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चार साल की फरारी के बाद रायगढ़ में पकड़ में आया सहारा इंडिया घोटाले का शाखा प्रबंधक विकास कुमार सराफछत्तीसगढ़
22 जुल॰ 2026, 2:28 am (28 दिन पहले)· 0

चार साल की फरारी के बाद रायगढ़ में पकड़ में आया सहारा इंडिया घोटाले का शाखा प्रबंधक विकास कुमार सराफ

रायगढ़ पुलिस ने सहारा इंडिया के 40 करोड़ रुपये के निवेश घोटाले में करीब 4 साल से फरार ब्रांच मैनेजर विकास कुमार सराफ को गिरफ्तार किया, जिसमें 3,848 निवेशकों के पैसे डूबे थे।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस को आर्थिक अपराध के एक बड़े मामले में लंबे समय बाद कामयाबी हाथ लगी है। सहारा इंडिया से जुड़े निवेश घोटाले में करीब तीन साल से फरार चल रहे ब्रांच मैनेजर विकास कुमार सराफ को पुलिस ने दबोच लिया है। यह कार्रवाई रायगढ़ पुलिस के विशेष अभियान ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत की गई, जिसका मकसद आर्थिक अपराधों में शामिल भगोड़ों को पकड़ना है।

कैसे शुरू हुआ यह मामला

यह पूरा घोटाला साल 2022 में उजागर हुआ था, जब विकास निगानिया नाम के एक निवेशक ने रायगढ़ के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप था कि सहारा इंडिया के मैनेजर और कंपनी के डायरेक्टरों ने मिलकर निवेशकों के पैसे हड़प लिए। खुद विकास निगानिया के करीब 40 लाख रुपये इसमें फंसे थे, जबकि उनके अलावा 3,848 अन्य निवेशकों के करीब 40.78 करोड़ रुपये भी इस ठगी की भेंट चढ़ गए।

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जांच में क्या सामने आया

निगानिया की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू की। जांच में सामने आया कि कंपनी के जिम्मेदार लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से निवेशकों की जमा पूंजी हड़पी। इस सिलसिले में पुलिस पहले ही कंपनी के डायरेक्टर करणे अवस्थी और ओम प्रकाश शर्मा सहित कुल पांच लोगों को पकड़कर जेल भेज चुकी है।

चार साल तक कैसे बचता रहा आरोपी

ब्रांच मैनेजर विकास कुमार सराफ हालांकि पिछले करीब 4 साल से पुलिस की पकड़ से दूर था और लगातार ठिकाना बदल रहा था। पुलिस टीमें उसकी तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही थीं, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था। आखिरकार एक मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि सराफ रायगढ़ लौट आया है। इसके बाद पुलिस टीम ने बिना देर किए जाल बिछाया और उसे कोतरारोड़ इलाके से हिरासत में ले लिया।

दस्तावेज और वाहन जब्त, गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

पकड़े जाने के बाद आरोपी के पास से मामले से जुड़े अहम कागजात बरामद हुए हैं। इसके अलावा पुलिस ने उसकी एक मोटरसाइकिल और एक कार भी जब्त की है। विकास कुमार सराफ पर आईपीसी की धारा 420 यानी धोखाधड़ी और धारा 120बी यानी आपराधिक षड्यंत्र के तहत केस दर्ज है। इसके साथ ही उस पर छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम और चिटफंड अधिनियम की भी कई धाराएं लगाई गई हैं।

आगे क्या होगा

पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपी विकास कुमार सराफ को अदालत में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई से उन हजारों निवेशकों में उम्मीद जगी है जो वर्षों से अपनी जमा पूंजी वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस अब मामले से जुड़े बाकी पहलुओं की पड़ताल करने के साथ-साथ अब भी फरार बचे आरोपियों को पकड़ने में जुटी हुई है।

सवाल-जवाब

विकास कुमार सराफ कौन है?
वह सहारा इंडिया की शाखा का मैनेजर था, जो निवेश घोटाले के मामले में करीब 4 साल से फरार था।
यह घोटाला कितने रुपये का है?
शिकायतकर्ता विकास निगानिया के 40 लाख रुपये समेत कुल 3,848 निवेशकों के करीब 40.78 करोड़ रुपये इस घोटाले में डूबे।
यह मामला कब सामने आया था?
यह मामला साल 2022 में तब सामने आया जब विकास निगानिया ने रायगढ़ के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा?
मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने जाल बिछाया और उसे कोतरारोड़ इलाके से हिरासत में ले लिया।
आरोपी पर कौन-कौन सी धाराएं लगी हैं?
उस पर आईपीसी की धारा 420 और 120बी के अलावा छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम और चिटफंड अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं।
इस मामले में और कौन-कौन गिरफ्तार हो चुका है?
इससे पहले पुलिस कंपनी के डायरेक्टर करणे अवस्थी और ओम प्रकाश शर्मा समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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