बिलासपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में चीनी की बढ़ती कीमतों और खाद्य महंगाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार के खिलाफ 'चीनी सत्याग्रह' के नाम से एक व्यापक प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हुए ऐतिहासिक नमक सत्याग्रह की तर्ज पर कांग्रेस पार्टी अब चीनी के बढ़े दामों को मुख्य मुद्दा बनाकर सड़कों पर उतरने की रणनीति तैयार कर रही है।
महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन
चीनी सत्याग्रह की तैयारियों को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने संगठन की उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और पार्टी कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए हैं। पार्टी का कहना है कि प्रदेश के सभी जिलों में इस आंदोलन के जरिए सरकार के खिलाफ जनता की आवाज उठाई जाएगी। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन सरकार' आम जनता पर महंगाई का भारी बोझ डालने के लिए जिम्मेदार है।
कांग्रेस संगठन का तर्क है कि जब भी देश पर कोई संकट आया है, आम जनता एकजुट होकर खड़ी हुई है। जिस तरह औपनिवेशिक शासन के समय अंग्रेजों के खिलाफ नमक आंदोलन चलाकर विरोध जताया गया था, ठीक उसी प्रकार अब भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में चीनी सत्याग्रह आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन के तहत राज्यभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और सभाएं आयोजित करने की योजना है।
मंत्री केदार कश्यप का पलटवार और वैश्विक संकट का हवाला
कांग्रेस के इस आंदोलन के जवाब में छत्तीसगढ़ सरकार के कद्दावर आदिवासी नेता और कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने तीखा पलटवार किया है। मंत्री कश्यप ने कहा कि विपक्षी पार्टी के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है और वह जनता के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए भ्रम की राजनीति का सहारा ले रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आजादी के दौरान हुआ नमक आंदोलन पूरी तरह देशहित और स्वतंत्रता के लिए था, जबकि कांग्रेस केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए चीनी के मुद्दे को भुना रही है।
मंत्री केदार कश्यप ने चीनी के बढ़ते दामों का कारण अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को बताते हुए कहा कि वर्तमान में चल रहे वैश्विक युद्धों के बीच भी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती से संभाल रखा है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए पूछा कि जब कांग्रेस के अपने शासनकाल के दौरान देश में बड़े-बड़े घोटाले हुए थे, तब उन्होंने सत्याग्रह क्यों नहीं किया।
जनता के भ्रमित न होने का दावा
सत्ताधारी दल का कहना है कि आम नागरिक विपक्ष के इन हथकंडों को अच्छी तरह समझते हैं। मंत्री केदार कश्यप ने दावा किया कि सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस केवल झूठा प्रचार फैलाने में जुटी है, लेकिन राज्य की जनता उनके बहकावे में बिल्कुल नहीं आएगी। दोनों दलों के बीच जारी इस जुबानी जंग और आगामी सत्याग्रह से राज्य का राजनीतिक तापमान चढ़ गया है।





















