अंबिकापुर बाल सुधार गृह से एक महीने में दूसरी बार 13 किशोर कैदी फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालछत्तीसगढ़
2 घंटे पहले· 3

अंबिकापुर बाल सुधार गृह से एक महीने में दूसरी बार 13 किशोर कैदी फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से 13 अपचारी बालक दरवाजे की रॉड मोड़कर और ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गए, एक महीने में यह दूसरी बड़ी घटना है।

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से एक बार फिर 13 अपचारी बालक फरार हो गए हैं, जिसके बाद पूरे प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। महज एक महीने के भीतर यह दूसरी बड़ी घटना है, जिसने संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किए गए तमाम दावों की पोल खोल दी है। पिछले महीने भी यहां से कई अपचारी बालक भागने में कामयाब रहे थे, और अब एक बार फिर वही लापरवाही सामने आई है।

दरवाजे की रॉड मोड़कर बनाई निकलने की जगह

जानकारी के मुताबिक यह घटना देर शाम की है। सभी 13 अपचारी बालकों ने पहले आपस में पूरी योजना बनाई और उसके बाद बाल संप्रेक्षण गृह के पिछले दरवाजे में लगी लोहे की रॉड को किसी तरह मोड़कर वहां से निकलने लायक जगह बना ली। रॉड मोड़ने के बाद वे एक-एक करके बाहर निकले और इसके बाद संप्रेक्षण गृह के पीछे की ऊंची दीवार फांद गए। अंधेरे का पूरा फायदा उठाते हुए सभी 13 बालक देखते ही देखते नौ-दो-ग्यारह हो गए।

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महीनेभर पहले भी टूटी थी सुरक्षा, दावे साबित हुए खोखले

इस पूरी घटना ने बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था और वहां के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महीने के भीतर ही 13 बालकों का इस तरह फरार हो जाना प्रबंधन की घोर लापरवाही को उजागर करता है। इससे पहले जब 11 अपचारी बालक इसी तरह फरार हुए थे, तब भी विभाग की ओर से सुरक्षा पुख्ता करने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे। लेकिन इस ताजा घटना ने साबित कर दिया कि वे सारे दावे केवल कागजों तक सीमित रह गए।

पुलिस को दी गई सूचना, तलाश में जुटी टीम

देर शाम जैसे ही प्रबंधन को 13 अपचारी बालकों के गायब होने का पता चला, पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इसके तुरंत बाद इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। मामला दर्ज होते ही गांधीनगर थाना पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई और फरार हुए सभी 13 बालकों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी गई।

बिलासपुर में सुरक्षा गार्ड की हत्या की भी आ चुकी है घटना

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित सरकंडा बाल संप्रेक्षण गृह में इससे पहले चार बाल कैदियों ने सुरक्षा गार्ड नरेंद्र कुमार खांडे की बेरहमी से हत्या करके फरार होने की कोशिश की थी। इस वारदात ने सभी को हिलाकर रख दिया था। बताया जाता है कि आरोपियों ने पहले उन्हें जमीन पर पटका, फिर उनके दोनों हाथ पीछे की तरफ रस्सी से कसकर बांध दिए ताकि वे बच न सकें। वे चिल्ला न सकें, इसके लिए उनके मुंह में गमछा ठूंस दिया गया। इसके बाद चारों बाल कैदियों ने मिलकर उनका गला घोंट दिया।

सवाल-जवाब

अंबिकापुर के बाल संप्रेक्षण गृह से कितने बालक फरार हुए?
कुल 13 अपचारी बालक फरार हुए हैं।
बालकों ने भागने के लिए क्या तरीका अपनाया?
उन्होंने पिछले दरवाजे की लोहे की रॉड मोड़कर जगह बनाई और फिर ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गए।
क्या यह पहली बार है जब यहां से बालक भागे हैं?
नहीं, एक महीने पहले भी इसी संप्रेक्षण गृह से 11 अपचारी बालक फरार हो चुके हैं।
घटना के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
गांधीनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी 13 फरार बालकों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।
बिलासपुर की घटना का इससे क्या संबंध है?
बिलासपुर के सरकंडा बाल संप्रेक्षण गृह में पहले चार बाल कैदियों ने सुरक्षा गार्ड नरेंद्र कुमार खांडे की हत्या कर दी थी, जो बाल सुधार गृहों की सुरक्षा खामियों का एक और उदाहरण है।

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