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उत्तराखंड समेत कई राज्यों में 30 जुलाई को भारी बारिश से स्कूल बंद, जानिए अपडेट जांचने के सही तरीकेकरियर
30 जुल॰ 2026, 8:16 am (91 दिन पहले)· 3

उत्तराखंड समेत कई राज्यों में 30 जुलाई को भारी बारिश से स्कूल बंद, जानिए अपडेट जांचने के सही तरीके

30 जुलाई 2026 को मूसलाधार मानसूनी बारिश के चलते उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। जानिए अपने क्षेत्र में स्कूलों की छुट्टी से संबंधित आधिकारिक जानकारी प्राप्त करने और सोशल मीडिया की अफवाहों से बचने के उपाय।

देशभर में जुलाई के अंतिम दिनों में मानसूनी बारिश का दौर काफी तीव्र हो गया है, जिसके चलते 30 जुलाई 2026 को कई राज्यों के विभिन्‍न जिलों में स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। सुबह के समय मूसलाधार बारिश और सड़कों पर जलजमाव को देखकर बच्चों तथा उनके अभिभावकों के सामने सबसे पहली चिंता यही आती है कि आज स्कूल खुलेंगे या बंद रहेंगे। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहाड़ी क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस स्थिति में जिला प्रशासनों ने एहतियाती कदम उठाते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश की घोषणा की है।

पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में स्कूलों की छुट्टी का ब्यौरा

पहाड़ी राज्यों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन और नदी-नालों के उफान पर आने का जोखिम अत्यधिक बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड प्रशासन ने राज्य के संवेदनशील जिलों में कड़े कदम उठाए हैं। बागेश्वर तथा टिहरी गढ़वाल जिलों में भारी बारिश की चेतावनी के बाद कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में 30 जुलाई को अवकाश घोषित किया गया है। इसके अलावा देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार और चंपावत जिलों में भी स्थानीय जिला प्रशासन ने मौसम के बिगड़ते मिजाज को देखते हुए कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों में छुट्टी के निर्देश जारी किए हैं। वहीं पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भी मूसलाधार वर्षा और प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के कारण विद्यालयों को बंद रखा गया है।

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ओडिशा, असम, महाराष्ट्र और गुजरात में जलभराव के बीच स्कूल बंद

मैदानी और तटीय राज्यों में भी मानसून की स्थिति गंभीर बनी हुई है। ओडिशा और असम के कई जिलों में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिसके चलते जलभराव वाले क्षेत्रों में विद्यालयों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। महाराष्ट्र और गुजरात के प्रभावित इलाकों में भी स्थानीय प्रशासन ने जलजमाव और आवागमन की समस्याओं को देखते हुए स्कूलों में अवकाश के आदेश जारी किए हैं। इसके विपरीत दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश तथा पंजाब के अधिकांश जिलों में जहां स्थिति सामान्य है या केवल हल्की बूंदाबांदी हो रही है, वहां सभी स्कूल नियमित रूप से खुले हुए हैं और पठन-पाठन का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है।

स्कूल खुला है या बंद? आधिकारिक स्थिति जांचने के 4 प्रभावी माध्यम

बारिश के दिनों में सुबह-सुबह असमंजस से बचने के लिए अभिभावक और छात्र निम्नलिखित प्रामाणिक माध्यमों की मदद से छुट्टी की पुष्टि कर सकते हैं

