जोधपुर के मसूरिया क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध बाबा रामदेव मंदिर में बाबा की बीज के पावन पर्व पर आज सुबह से ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। अहले सुबह से ही मंदिर परिसर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं और पूरा इलाका बाबा रामदेव के जयकारों से गूंज उठा। गुरु बालीनाथ जी की समाधि वाले मंदिर में विशेष पूजा-पाठ और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सुबह 4:15 बजे 108 ज्योतों की रोशनी के साथ बाबा रामदेव जी की भव्य महाआरती संपन्न की गई। इस पावन अवसर पर पूरा मंदिर परिसर पूरी तरह भक्ति के रंग में रंगा नजर आया और हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
फूलों से सजा मंदिर और दूर-दूर से पहुंचे भक्त
मंदिर ट्रस्ट से जुड़े नरेंद्र ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि बीज के इस खास अवसर के मद्देनजर बाबा रामदेव जी और उनके गुरु बालीनाथ जी के मंदिर को बेहद आकर्षक फूलों से सजाया गया है। सुबह तड़के से ही राजस्थान के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों से आए श्रद्धालु दर्शन के लिए कतारों में खड़े दिखाई दिए। ऐसी मान्यता है कि बाबा रामदेव जी के दर्शन करने से पहले गुरु बालीनाथ जी के दर्शन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मसूरिया मंदिर में वर्षों से जल रही अखंड ज्योत के दर्शन करने के लिए भी भारी संख्या में लोग पहुंचे हैं।
मंदिर शिखर पर होगा ध्वजारोहण
महाआरती के बाद आज सुबह 11 बजे मंदिर के शिखर पर पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बाबा रामदेव जी की ध्वजा फहराई जाएगी। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान शहर के कई गणमान्य नागरिक और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। ट्रस्ट से जुड़े नरेंद्र ने बताया कि बीज के इस विशेष अवसर पर देशभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु जोधपुर पहुंच रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए ट्रस्ट के स्वयंसेवक लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं और मुस्तैद हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और रामदेवरा की ओर प्रस्थान
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक और कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों के जरिए च चप्पे पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, और इसके साथ ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष टीमों को भी तैनात किया गया है। भक्तों की सहूलियत के लिए बैरिकेडिंग, छाया, पेयजल और चिकित्सा सेवाओं की पूरी व्यवस्था की गई है। मसूरिया में दर्शन और महाआरती संपन्न होने के बाद अब बड़ी संख्या में पैदल यात्री अपने हाथों में ध्वजाएं थामे बाबा रामदेव की जन्मस्थली रामदेवरा की तरफ रवाना होंगे। मंदिर परिसर से बाहर निकलते श्रद्धालुओं के जयकारों और हाथों में लहराती झंडियों ने बीज के इस पर्व को और अधिक भव्य बना दिया है।



















