्यरत हैं। वहीं, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मंटुन भी दिल्ली के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल कर रहे हैं। इनके साथ ही डॉ. शशि भूषण और डॉ. पंकज सिंह भी अलग-अलग क्षेत्रों में चिकित्सा सेवा के जरिए मानवता की सेवा में समर्पित हैं।

स्थानीय नेतृत्व और ग्रामीणों में गर्व का माहौल

गांव के उप मुखिया नितेश कुमार का कहना है कि इस विद्यालय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ग्रामीण परिवेश से आने वाले बच्चे यहाँ से बुनियादी पढ़ाई पूरी करने के बाद सीधे मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करते हैं। इसी वजह से स्थानीय नागरिक और आसपास के लोग इस शैक्षणिक संस्थान को मात्र एक स्कूल नहीं मानते, बल्कि इसे 'डॉक्टरों का स्कूल' कहकर संबोधित करते हैं। यह विद्यालय बेगूसराय जिले के साथ-साथ पूरे बिहार के सरकारी शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक आदर्श और प्रेरणादायक मिसाल बन चुका है।

सवाल-जवाब

बेगूसराय का नयागांव सिंहपुर विद्यालय क्यों चर्चा में है?
बेगूसराय का नयागांव सिंहपुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय अपने 50 से ज्यादा पूर्व छात्रों के डॉक्टर, इंजीनियर, बीडीओ और सीओ बनने के शानदार रिकॉर्ड के लिए प्रसिद्ध है।
इस स्कूल को 'डॉक्टरों का स्कूल' क्यों कहा जाता है?
पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से हर साल इस सरकारी स्कूल से पढ़े छात्र डॉक्टर बन रहे हैं, इसलिए स्थानीय लोग इसे प्यार से 'डॉक्टरों का स्कूल' कहते हैं।
स्कूल के सूचना पट्ट पर क्या जानकारी दर्ज है?
सूचना पट्ट पर 50 से अधिक ऐसे पूर्व छात्रों के नाम और पद दर्ज हैं जिन्होंने यहाँ पढ़ाई करने के बाद चिकित्सा, इंजीनियरिंग और प्रशासनिक सेवाओं में सफलता पाई।
इस स्कूल से पढ़े कौन से डॉक्टर दिल्ली में सेवाएं दे रहे हैं?
यहाँ की पूर्व छात्रा डॉ. रूबी और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मंटुन दिल्ली के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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