राजस्थान के अलवर जिले के अरावली विहार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोती नगर नाले के पास एक भीषण दुर्घटना में तीन बाइक सवार युवकों की जान चली गई। यह घटना इतनी डरावनी और जोरदार थी कि इसने आसपास के पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। तेज गति से आ रही एक अनियंत्रित कार ने सड़क पर चल रही मोटरसाइकिल को पीछे से जबरदस्त टक्कर मार दी। इस जबरदस्त भिड़ंत के परिणाम स्वरूप तीनों युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। टक्कर का असर इतना भयंकर था कि पास स्थित नाले की पांच फीट ऊंची मजबूत दीवार पूरी तरह से धराशायी हो गई। इस हादसे के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कार में सवार लोग मौके से वाहन छोड़कर भाग खड़े हुए। पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि यह महज एक सड़क दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई सोची-समझी साजिश छिपी हुई है।
मृतकों की हुई पहचान और परिजनों का गंभीर आरोप
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई और प्रशासनिक अधिकारी फौरन मौके पर पहुंच गए। सिटी सीओ राजेश कसाना और अरावली विहार थाना प्रभारी सुनील टांक ने स्थिति का जायजा लेते हुए मृतकों की आधिकारिक शिनाख्त की। इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान जितेंद्र उर्फ छोटू, युवराज उर्फ युवी और हिमांशु के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार जितेंद्र के पिता का नाम बजरंग सिंह राजपूत है और वह चोर डूंगरी का रहने वाला था। युवराज के पिता का नाम नेमीचंद सैनी है तथा वह तहसीलदार कॉलोनी के चोर डूंगरी इलाके का निवासी था। वहीं तीसरे युवक हिमांशु के पिता का नाम धर्मेंद्र शर्मा है और वह काला कुआं का रहने वाला था। इन तीनों शवों का आज पोस्टमार्टम कराया जा रहा है ताकि मौत के असली कारणों की चिकित्सकीय पुष्टि हो सके।
पुरानी रंजिश और हत्या का सनसनीखेज दावा
इस हादसे के बाद मामला तब पूरी तरह से एक नया मोड़ ले बैठा जब मृतकों के परिजनों ने इसे सामान्य दुर्घटना मानने से साफ इंकार कर दिया। जान गंवाने वाले युवकों में से एक युवराज अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसके पिता नेमीचंद सैनी ने जिला अस्पताल में मीडिया के सामने यह गंभीर बयान दिया कि उनके बच्चे को एक सुनियोजित साजिश के तहत मौत के घाट उतारा गया है। पिता ने बताया कि युवराज अपने दो जिगरी दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर मोती नगर में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार प्रेमचंद के घर जा रहा था। परिजनों का यह भी कहना है कि युवराज का स्थानीय कॉलोनी के कुछ विशेष युवकों के साथ पुराना विवाद चल रहा था। इस पुराने झगड़े में सचिन मीणा और कुछ अन्य लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ा संदेह इस बात पर जताया जा रहा है कि जिस वाहन ने उनकी बाइक को कुचला, वह कार आधिकारिक तौर पर उसी सचिन मीणा के नाम पर रजिस्टर्ड पाई गई है। परिवार का सीधा दावा है कि इसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए जानबूझकर वाहन से पीछे से टक्कर मारी गई।
हादसे के बाद कार छोड़कर फरार हुए आरोपी
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की शुरुआती जानकारियों के मुताबिक दुर्घटना के वक्त उस चार पहिया वाहन के अंदर चार से पांच लोग सवार थे। टक्कर इतनी खतरनाक थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें लगे दोनों एयरबैग तुरंत खुल गए। इस भयानक हादसे को अंजाम देने के बाद वाहन में मौजूद सभी लोग मौके पर ही गाड़ी छोड़कर फरार हो गए। इस दर्दनाक खबर के फैलते ही देर रात सामान्य अस्पताल परिसर में मृतकों के परिवारजनों, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों का भारी जमावड़ा लग गया। परिजनों ने मृतकों के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि युवराज ने दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी और वह ताइक्वांडो का एक बेहतरीन खिलाड़ी होने के साथ-साथ एक होटल में काम भी करता था। वहीं दूसरा युवक जितेंद्र अपने तीन भाइयों में बीच का था और उसने आठवीं तक की पढ़ाई के बाद एक होटल तथा रंगोली गार्डन में काम संभाल रखा था। तीसरा युवक हिमांशु अपने दो भाइयों में सबसे बड़ा था और पेशे से एक भजन गायक यानी सिंगर के रूप में अपनी पहचान रखता था। ये तीनों युवक बचपन से ही बेहद गहरे दोस्त थे और अपना अधिकांश समय एक साथ ही बिताया करते थे।
मोड़ पर अनियंत्रित हुई गाड़ी और गहरे नाले में गिरे युवक
घटनाक्रम का ब्योरा देते हुए चश्मदीदों ने बताया कि काली मोरी फाटक की दिशा से एक मोटरसाइकिल और एक कार अत्यधिक तेज गति में लक्ष्मी नगर की तरफ आगे बढ़ रहे थे। स्थिति यह थी कि सड़क पर आगे-आगे मोटरसाइकिल चल रही थी और उसके ठीक पीछे वह तेज रफ्तार कार चल रही थी। जब वाहन काली मोरी जीएसएस के पीछे स्थित बाउंड्री के कोने के पास पहुंचे तो वहां एक बहुत तीखा और खतरनाक घुमाव था, जिसके दूसरी तरफ एक गहरा नाला मौजूद है। इस मोड़ पर अत्यधिक रफ्तार के कारण बाइक चालक अपना नियंत्रण खो बैठा और पीछे से आ रही गाड़ी ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। एक बहुत तेज धमाका हुआ और वाहन सीधे नाले की दीवार से जा टकराया, जिससे दीवार के परखच्चे उड़ गए और वह पूरी तरह टूट गई। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मोटरसाइकिल पर सवार तीनों युवक उछलकर सीधे उस गहरे नाले के अंदर जा गिरे। इस मामले में पुलिस अब दो अलग-अलग मुख्य बिंदुओं पर अपनी तफ्तीश आगे बढ़ा रही है। एक तरफ जहां पुलिस इस पूरी घटना की भौगोलिक परिस्थितियों और ट्रैफिक के हालात को परख रही है, वहीं दूसरी तरफ परिजनों द्वारा लगाए गए सुनियोजित हत्या के गंभीर आरोपों की भी सघन जांच की जा रही है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि कार का असली मालिक कौन था, हादसे के वक्त उसमें कौन-कौन लोग मौजूद थे और क्या वाकई इस दुर्घटना के पीछे कोई पुराना आपसी विवाद और साजिश थी।


















