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छत्तीसगढ़ में चीनी के दामों को लेकर बढ़ी रार, कांग्रेस शुरू करेगी सत्याग्रह तो मंत्री केदार कश्यप ने साधा निशानाछत्तीसगढ़
30 अग॰ 2026, 1:58 pm (1 घंटे पहले)· 2

छत्तीसगढ़ में चीनी के दामों को लेकर बढ़ी रार, कांग्रेस शुरू करेगी सत्याग्रह तो मंत्री केदार कश्यप ने साधा निशाना

छत्तीसगढ़ में चीनी के बढ़ते दामों पर कांग्रेस पार्टी 'चीनी सत्याग्रह' आंदोलन शुरू करने जा रही है। वहीं बीजेपी मंत्री केदार कश्यप ने इस आंदोलन को राजनीतिक स्टंट करार देते हुए पलटवार किया है।

बिलासपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में चीनी की बढ़ती कीमतों और खाद्य महंगाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार के खिलाफ 'चीनी सत्याग्रह' के नाम से एक व्यापक प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हुए ऐतिहासिक नमक सत्याग्रह की तर्ज पर कांग्रेस पार्टी अब चीनी के बढ़े दामों को मुख्य मुद्दा बनाकर सड़कों पर उतरने की रणनीति तैयार कर रही है।

महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन

चीनी सत्याग्रह की तैयारियों को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने संगठन की उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और पार्टी कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए हैं। पार्टी का कहना है कि प्रदेश के सभी जिलों में इस आंदोलन के जरिए सरकार के खिलाफ जनता की आवाज उठाई जाएगी। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन सरकार' आम जनता पर महंगाई का भारी बोझ डालने के लिए जिम्मेदार है।

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कांग्रेस संगठन का तर्क है कि जब भी देश पर कोई संकट आया है, आम जनता एकजुट होकर खड़ी हुई है। जिस तरह औपनिवेशिक शासन के समय अंग्रेजों के खिलाफ नमक आंदोलन चलाकर विरोध जताया गया था, ठीक उसी प्रकार अब भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में चीनी सत्याग्रह आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन के तहत राज्यभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और सभाएं आयोजित करने की योजना है।

मंत्री केदार कश्यप का पलटवार और वैश्विक संकट का हवाला

कांग्रेस के इस आंदोलन के जवाब में छत्तीसगढ़ सरकार के कद्दावर आदिवासी नेता और कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने तीखा पलटवार किया है। मंत्री कश्यप ने कहा कि विपक्षी पार्टी के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है और वह जनता के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए भ्रम की राजनीति का सहारा ले रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आजादी के दौरान हुआ नमक आंदोलन पूरी तरह देशहित और स्वतंत्रता के लिए था, जबकि कांग्रेस केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए चीनी के मुद्दे को भुना रही है।

मंत्री केदार कश्यप ने चीनी के बढ़ते दामों का कारण अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को बताते हुए कहा कि वर्तमान में चल रहे वैश्विक युद्धों के बीच भी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती से संभाल रखा है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए पूछा कि जब कांग्रेस के अपने शासनकाल के दौरान देश में बड़े-बड़े घोटाले हुए थे, तब उन्होंने सत्याग्रह क्यों नहीं किया।

जनता के भ्रमित न होने का दावा

सत्ताधारी दल का कहना है कि आम नागरिक विपक्ष के इन हथकंडों को अच्छी तरह समझते हैं। मंत्री केदार कश्यप ने दावा किया कि सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस केवल झूठा प्रचार फैलाने में जुटी है, लेकिन राज्य की जनता उनके बहकावे में बिल्कुल नहीं आएगी। दोनों दलों के बीच जारी इस जुबानी जंग और आगामी सत्याग्रह से राज्य का राजनीतिक तापमान चढ़ गया है।

सवाल-जवाब

छत्तीसगढ़ में 'चीनी सत्याग्रह' कौन शुरू कर रहा है?
छत्तीसगढ़ में विपक्षी कांग्रेस पार्टी चीनी के बढ़ते दामों और महंगाई के खिलाफ 'चीनी सत्याग्रह' आंदोलन शुरू कर रही है।
कांग्रेस के चीनी सत्याग्रह पर सरकार का क्या रुख है?
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने इस आंदोलन को राजनीतिक स्टंट बताते हुए कहा कि वैश्विक युद्धों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को अच्छे से संभाला है।
चीनी सत्याग्रह का नाम किस ऐतिहासिक आंदोलन से लिया गया है?
यह नाम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महात्मा गांधी द्वारा चलाए गए ऐतिहासिक 'नमक आंदोलन' की तर्ज पर दिया गया है।
मंत्री केदार कश्यप ने चीनी के दामों में बढ़ोतरी का क्या कारण बताया?
मंत्री केदार कश्यप ने वैश्विक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को चीनी और अन्य वस्तुओं की लागत में वृद्धि का मुख्य कारण बताया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·34 मिनट पहले

छत्तीसगढ़ में खाद्य महंगाई को लेकर कांग्रेस का 'चीनी सत्याग्रह' और मंत्री केदार कश्यप का वैश्विक संकट का हवाला यह दर्शाता है कि क्षेत्रीय राजनीति अब राष्ट्रीय मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर केंद्रित होती जा रही है। ऐतिहासिक आंदोलनों के प्रतीकों का राजनीतिक उपयोग करने की यह रणनीति आगामी स्थानीय चुनावों में ध्रुवीकरण को और तेज कर सकती है, जिससे दोनों दलों के बीच चुनावी संघर्ष और तीखा होने के पूरे आसार हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·34 मिनट पहले

इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में एक अहम पहलू यह है कि महंगाई और खाद्य पदार्थों की कीमतों जैसे संवेदनशील मुद्दों का उपयोग केवल चुनावी जमीन तैयार करने के लिए हो रहा है। कांग्रेस द्वारा 'चीनी सत्याग्रह' जैसे ऐतिहासिक प्रतीक का इस्तेमाल जनभावनाओं को भुनाने की सोची-समझी रणनीति है, तो वहीं सत्तारूढ़ दल द्वारा वैश्विक युद्धों और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का हवाला देना प्रशासनिक बचाव की पारंपरिक शैली को दर्शाता है। आने वाले दिनों में इस तरह के प्रदर्शनों से कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा प्रबंधन पर अतिरिक्त प्रशासनिक दबाव बढ़ सकता है, जिससे पुलिस प्रशासन को राजनीतिक टकराव के दौरान स्थिति नियंत्रित करने के लिए विशेष सतर्कता बरतनी होगी।

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