दौसा जिले के बांदीकुई जंक्शन पर रेलवे की गंभीर लापरवाही के कारण एक भीषण दुर्घटना हो गई, जिसमें हरियाणा से आए एक श्रद्धालु की जान चली गई। स्टेशन परिसर में बने फुट ओवरब्रिज का रखरखाव ठीक न होने की वजह से एक भारी भरकम लोहे का एंगल अचानक नीचे प्लेटफॉर्म पर आ गिरा। इस घटना ने रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा के इंतजामों की पोल खोल दी है और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मध्यरात्रि को घटी इस घटना के बाद से पूरे रेलवे स्टेशन पर कोहराम मच गया और यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
परिवार के साथ लौट रहे थे सुरेंद्र कुमार
हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान सुरेंद्र कुमार जाट के तौर पर हुई है, जो हरियाणा के झज्जर जिले के निवासी थे। सुरेंद्र कुमार अपने पूरे परिवार के साथ प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन करने के लिए राजस्थान आए हुए थे। भगवान के दर्शन करने के बाद यह पूरा परिवार हंसी-खुशी अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए बांदीकुई जंक्शन पहुंचा था। किसी को इस बात का आभास तक नहीं था कि कुछ ही पलों में यह खुशी मातम में बदल जाएगी और घर वापसी की यह यात्रा उनकी आखिरी यात्रा साबित होगी।
रात एक बजे प्लेटफॉर्म पर हुआ हादसा
यह भयानक दुर्घटना रात के ठीक एक बजे के आसपास की बताई जा रही है। सुरेंद्र कुमार अपने परिजनों के साथ बांदीकुई जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर खड़े होकर अपनी गाड़ी के आने का इंतजार कर रहे थे। उसी दौरान ऊपर बने फुट ओवरब्रिज से लगभग 25 फीट लंबा लोहे का भारी एंगल अचानक नीचे आ गिरा। यह लोहे का बड़ा टुकड़ा सीधे सुरेंद्र कुमार के ऊपर आ गिरा, जिसके नीचे दबने से उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
बाल-बाल बचे अन्य लोग, रेलवे प्रशासन में मचा हड़कंप
जिस समय यह दुर्घटना हुई, उस वक्त प्लेटफॉर्म पर और भी कई यात्री मौजूद थे। यह गनीमत रही कि वह भारी एंगल किसी अन्य व्यक्ति पर नहीं गिरा, वरना एक बहुत बड़ा हादसा हो सकता था और कई लोगों की जान जा सकती थी। आसपास खड़े अन्य लोग बाल-बाल बच गए। इस भयंकर घटना के तुरंत बाद स्टेशन परिसर में दहशत फैल गई और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। खबर मिलते ही जीआरपी और रेलवे के तमाम बड़े अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी इस पहलू की जांच कर रहे हैं कि आखिर वह भारी एंगल अचानक कैसे गिरा और इस लापरवाही के लिए कौन दोषी है।


















