देश के राजमार्ग इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण कार्य को अधिक गति और गुणवत्ता देने के मकसद से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अपने भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इस नई नीति के तहत फील्ड में तैनात होने वाले अनुभवी साइट इंजीनियरों और यंग प्रोफेशनल्स के लिए 1.5 लाख रुपये प्रति माह का आकर्षक मानदेय तय किया गया है। निर्माण स्थलों पर तकनीकी दक्षता बढ़ाने और प्रतिभाशाली प्रोफेशनल्स को लंबे समय तक रोके रखने के लिए यह कदम उठाया गया है, जिससे सिविल इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले युवाओं को एक बड़ा अवसर मिलेगा।
वेतन ढांचे में बड़ा सुधार और नई दरें
राजमार्ग निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट्स में काम का माहौल काफी चुनौतीपूर्ण होता है और पूर्व में साइट इंजीनियरों के लिए कोई तय या संतोषजनक वेतन व्यवस्था मौजूद नहीं थी। उचित पारिश्रमिक न मिलने के कारण कई कुशल तकनीकी विशेषज्ञ फील्ड में काम करने अथवा लंबी अवधि तक टिकने से बचते थे। इसी कमी को दूर करने के लिए प्राधिकरण ने पांच साल का न्यूनतम फील्ड अनुभव रखने वाले साइट इंजीनियरों और यंग प्रोफेशनल्स का वेतन सीधे 1.5 लाख रुपये प्रति माह निर्धारित कर दिया है। इस निश्चित वेतन से कार्यस्थल पर मौजूद तकनीकी टीमों का मनोबल बढ़ेगा और सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता नियंत्रण के साथ प्रोजेक्ट की निगरानी अधिक सटीक तरीके से हो सकेगी।
स्किल ब्रिज डिजिटल पोर्टल से निष्पक्ष चयन
भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और पूरी तरह मेरिट पर आधारित बनाने के लिए प्राधिकरण ने ‘स्किल ब्रिज’ नाम से एक नया डिजिटल पोर्टल तैयार किया है। इस डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से उम्मीदवारों को किसी भी कार्यालय का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे सीधे पोर्टल पर अपना आवेदन जमा कर सकेंगे। आवेदन पत्रों की प्राथमिक जांच के बाद उम्मीदवारों को एक कठिन इंटरव्यू से गुजरना होगा, जिसमें उनके तकनीकी ज्ञान, साइट मैनेजमेंट की समझ और जमीनी स्तर के व्यावहारिक अनुभव की बारीकी से जांच की जाएगी। इस कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया में सफल होने वाले इंजीनियरों को ही अंतिम पैनल में स्थान दिया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की सिफारिश की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
पांच वर्ष का प्रोजेक्ट आधारित अनुबंध
इस नई नीति के अंतर्गत होने वाली नियुक्तियां शॉर्ट टर्म कॉन्ट्रैक्ट और संबंधित प्रोजेक्ट की जरूरतों पर आधारित होंगी। किसी भी चयनित इंजीनियर के लिए इस अनुबंध की अधिकतम सीमा पांच वर्ष तय की गई है। यद्यपि यह कोई स्थायी सरकारी पद नहीं है, लेकिन देश के विशाल हाईवे नेटवर्क के निर्माण में पांच साल तक सक्रिय भूमिका निभाना और हर महीने 1.5 लाख रुपये का वेतन पाना किसी भी सिविल इंजीनियर के करियर को मजबूत आधार देगा। बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में काम करने का यह व्यावहारिक अनुभव भविष्य में कई नए रास्ते खोलेगा।
कंसल्टेंसी क्षेत्र में बीस प्रतिशत आरक्षण का नया प्रावधान
प्राधिकरण ने अपने साथ पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले प्रोफेशनल्स के आगे के करियर की सुरक्षा का भी पुख्ता इंतजाम किया है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, हाईवे निर्माण परियोजनाओं में तकनीकी सलाह देने वाली कंपनियों, जिनमें अथॉरिटी इंजीनियर और इंडिपेंडेंट इंजीनियर की टीमें शामिल हैं, के लिए कम से कम 20 प्रतिशत पद इन्हीं अनुभवी साइट इंजीनियरों में से भरना अनिवार्य कर दिया गया है। इस अनिवार्य कोटे की वजह से सरकारी प्रोजेक्ट का अनुबंध खत्म होने के बाद भी प्राइवेट कंसल्टेंसी सेक्टर में इन इंजीनियरों के लिए आकर्षक पैकेज और रोजगार के अवसर उपलब्ध रहेंगे।
सड़क की मजबूती और सुरक्षा मानकों में बदलाव
फील्ड स्तर पर तकनीकी निगरानी का अभाव होने के कारण कई बार नई निर्मित सड़कों पर समय से पहले टूट-फूट देखने को मिलती है। अब प्रत्येक निर्माण स्थल पर उच्च वेतन वाले अनुभवी इंजीनियरों की निरंतर मौजूदगी रहने से निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर कड़ा अंकुश रहेगा। तकनीकी मानकों के अनुसार काम होने से हाईवे की ड्रेनेज व्यवस्था, सतह की मजबूती और सड़क सुरक्षा में दीर्घकालिक सुधार आएगा, जिससे देश भर में बनने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग अधिक टिकाऊ बनेंगे।



















