छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित कचना इलाके में हुए एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे में एक 23 वर्षीय युवक की जान चली गई, जो जल्द ही पिता बनने वाला था। यह भयानक घटना उस वक्त घटी जब अंधेरे में सड़क पर बैठी एक आवारा गाय से टकराने के बाद दो दोस्त अपनी मोटरसाइकिल से सड़क पर गिर गए, और पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार उन्हें कुचलते हुए निकल गई। इस दुर्घटना में एक युवक ने दम तोड़ दिया, जबकि दूसरा गंभीर हालत में अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।
रविवार रात का वह खौफनाक मंजर
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह जानलेवा हादसा रविवार रात को हुआ जब चंद्रशेखर नगर के रहने वाले 23 वर्षीय करण नायक अपने दोस्त रोशन जगत के साथ कचना से मोटरसाइकिल पर घर वापस लौट रहे थे। जब दोनों शांति सरोवर रोड से गुजर रहे थे, तो सड़क पर पर्याप्त रोशनी न होने के कारण उन्हें वहां बैठी हुई गाय नजर नहीं आई। उनकी तेज रफ्तार बाइक सीधे उस जानवर से जा टकराई, जिससे संतुलन बिगड़ा और दोनों युवक झटके से सड़क पर आ गिरे।
इससे पहले कि दोनों संभल पाते या वहां से उठ पाते, ठीक उसी समय पीछे से आ रही एक अनियंत्रित और बेहद तेज रफ्तार कार ने दोनों को बुरी तरह कुचल दिया। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने फुर्ती दिखाते हुए दोनों खून से लथपथ घायलों को इलाज के लिए पास के अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद, करण नायक की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, उनके साथी रोशन जगत की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उनका आईसीयू में सघन इलाज जारी है।
फरार कार चालक की तलाश तेज
इस खौफनाक हिट एंड रन वारदात को अंजाम देने के बाद, कार का अज्ञात चालक मौके पर रुकने या घायलों की मदद करने के बजाय वहां से तुरंत फरार हो गया। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ हिट एंड रन की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच में जुटी पुलिस टीम को घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों से दुर्घटना का सीसीटीवी फुटेज भी हासिल हुआ है, जिसे आधार बनाकर गाड़ी और उसके मालिक की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। हालांकि, घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपी चालक की पहचान सुनिश्चित करने में नाकाम रही है।
पिता की मौत के बाद उठाया था परिवार का जिम्मा
करण नायक के इस तरह अचानक चले जाने से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और उनके सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पिता के निधन के बाद करण ने बहुत कम उम्र में ही पूरे घर की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली थी। करण अपनी बुजुर्ग मां और पत्नी नंदिनी का एकमात्र सहारा थे। करण और नंदिनी ने महज दो साल पहले ही प्रेम विवाह किया था, और फिलहाल नंदिनी सात महीने की गर्भवती हैं। अपने परिवार का पेट पालने के लिए करण ने पहले मजदूरी और हमाली जैसे कड़े काम किए, और पिछले दो साल से वह ड्राइवर के तौर पर नौकरी कर रहे थे। घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य की मौत ने इस परिवार के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है।
आवारा मवेशी बन रहे हैं जानलेवा
यह दुखद घटना रायपुर शहर की सड़कों पर मंडरा रहे आवारा मवेशियों के गंभीर खतरे को एक बार फिर से उजागर करती है। रात के अंधेरे में सड़क के बीचों-बीच बैठे ये मवेशी वाहन चलाने वालों को दूर से दिखाई नहीं देते, जो अक्सर ऐसे भयानक हादसों का कारण बनते हैं। अगर हालिया आंकड़ों पर नजर डालें, तो पिछले कुछ महीनों में रायपुर और आसपास के इलाकों में मवेशियों की वजह से कई बड़ी सड़क दुर्घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कई बेगुनाह लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए हाल ही में हाई कोर्ट ने भी सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं के कारण हो रही लगातार मौतों पर गहरी नाराजगी जाहिर की थी और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से कड़ा जवाब तलब किया था।




