  • स्कूल का आधिकारिक व्हाट्सऐप ग्रुप: वर्तमान में अधिकांश विद्यालयों में कक्षावार आधिकारिक व्हाट्सऐप ग्रुप बने होते हैं। यदि जिला प्रशासन द्वारा छुट्टी की घोषणा की जाती है, तो विद्यालय प्रबंधन सबसे पहले कक्षा अध्यापकों के माध्यम से इसी ग्रुप में आधिकारिक सूचना साझा करता है।
  • जिलाधिकारी (DM/DC) का ऑफिशियल X हैंडल: जब भी भारी वर्षा के कारण किसी जिले में प्रशासनिक छुट्टी दी जाती है, तो उस जिले के जिलाधिकारी या जिला जनसंपर्क कार्यालय के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर सबसे पहले हस्ताक्षरित आदेश पत्र जारी किया जाता है।
  • स्थानीय समाचार वेबसाइट्स: अपने शहर अथवा राज्य के प्रमुख समाचार पोर्टलों का स्थानीय समाचार अनुभाग देखें, जहां बारिश तथा स्कूल बंदी से जुड़े हर नए घटनाक्रम पर निरंतर लाइव अपडेट उपलब्ध कराए जाते हैं।
  • स्कूल बस या वैन के चालक से संपर्क: यदि बच्चा स्कूल वाहन से जाता है, तो सुबह के समय बस या वैन के चालक अथवा कंडक्टर को फोन करके मार्ग की स्थिति और वाहन संचालन के संबंध में सीधी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी आदेशों और अफवाहों से सावधान रहें

बारिश के मौसम में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पुराने, फर्जी अथवा दूसरे जिलों के छुट्टी से संबंधित नोटिस तेजी से प्रसारित होने लगते हैं। कई बार लोग पिछले वर्षों के आदेश या किसी अन्य राज्य के परिपत्रों को वर्तमान तिथि का बताकर साझा कर देते हैं, जिससे अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। अभिभावकों को यह सलाह दी जाती है कि वे किसी भी वायरल संदेश या बिना मुहर वाले पत्र पर तब तक विश्वास न करें, जब तक कि उनके बच्चे के स्कूल से सीधा संदेश प्राप्त न हो जाए अथवा जिलाधिकारी के सत्यापित आधिकारिक X हैंडल से कोई लिखित आदेश जारी न किया गया हो।

मूसलाधार बारिश के दौरान स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय

यदि आपके क्षेत्र में मौसम सामान्य है और स्कूल खुले हैं, तो बच्चों को सुरक्षित रूप से स्कूल भेजने के लिए कुछ विशेष सावधानियां अवश्य बरतें। बच्चों को वॉटरप्रूफ रेनकोट और मजबूत रेन बूट्स पहनाकर ही घर से बाहर भेजें। उनके स्कूल बैग, पुस्तकों और कापियों को प्लास्टिक कवर से अच्छी तरह से ढकें ताकि वे भीगने से बची रहें। यदि स्कूल जाने वाले रास्ते में अत्यधिक जलजमाव या गहरे गड्ढे हैं, तो बच्चे को अकेले भेजने के बजाय स्वयं साथ जाएं या सुरक्षित परिवहन का चयन करें। इसके साथ ही बच्चों को जलभराव वाले स्थानों और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत भी दें।

सवाल-जवाब

30 जुलाई 2026 को किन राज्यों में भारी बारिश के कारण स्कूल बंद हैं?
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, असम, महाराष्ट्र और गुजरात के कई प्रभावित जिलों में भारी बारिश और जलभराव के चलते कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल बंद रखे गए हैं।
उत्तराखंड के किन जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की गई है?
उत्तराखंड के बागेश्वर, टिहरी गढ़वाल, देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार और चंपावत जिलों में मौसम के खराब मिजाज को देखते हुए कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश के आदेश जारी किए गए हैं।
क्या दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और पंजाब में आज स्कूल खुले हैं?
हाँ, दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और पंजाब के अधिकांश जिलों में जहाँ स्थिति सामान्य है या हल्की बारिश हो रही है, वहाँ स्कूल नियमित रूप से खुले हुए हैं।
स्कूल की छुट्टी से संबंधित सटीक और आधिकारिक जानकारी कहाँ से मिलेगी?
अभिभावक अपने बच्चे के स्कूल के आधिकारिक व्हाट्सऐप ग्रुप, जिले के जिलाधिकारी (DM/DC) के ऑफिशियल X हैंडल और स्थानीय समाचार वेबसाइटों से प्रामाणिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे स्कूल बंद के नोटिस की सच्चाई कैसे जांचें?
सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी नोटिस पर तब तक भरोसा न करें जब तक कि स्कूल प्रशासन से सीधा संदेश न आए या जिला प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर हस्ताक्षरित पत्र जारी न किया गया हो।
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