देश के प्रतिष्ठित मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले का सपना देख रहे लाखों विद्यार्थियों के लिए आने वाले साल की परीक्षा समयसारिणी को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए में बड़े पैमाने पर चल रहे प्रशासनिक पुनर्गठन के कारण 2027 के आधिकारिक एग्जाम कैलेंडर की घोषणा टलती नजर आ रही है। हालिया विवादों के बाद संस्था में बड़े पदों पर नई तैनातियां न होने से परीक्षा तिथियों को अंतिम रूप देने वाली बैठकें अधर में लटक गई हैं। इसके चलते नीट यूजी और जेईई मेन 2027 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के स्टडी रोडमैप पर सीधा असर पड़ रहा है।
एनटीए में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल और स्टाफ संकट
नीट यूजी परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों और विवादों के बाद शिक्षा मंत्रालय ने टेस्टिंग एजेंसी की कार्यप्रणाली में आमूलचूल बदलाव की प्रक्रिया शुरू की थी। इस व्यापक सुधारात्मक कदम के तहत एनटीए के 47 अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया था, जबकि एजेंसी के अध्यक्ष अपने पद पर बने हुए हैं। इतने बड़े पैमाने पर अधिकारियों की रवानगी के बाद खाली पड़े पदों पर अब तक नई नियुक्तियां पूरी नहीं हो सकी हैं।
इसके अलावा, प्रवेश परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री द्वारा गठित 6 सदस्यीय उच्चस्तरीय टास्क फोर्स नए परीक्षा ढांचे पर काम कर रही है। प्रशासनिक अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण अगस्त महीने में आयोजित होने वाली महत्वपूर्ण बैठकें नहीं हो सकीं, जिनमें आने वाले सत्र की परीक्षाओं की तिथियों की रूपरेखा तय की जानी थी। जब तक नए अधिकारियों का चयन और पदभार ग्रहण नहीं हो जाता, तब तक 2027 के एग्जाम कैलेंडर को अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना बेहद कम दिखाई दे रही है।
एग्जाम कैलेंडर का इतिहास और मौजूदा देरी के कारण
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी हर साल देश भर में लगभग 19 बड़ी प्रवेश परीक्षाएं आयोजित कराती है। इनमें नीट यूजी, जेईई मेन, सीयूईटी और यूजीसी नेट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं शामिल हैं, जिनमें 2 करोड़ से भी अधिक छात्र-छात्राएं हिस्सा लेते हैं। सामान्य प्रक्रिया के तहत, एनटीए नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने से पहले यानी हर साल सितंबर के महीने में आगामी वर्ष का पूरा परीक्षा शेड्यूल जारी कर देता था, ताकि विद्यार्थियों को अपनी तैयारी का पर्याप्त समय मिल सके।
हालांकि, यह नियमित व्यवस्था साल 2023 के बाद से बाधित हो गई। 2024 में हुए विभिन्न परीक्षा विवादों और उसके बाद शुरू हुई जांच प्रक्रियाओं की वजह से वार्षिक कैलेंडर की समयबद्धता पूरी तरह बिगड़ गई। शिक्षा क्षेत्र को उम्मीद थी कि 2026 में 2027 का एग्जाम शेड्यूल तय समय पर यानी सितंबर में घोषित कर दिया जाएगा, लेकिन वर्तमान प्रशासनिक रिक्तियों ने इस उम्मीद पर फिलहाल विराम लगा दिया है।
समय पर परीक्षा समयसारिणी घोषित होना क्यों जरूरी है?
लाखों अभ्यर्थियों के लिए एनटीए का परीक्षा कैलेंडर केवल तारीखों की एक सूची नहीं होता, बल्कि यह उनकी साल भर की रणनीतिक तैयारी का मुख्य आधार होता है। समय पर तिथियां स्पष्ट होने से छात्रों को कई स्तरों पर मदद मिलती है
- तैयारी का सटीक रोडमैप: परीक्षा की तारीख पहले से पता होने पर विद्यार्थी हर विषय के पाठ्यक्रम को पूरा करने, मॉक टेस्ट देने और अंतिम रिवीजन का सही खाका तैयार कर पाते हैं।
- नीट यूजी का सीबीटी मोड में परिवर्तन: नीट यूजी 2027 को पारंपरिक पेन और पेपर मोड के बजाय कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) मोड में आयोजित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत परीक्षा 1 दिन के स्थान पर 5 से 6 दिनों तक अलग-अलग शिफ्ट में चल सकती है। इतने बड़े पैमाने पर ऑनलाइन शिफ्ट संचालन के लिए छात्रों को पहले से मानसिक तैयारी और कंप्यूटर अभ्यास की आवश्यकता होगी।
- बोर्ड परीक्षाओं से टकराव का बचाव: जेईई मेन और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तिथियों में कोई टकराव न हो, इसके लिए भी परीक्षा शेड्यूल का समय पर आना अत्यंत आवश्यक माना जाता है।
अभ्यर्थियों के लिए विशेषज्ञों की सलाह और आगे की राह
प्रशासनिक प्रक्रियाओं और बैठकों में हो रही इस देरी के बीच शिक्षा विशेषज्ञों ने प्रतियोगी छात्रों को धैर्य रखने और अपनी पढ़ाई की गति न धीमी करने का परामर्श दिया है। 6 सदस्यीय टास्क फोर्स परीक्षा सुधारों की रूपरेखा पर तेजी से काम कर रही है, और जल्द ही खाली पदों पर नई नियुक्तियां पूरी होने की उम्मीद है।
जैसे ही एनटीए में प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह बहाल हो जाएगा, 2027 की सभी प्रवेश परीक्षाओं के लिए आधिकारिक तिथियों की घोषणा कर दी जाएगी। तब तक अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देकर अपने निर्धारित पाठ्यक्रम और नियमित रिवीजन पर ध्यान केंद्रित रखें।



















