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प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में MBBS फीस 17.13 लाख रुपये तक बढ़ी, जानिए सबसे सस्ते और महंगे संस्थानकरियर
7 अग॰ 2026, 6:44 pm (82 दिन पहले)· 3

प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में MBBS फीस 17.13 लाख रुपये तक बढ़ी, जानिए सबसे सस्ते और महंगे संस्थान

फीस रेगुलेटरी अथॉरिटी ने नीट यूजी 2026 काउंसिलिंग से ठीक पहले प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की सालाना ट्यूशन फीस 7.50 लाख से बढ़ाकर 17.13 लाख रुपये तक तय कर दी है।

डॉक्टर बनने का सपना देख रहे लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए एक बड़ी वित्तीय चुनौती सामने आई है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) 2026 की काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले फीस रेगुलेटरी अथॉरिटी (FRA) ने राज्य के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की नई फीस संरचना को मंजूरी दे दी है। इस नए रेट कार्ड के लागू होने से प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस (MBBS) की सालाना ट्यूशन फीस में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी सीट हासिल न कर पाने वाले या कम स्कोर लाने वाले छात्रों के लिए अब निजी कॉलेजों की पढ़ाई का बजट काफी बढ़ गया है, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों पर एजुकेशन लोन और अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ गया है।

प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों का नया फीस ढांचा

फीस रेगुलेटरी अथॉरिटी द्वारा स्वीकृत दरों के अनुसार, विभिन्न प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम की सालाना फीस अब 7.50 लाख रुपये से लेकर 17.13 लाख रुपये के बीच तय की गई है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इस शुल्क राशि में केवल ट्यूशन फीस और डेवलपमेंट फंड शामिल हैं। हॉस्टल, मेस, सुरक्षा जमा राशि और अन्य प्रशासनिक शुल्क इसमें शामिल नहीं किए गए हैं। इन अतिरिक्त खर्चों को जोड़ने के बाद छात्रों का सालाना कुल खर्च और अधिक हो जाता है, जिससे नीट क्वालीफाई कर चुके अभ्यर्थियों की वित्तीय योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

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सबसे महंगे संस्थानों की विस्तृत सूची

जारी की गई नई फीस दरों में पालघर स्थिति वेदांता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज सबसे महंगे संस्थान के रूप में उभरा है, जहां की वार्षिक ट्यूशन फीस 17.13 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसके अलावा नागपुर के एनकेपी साल्वे इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की फीस में 1.67 लाख रुपये की सीधी वृद्धि की गई है, जिससे यहां की सालाना फीस 13.95 लाख रुपये से बढ़कर 15.62 लाख रुपये हो गई है।

इसी क्रम में नवी मुंबई के टेरना मेडिकल कॉलेज में ट्यूशन फीस 7.90 लाख रुपये से बढ़ाकर 9.13 लाख रुपये कर दी गई है। नासिक स्थित वसंतराव पवार मेडिकल कॉलेज ने अपनी वार्षिक फीस 11.96 लाख रुपये से बढ़ाकर 13.16 लाख रुपये कर दी है। इसके अलावा अमरावती के डॉ. राजेंद्र गोडे मेडिकल कॉलेज की वार्षिक फीस में लगभग 1.82 लाख रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद अब यहां की सालाना फीस 8.93 लाख रुपये पहुंच गई है।

किफायती विकल्प और फीस में कटौती वाले संस्थान

हालांकि अधिकांश निजी संस्थानों ने अपनी दरों में बढ़ोतरी की है, लेकिन कुछ कॉलेजों में फीस तुलनात्मक रूप से कम बनी हुई है। पुणे स्थित भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में सबसे कम ट्यूशन फीस दर्ज की गई है, जो 7.50 लाख रुपये प्रतिवर्ष है। इसके साथ ही सिंधुदुर्ग का एसएसपीएम मेडिकल कॉलेज 7.64 लाख रुपये सालाना फीस के साथ एक अन्य किफायती विकल्प के रूप में सामने आया है।

इसके विपरीत, मुंबई के केजे सोमैया मेडिकल कॉलेज ने अपने शुल्क में राहत दी है। संस्थान ने अपनी वार्षिक ट्यूशन फीस को 12 लाख रुपये से घटाकर 9.70 लाख रुपये कर दिया है, जिससे यहां दाखिला लेने वाले छात्रों को वित्तीय मोर्चे पर राहत मिलेगी।

अतिरिक्त खर्च और 5.5 साल के कोर्स का कुल गणित

एमबीबीएस पाठ्यक्रम में साढ़े चार साल का शैक्षणिक अध्ययन और एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल होती है, जिससे पूरे कोर्स की अवधि 5.5 वर्ष हो जाती है। ट्यूशन फीस में प्रतिवर्ष हुई यह वृद्धि पूरे 5.5 वर्षों के दौरान किसी भी छात्र के कुल बजट में 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक का अतिरिक्त बोझ जोड़ देती है।

अभिभावक प्रतिनिधियों और शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जब ट्यूशन फीस के साथ हॉस्टल, मेस और अन्य विविध शुल्कों को जोड़ा जाता है, तो प्राइवेट कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई का कुल सालाना खर्च 22 लाख रुपये से 25 लाख रुपये के पार चला जाता है। अभिभावक संघों ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई है कि बुनियादी ढांचे या सुविधाओं में बिना किसी विशेष सुधार के हर साल फीस में इतनी बड़ी बढ़ोतरी की जा रही है।

सवाल-जवाब

फीस रेगुलेटरी अथॉरिटी की नई लिस्ट के अनुसार सबसे महंगा प्राइवेट मेडिकल कॉलेज कौन सा है?
पालघर स्थित वेदांता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज सबसे महंगा कॉलेज है, जिसकी सालाना ट्यूशन फीस 17.13 लाख रुपये तय की गई है।
एमबीबीएस के लिए सबसे कम फीस वाला प्राइवेट मेडिकल कॉलेज कौन सा है?
पुणे का भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज 7.50 लाख रुपये सालाना फीस के साथ सबसे किफायती प्राइवेट कॉलेज है।
किस मेडिकल कॉलेज ने अपनी फीस में कटौती की है?
मुंबई स्थित केजे सोमैया मेडिकल कॉलेज ने अपनी ट्यूशन फीस 12 लाख रुपये से घटाकर 9.70 लाख रुपये सालाना कर दी है।
एमबीबीएस कोर्स की पूरी अवधि में फीस बढ़ोतरी का कुल कितना असर पड़ेगा?
साढ़े पांच साल के पूरे एमबीबीएस कोर्स (4.5 साल पढ़ाई + 1 साल इंटर्नशिप) के दौरान छात्रों पर 5 लाख से 10 लाख रुपये तक का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
ट्यूशन फीस के अलावा हॉस्टल और अन्य खर्चे मिलाकर सालाना बजट कितना हो जाता है?
ट्यूशन फीस, हॉस्टल, मेस और अन्य चार्ज जोड़ने पर प्राइवेट कॉलेज से एमबीबीएस का कुल सालाना बजट 22 लाख से 25 लाख रुपये के पार चला जाता है।
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