छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत मिशन योजना के अंतर्गत अंबिकापुर विकासखंड के केशवपुर गांव में ग्रामीण अंचल का पहला फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) क्रियान्वित किया गया है। इस परियोजना के आरंभ होने से अब गांव-देहात के इलाकों में भी सेप्टिक टैंक की सफाई और मानव अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण संभव हो सकेगा, जिससे क्षेत्र में गंदगी और संक्रामक बीमारियों पर रोकथाम लगाने में मदद मिलेगी।
शहरी तर्ज पर गांवों में स्लज प्रबंधन की व्यवस्था
अब तक फिकल स्लज और सेप्टिक अपशिष्ट के निस्तारण की आधुनिक सुविधाएं मुख्य रूप से शहरी निकायों तक ही सीमित थीं, जहां नगर निगमों द्वारा वर्षों से इस प्रकार के प्लांट संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सेप्टिक टैंक भर जाने पर निकासी या सुरक्षित निपटान की कोई व्यवस्थित प्रणाली मौजूद नहीं थी। सरगुजा जिले के केशवपुर में स्थापित यह नया प्लांट इस दिशा में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है, जिससे ग्रामीण इलाकों को भी शहरों जैसी स्वच्छता सुविधाएं प्राप्त होंगी।
123 गांवों को मिलेगा लाभ और एसईसीएल का तकनीकी सहयोग
इस वेस्ट ट्रीटमेंट सुविधा का संचालन सुचारू बनाने के लिए जिला पंचायत द्वारा ग्राम पंचायत को एक विशेष डी-स्लजिंग वाहन प्रदान किया गया है। इस वाहन की उपलब्धता एसईसीएल के सहयोग से संभव हो सकी है। प्राथमिक योजना के तहत जिले की 123 ग्राम पंचायतों में स्थित सेप्टिक टैंकों को तय समय सारणी के अनुसार खाली कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त, यदि पड़ोसी जनपदों से भी सफाई के लिए मांग अथवा आवेदन प्राप्त होते हैं, तो वहां भी इस वाहन और प्लांट की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
जैविक खाद निर्माण और स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया
परियोजना के संबंध में जानकारी देते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) विनय अग्रवाल ने बताया, "स्वच्छ भारत के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में केशवपुर का यह FSTP प्लांट स्थापित किया गया है।" उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि एसईसीएल के माध्यम से वाहन मिलने के बाद अब प्लांट में स्लज का वैज्ञानिक उपचार किया जाएगा, जिससे आने वाले समय में जैविक खाद तैयार करने जैसे उपयोगी कार्य भी शुरू किए जा सकेंगे।
इस नई सुविधा का स्वागत करते हुए स्थानीय ग्रामीण निरूपा सिंह ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनके गांव में इस तरह की आधुनिक स्वच्छता पहल शुरू होने से आने वाले समय में ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही परेशानी दूर होगी और सभी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य तथा स्वच्छता का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।





















