पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के सामशेरगंज इलाके से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बीजेपी कार्यकर्ता सुजीत मंडल की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया है। इस ताजा घटनाक्रम के बाद राज्य में एक बार फिर से कानून व्यवस्था और पुलिस एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सामशेरगंज थाने के पुराना डाकबंगला इलाके में स्थित उसी कमरे में आरोपी को ले जाया गया था जहां सुजीत मंडल की हत्या को अंजाम दिया गया था। आपराधिक घटना के दृश्यों का पुनर्निर्माण यानी सीन रीक्रिएशन कराने के दौरान आरोपी ने पुलिस हिरासत से भागने का गंभीर प्रयास किया, जिसके जवाब में पुलिस ने यह कड़ी कार्रवाई की। फिलहाल इस पूरे संवेदनशील मामले की जांच सीआईडी (CID) द्वारा की जा रही है और इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
घटना का सीन रीक्रिएशन और मुठभेड़ की पूरी कड़ी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले ही सामशेरगंज क्षेत्र के रहने वाले बीजेपी कार्यकर्ता सुजीत मंडल नाम के एक युवक के अचानक लापता होने के बाद उसकी बेहद दर्दनाक तरीके से हत्या कर दी गई थी। हत्यारों ने बेरहमी से उनके शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे और उन्हें अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगा दिया था। इस सनसनीखेज हत्याकांड के आरोप में पुलिस ने मुख्य आरोपी समायून शेख को गिरफ्तार किया था। मंगलवार दोपहर को जांच को आगे बढ़ाते हुए सामशेरगंज थाने के अंतर्गत आने वाले डाकबंगला स्थित उस कमरे में आरोपी को सीन रीक्रिएशन के लिए लाया गया जहां कत्ल हुआ था। इसी प्रक्रिया के दौरान समायून शेख ने मौके का फायदा उठाकर फरार होने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया। इस मुठभेड़ में घायल होने के बाद उसे तुरंत जंगीपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस बड़ी घटना के सामने आने के बाद से ही सामशेरगंज थाने की भारी पुलिस फोर्स और अन्य सुरक्षा बल मौके पर मुस्तैद हैं।
सुजीत मंडल की हत्या और उसके बाद हुए बड़े प्रशासनिक बदलाव
गौरतलब है कि बीते 28 अगस्त को सामशेरगंज के सुजित मंडल बेहद रहस्यमय परिस्थितियों में अचानक लापता हो गए थे। कुछ समय बाद जब उनके शरीर के कटे हुए अंग अलग-अलग जगहों से बरामद हुए, तो पूरे इलाके में भारी सनसनी फैल गई थी और लोगों में भारी आक्रोश देखा गया था। इस भयावह घटना के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगे थे। इसके बाद कड़े तेवर अपनाते हुए प्रशासनिक स्तर पर बड़ी घोषणा के बाद पुलिस विभाग में व्यापक फेरबदल किया गया था। इस कार्रवाई के तहत कुछ पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया था और सामशेरगंज थाने के आईसी (IC) को भी क्लोज कर दिया गया था। साथ ही इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की संपूर्ण जांच का जिम्मा सीआईडी को सौंप दिया गया था। उच्च स्तर पर निर्देश मिलने के बाद सीआईडी ने मामले में तेजी से कार्रवाई शुरू की थी और अब मुख्य आरोपी के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद इलाके में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।



















