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प्रशासनिक फेरबदल के तहत छत्तीसगढ़ में 18 बोर्ड अध्यक्षों को मिला मंत्री पद, जानें किसे मिलेगा कितना वेतनराजनीति
27 अग॰ 2026, 11:15 pm (2 घंटे पहले)· 2

प्रशासनिक फेरबदल के तहत छत्तीसगढ़ में 18 बोर्ड अध्यक्षों को मिला मंत्री पद, जानें किसे मिलेगा कितना वेतन

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के 18 निगम, मंडल और आयोग अध्यक्षों को मंत्री पद का दर्जा दिया है। इनमें 3 नेताओं को कैबिनेट मंत्री और 15 को राज्यमंत्री का दर्जा व भत्ता मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों को तेज करते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी एक नवीनतम अधिसूचना के माध्यम से राज्य के विभिन्न निगमों, मंडलों और आयोगों के अध्यक्षों तथा उपाध्यक्षों को मंत्री पद का दर्जा प्रदान किया गया है। इस आदेश के तहत कुल 18 राजनीतिक हस्तियों को शासकीय प्रोटोकॉल और सुविधाएं दी गई हैं। इनमें से 3 वरिष्ठ पदाधिकारियों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला है, जबकि 15 अन्य नेताओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है। सरकारी महकमे के इस कदम से राज्य स्तरीय बोर्डों और आयोगों के कामकाज में प्रशासनिक मजबूती आने की उम्मीद जताई जा रही है।

तीन प्रमुख आयोगों के प्रमुखों को मिला कैबिनेट दर्जा

छत्तीसगढ़ शासन के नए दिशा-निर्देशों के अंतर्गत तीन महत्वपूर्ण संवैधानिक और सामाजिक आयोगों के अध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री की श्रेणी में शामिल किया गया है। इस श्रेणी में निम्नलिखित प्रमुख चेहरे शामिल हैं

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  • रामलाल चौहान: अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग।
  • रूप सिंह मंडावी: अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग। पूर्व में जारी 29 अक्टूबर 2025 के एक आदेश में उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था, लेकिन अब उस आदेश को संशोधित करते हुए उनका दर्जा बढ़ाकर कैबिनेट मंत्री कर दिया गया है।
  • ममता साहू: अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग।

इन तीनों अध्यक्षों को अब राज्य के कैबिनेट मंत्रियों के समकक्ष प्रशासनिक अधिकार, मान-सम्मान और आधिकारिक सुविधाएं प्राप्त होंगी।

कैबिनेट दर्जा प्राप्त अध्यक्षों का वेतन, भत्ता और सरकारी पैकेज

मंत्रिमंडल स्तर का दर्जा मिलने के बाद इन गैर-विधायक अध्यक्षों के मानदेय और भत्तों में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। वित्तीय व्यवस्था के अनुसार, इन पदाधिकारियों को हर महीने लगभग ₹60,000 से ₹85,000 की राशि नकद मानदेय और भत्तों के रूप में प्राप्त होगी। हालांकि, इनके लिए सरकार द्वारा वहन किया जाने वाला कुल मासिक खर्च इससे कहीं अधिक होता है। यदि सरकारी बंगले, आधिकारिक वाहन, सुरक्षा गार्ड, ईंधन भत्ते और कार्यालयीन स्टाफ के खर्च को जोड़ा जाए, तो प्रत्येक कैबिनेट दर्जा प्राप्त अध्यक्ष पर कुल सरकारी पैकेज लगभग ₹2.5 लाख से ₹3 लाख प्रति माह बैठता है।

15 नेताओं को मिला राज्य मंत्री का प्रोटोकॉल

कैबिनेट मंत्रियों के अलावा, राज्य सरकार ने विभिन्न कल्याणकारी बोर्डों, अकादमियों और विकास प्राधिकरणों के 15 अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया है। इस सूची में राज्य के कई प्रमुख नाम शामिल हैं

  • गौरीशंकर श्रीवास: केश शिल्पी कल्याण बोर्ड।
  • आनंद निषाद: मछुआ कल्याण बोर्ड।
  • राजेश कुमार राजपूत: संस्कृत विद्या मण्डल।
  • राजेन्द्र नायक: शाकम्भरी बोर्ड।
  • सुधीर गौतम: शिक्षा आयोग।
  • डॉ. जे.पी. शर्मा: उपाध्यक्ष, रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA)।
  • वेदराम मनहरे: उपाध्यक्ष, अनुसूचित जाति आयोग।
  • मंगल दास ठाकुर: उपाध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति आयोग।

