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बिलासपुर के 5 सबसे खतरनाक डैम: यहां पिकनिक के दौरान बरती गई जरा सी ढिलाई पड़ सकती है भारीछत्तीसगढ़
13 जुल॰ 2026, 9:15 am (45 दिन पहले)· 2

बिलासपुर के 5 सबसे खतरनाक डैम: यहां पिकनिक के दौरान बरती गई जरा सी ढिलाई पड़ सकती है भारी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मौजूद कई डैम और जलाशय पर्यटन के लिहाज से बेहद खूबसूरत हैं, लेकिन वहां सुरक्षा को लेकर बरती जा रही लापरवाही लोगों की जान पर बन सकती है। यहाँ उन पांच प्रमुख जलाशयों की जानकारी दी गई है जहाँ सावधानी बरतना बेहद आवश्यक है।

छत्तीसगढ़ का बिलासपुर जिला अपने प्राकृतिक जलाशयों और डैम के लिए प्रसिद्ध है, जो पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। छुट्टियों के दिनों में यहाँ बड़ी तादाद में लोग मौज-मस्ती के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इन जलाशयों के आसपास सुरक्षा मानकों की कमी ने एक गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। पिछले कुछ वर्षों में पानी में डूबने की कई दुखद घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने प्रशासन की सतर्कता और सुरक्षा इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े किए हैं।

भैंसाझार जलाशय

भैंसाझार जलाशय हाल ही में तब चर्चा में आया जब यहाँ डूबने से दो युवाओं की मृत्यु हो गई। इस जलाशय की बनावट काफी जटिल है, जिसमें अत्यधिक गहराई के साथ-साथ फिसलन भरे किनारे हैं। पानी का तेज बहाव इसे और भी जोखिमपूर्ण बना देता है। घटना के बाद शवों को बाहर निकालने के लिए गोताखोरों की मदद लेनी पड़ी थी, जो यहाँ के खतरों का प्रमाण है।

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घोंघा जलाशय (कोरी डैम)

घोंघा जलाशय, जिसे स्थानीय लोग कोरी डैम के नाम से भी जानते हैं, एक अत्यंत गहरा क्षेत्र है। यहाँ पानी के तेज बहाव के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। इस जगह पर सबसे बड़ी चिंता का विषय उचित सुरक्षा घेरे और चेतावनी बोर्डों का नदारद होना है, जिससे अनभिज्ञ पर्यटक खतरे के जाल में फंस जाते हैं।

खूंटाघाट (खारंग जलाशय)

अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध खूंटाघाट का खारंग जलाशय पर्यटकों को काफी लुभाता है। हालांकि, मानसून के मौसम में स्थिति बदल जाती है। पानी का स्तर अचानक से काफी ऊपर आ जाता है, जिससे किनारे बहुत फिसलन भरे हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में, अनजाने में पानी के करीब जाना भी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।

कोपरा जलाशय

बिलासपुर शहर से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सकरी गांव का कोपरा जलाशय सर्दियों के मौसम में प्रवासी पक्षियों के आने से बहुत सुंदर दिखता है। इसके बावजूद, इसकी गहराई और सुरक्षा प्रणालियों की कमी इसे नहाने वालों के लिए एक खतरनाक स्थल बनाती है।

चापी जलाशय

तखतपुर के निकट बिलासपुर-कोटा मार्ग पर स्थित चापी जलाशय एक लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट के रूप में जाना जाता है। गर्मियों के दौरान यहाँ भारी भीड़ जमा होती है। लेकिन, इसके गहरे पानी और फिसलन युक्त किनारों के चलते इसे हादसों के लिहाज से काफी संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।

सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना ही इन हादसों को रोकने का एकमात्र तरीका है। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी स्थिति में गहरे पानी में न उतरें और चेतावनी वाले बोर्डों के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। विशेष रूप से बच्चों पर कड़ी नजर रखें और पानी के किनारों पर किसी भी तरह की लापरवाही न करें।

सवाल-जवाब

बिलासपुर में कौन से 5 डैम सबसे खतरनाक माने जाते हैं?
भैंसाझार, घोंघा (कोरी डैम), खारंग (खूंटाघाट), कोपरा और चापी जलाशय सबसे अधिक जोखिमपूर्ण माने जाते हैं।
डैम के आसपास क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
गहरे पानी में न उतरें, चेतावनी बोर्डों का पालन करें और फिसलन भरे किनारों से दूर रहें।
क्या इन जलाशयों में नहाने की अनुमति है?
इन जलाशयों की गहराई और सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण पानी में उतरना जानलेवा हो सकता है, इसलिए नहाने से बचना ही बेहतर है।
घोंघा जलाशय को और किस नाम से जानते हैं?
घोंघा जलाशय को स्थानीय रूप से कोरी डैम के नाम से भी जाना जाता है।
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