छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर शुक्रवार देर रात भारी बवाल हो गया। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खपरगंज इलाके का है, जहां दो गुटों के बीच शुरू हुई मौखिक कहासुनी ने कुछ ही देर में भीषण हिंसक झड़प का रूप ले लिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग आमने-सामने आ गए और पूरे इलाके में जमकर पथराव होने लगा। अचानक हुए इस उपद्रव से क्षेत्र में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिससे स्थानीय निवासी डर के मारे अपने-अपने घरों में दुबक गए।
विवाद के बाद फैला उपद्रव, दुकानों और थाने में तोड़फोड़
खपरगंज में सोशल मीडिया पोस्ट पर शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते अनियंत्रित हो गया। दोनों ओर से हुई कहासुनी और गाली-गलौज के बाद मारपीट शुरू हुई, जो जल्द ही व्यापक पथराव में बदल गई। उपद्रवियों की भीड़ ने सड़क पर खड़े वाहनों, आसपास की दुकानों और कई रिहाइशी मकानों को निशाना बनाया। इतना ही नहीं, उग्र भीड़ ने सिटी कोतवाली थाने पर भी पथराव कर परिसर में तोड़फोड़ की। चारों तरफ से हो रही पत्थरबाजी के कारण सड़कों पर कांच और पत्थरों के टुकड़े बिखर गए, जिससे इलाके में भारी हड़कंप मच गया और कई राहगीर भी इसकी चपेट में आकर घायल हो गए।
पुलिस पर भी हुआ पथराव, टीआई समेत कई जवान घायल
हिंसा और उपद्रव की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची, लेकिन बेकाबू भीड़ ने सुरक्षाबलों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया। पथराव इतना तीव्र था कि स्थिति को संभालने के लिए पुलिस बल को भारी मशक्कत करनी पड़ी। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया और फिर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस हिंसक झड़प के दौरान पत्थर लगने से तारबाहर थाना प्रभारी (टीआई) रवि तिवारी सहित कई अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से चोटिल हो गए। घायल पुलिस जवानों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
मुंगेली और जांजगीर से बुलाया गया अतिरिक्त बल
बिलासपुर में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जिला एवं पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए पड़ोसी जिलों मुंगेली और जांजगीर से अतिरिक्त पुलिस बल को आपात स्थिति में बिलासपुर बुलाया गया। अतिरिक्त बल के पहुंचते ही उपद्रव वाले इलाकों को घेरकर सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया। घटना की गंभीरता का जायजा लेने के लिए बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह देर रात खुद सिटी कोतवाली पहुंचे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने देर रात तक थाने में रहकर स्थिति का जायजा लिया और शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए मौके पर मौजूद अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
सीसीटीवी फुटेज से उपद्रवियों की पहचान, अफवाहों पर रोक की अपील
फिलहाल बिलासपुर के संवेदनशील और प्रभावित क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की गश्त लगातार जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था भंग करने और हिंसा फैलाने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। उपद्रवियों और पथराव करने वालों को चिह्नित करने के लिए क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों और मौके के वीडियो फुटेज की गहनता से जांच की जा रही है। इसके साथ ही, पुलिस ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और इलाके में शांति बनाए रखने में सहयोग करें।





