इन 8 प्रमुख पदाधिकारियों के अतिरिक्त 7 अन्य नेताओं को भी विभिन्न राज्य स्तरीय निकायों में राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है, जिससे कुल संख्या 15 हो जाती है।

राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त पदाधिकारियों के लिए वित्तीय प्रावधान

राज्य मंत्री का दर्जा पाने वाले गैर-विधायक अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के लिए भी मासिक मानदेय और सुविधाओं का स्पष्ट खाका तैयार किया गया है। इन पदाधिकारियों को प्रतिमाह इन-हैंड ₹50,000 से ₹75,000 के बीच नकद मानदेय और भत्ते मिलेंगे। इसके अलावा, सरकारी खजाने से उनकी सुविधाओं पर होने वाला कुल खर्च ₹1.5 लाख से ₹2 लाख प्रति माह के आसपास होता है। इस पैकेज के अंतर्गत उन्हें सरकारी गाड़ी, ड्राइवर, आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था, ईंधन कोटा, शासकीय आवास और व्यक्तिगत कार्यालय स्टाफ की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

सवाल-जवाब

छत्तीसगढ़ में कितने नेताओं को मंत्री पद का दर्जा दिया गया है?
छत्तीसगढ़ सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने कुल 18 नेताओं को मंत्री पद का दर्जा प्रदान किया है।
कितने अध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला है?
कुल 3 आयोग अध्यक्षों- रामलाल चौहान, रूप सिंह मंडावी और ममता साहू को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है।
कैबिनेट दर्जा प्राप्त गैर-विधायक अध्यक्षों को कितना मासिक पैकेज मिलेगा?
उन्हें हर महीने ₹60,000 से ₹85,000 नकद मानदेय और भत्ते मिलेंगे, जबकि बंगला, गाड़ी, सुरक्षा और स्टाफ मिलाकर कुल सरकारी खर्च ₹2.5 लाख से ₹3 लाख प्रति माह होगा।
राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त नेताओं को कितनी राशि और सुविधाएं मिलेंगी?
राज्यमंत्री का दर्जा पाने वाले 15 नेताओं को प्रतिमाह ₹50,000 से ₹75,000 इन-हैंड मिलेंगे और कुल सरकारी पैकेज ₹1.5 लाख से ₹2 लाख प्रति माह के बराबर होगा।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

यह प्रशासनिक निर्णय राजनीतिक पुनर्वितरण और शासकीय खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय भार का स्पष्ट उदाहरण है। तीन आयोग प्रमुखों का दर्जा बढ़ाकर कैबिनेट मंत्री करना और पंद्रह अन्य को राज्यमंत्री बनाना यह दर्शाता है कि सरकार राजनीतिक संतुलन साधने के लिए सरकारी महकमे के प्रोटोकॉल और संसाधनों का किस तरह उपयोग कर रही है। हालांकि इससे प्रशासनिक मजबूती की बात कही जा रही है, लेकिन करदाताओं के धन से इन पदों पर होने वाला मासिक खर्च और सुरक्षा-भत्तों का बोझ सार्वजनिक जवाबदेही के दायरे में आता है। आगे यह देखना होगा कि इस प्रशासनिक फेरबदल से जनता के कल्याणकारी कार्यों में कितनी वास्तविक गति आती है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

छत्तीसगढ़ सरकार के इस कदम से राजनीतिक समायोजन तो सध गया है, लेकिन राज्य के वित्तीय अनुशासन पर इसका दीर्घकालिक असर पड़ना तय है। जब गैर-विधायक राजनीतिक नियुक्तियों को इस तरह भारी-भरकम वेतन, सरकारी बंगले और सुरक्षा के साथ कैबिनेट व राज्यमंत्री का दर्जा दिया जाता है, तो इससे राजकोषीय घाटे पर दबाव बढ़ता है। हालांकि यह प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की रणनीति लग सकती है, लेकिन इन बोर्डों और आयोगों की वास्तविक कार्यकुदती और जनता के बीच इनकी जवाबदेही पर पैनी नजर रखनी होगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि عوامی धन का उपयोग केवल राजनीतिक पुनर्वास के लिए न होकर वास्तविक जनहित में हो रहा है।

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