जमुई जिला मुख्यालय का कुमार कालिका मेमोरियल कॉलेज, जिसे स्थानीय लोग केकेएम कॉलेज के नाम से पुकारते हैं, सिर्फ एक साधारण शिक्षण संस्थान नहीं है बल्कि पूरे जिले की सांस्कृतिक और शैक्षणिक पहचान का आधार स्तंभ है। पिछले कई दशकों से इस संस्थान को इलाके के सबसे बड़े महाविद्यालय का गौरव हासिल है, जहां हर साल बड़ी तादाद में नौजवान उच्च शिक्षा की अपनी उम्मीदें लेकर पहुंचते हैं।
स्वतंत्रता सेनानी की स्मृति और स्थापना का सफर
इस ऐतिहासिक संस्थान की नींव साल 1955 में रखी गई थी। इलाके के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी कुमार कालिका सिंह की याद को संजोए रखने के उद्देश्य से इस महाविद्यालय का निर्माण कराया गया था। कुमार कालिका सिंह का देश की आजादी की लड़ाई में अहम योगदान रहा था और स्वाधीनता संग्राम के दौरान उन्हें कई बार जेल की यातनाएं भी सहनी पड़ी थीं। उनके इसी त्याग और बलिदान को चिरस्थायी सम्मान देने के लिए इस कॉलेज की स्थापना की गई थी।
विश्वविद्यालय संबद्धता और शैक्षणिक दायरा
वर्तमान समय में यह कॉलेज मुंगेर यूनिवर्सिटी से संबद्ध होकर अपनी शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन कर रहा है। इससे पहले, यानी साल 2018 से पूर्व, इस संस्थान की संबद्धता तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) से हुआ करती थी। प्रशासनिक फेरबदल के बाद यह मुंगेर यूनिवर्सिटी के अधिकार क्षेत्र में आया। जमुई में उच्च अध्ययन के एक सशक्त केंद्र के तौर पर पहचान बनाने वाले इस संस्थान में अलग-अलग संकायों और विषयों की विधिवत शिक्षा दी जाती है, जिससे ग्रामीण व शहरी दोनों पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को सहूलियत मिलती है।
विशाल परिसर, खेल मैदान और बुनियादी ढांचा
संस्थान का कुल क्षेत्रफल काफी व्यापक है, जहां एक भव्य मुख्य भवन स्थापित किया गया है। इसके अलावा प्रशासनिक कार्यों के लिए अलग भवन, विभिन्न विभागों के लिए आधुनिक क्लासरूम, अकादमिक परिचर्चाओं के लिए सेमिनार हॉल और एक समृद्ध पुस्तकालय की व्यवस्था यहां मौजूद है। पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक विकास को ध्यान में रखते हुए खेलकूद के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। कॉलेज परिसर के भीतर एक बड़ा खेल मैदान स्थित है, जहां साल भर तरह-तरह की खेल प्रतियोगिताएं चलती रहती हैं। इस मैदान पर कई जिला स्तरीय और राज्य स्तरीय खेल आयोजनों का भी सफल संचालन होता रहा है।
दूर-दराज के छात्रों का केंद्र और इग्नू की सुविधा
केकेएम कॉलेज परिसर में जमुई जिले का इग्नू सेंटर भी संचालित किया जाता है, जिसके जरिए दूरस्थ शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों की एक बहुत बड़ी संख्या यहां नामांकित रहती है। एक जमाना ऐसा था जब इस कॉलेज का शैक्षणिक दबदबा इतना था कि जमुई के अतिरिक्त लखीसराय और शेखपुरा जैसे पड़ोसी जिलों से भी छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण करने यहीं आया करते थे। हालांकि बदलते वक्त के साथ लखीसराय और शेखपुरा में नए कॉलेज खुल गए, जिसके चलते अब मुख्य रूप से जमुई जिले के ही छात्र यहां दाखिला लेते हैं। इसके बावजूद संस्थान का आकर्षण कम नहीं हुआ है और यहां नामांकन पाना आज भी स्थानीय छात्र-छात्राओं का बड़ा सपना माना जाता है। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए परिसर में कई सरकारी छात्रावास भी चलाए जाते हैं, जहां रहकर छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं।



















