छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला कलेक्टर कार्यालय में समानता और संवेदनशीलता की एक बेहद अनोखी प्रशासनिक मिसाल देखने को मिली है। कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष के जीर्णोद्धार का काम पूरा होने के बाद इसका उद्घाटन बिना किसी बड़े नेता या वीआईपी के बेहद सादगी से किया गया। धमतरी के कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने किसी मुख्य प्रतिनिधि को बुलाने के बजाय कलेक्ट्रेट में लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रूपेश कुलदीप को यह मुख्य सम्मान दिया और उनसे रिबन कटवाकर नए सभाकक्ष का उद्घाटन कराया।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने किया नए सभाकक्ष का उद्घाटन
इस सादे समारोह की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें कलेक्ट्रेट की व्यवस्थाओं को संभालने वाले जमीनी कर्मचारियों को मुख्य भूमिका दी गई। लंबे समय से इस सभाकक्ष की देखरेख और व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रूपेश कुलदीप ने फीता काटकर इसे आधिकारिक रूप से शुरू किया। इस खास अवसर पर कलेक्ट्रेट के अन्य सहयोगी कर्मचारी ईश्वरी मंडावी और घनश्याम कुलदीप भी मौजूद रहे। समारोह के दौरान वहां मौजूद जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने तालियां बजाकर इस मानवीय और प्रेरक पहल की सराहना की और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया।
कर्मचारियों के सम्मान और सहभागिता का बड़ा संदेश
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के इस कदम ने प्रशासनिक व्यवस्था में काम करने वाले हर स्तर के कर्मचारी के आत्मसम्मान और उनकी भूमिका को रेखांकित किया है। इस विशेष पहल से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि सरकारी कार्यालयों को सुचारू रूप से चलाने में हर एक कर्मचारी का योगदान बेहद महत्वपूर्ण होता है। किसी भी विभाग की सफलता केवल बड़े अधिकारियों के फैसलों पर नहीं, बल्कि वहां काम करने वाले सहायक कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण पर भी निर्भर करती है।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण और हुई पहली समीक्षा बैठक
उद्घाटन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी उपस्थित अधिकारियों ने नए रूप में तैयार हुए सभाकक्ष का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के साथ पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जयंत नाहटा और अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देवहारी मौजूद रहे। इस आधुनिक कक्ष की सुविधाओं को देखने के बाद अधिकारियों ने इसी स्थान पर अपनी पहली प्रशासनिक समीक्षा बैठक भी आयोजित की, जिसमें जिले के विकास कार्यों की समीक्षा की गई।
आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से सुसज्जित कक्ष
प्रशासनिक कामकाज को और अधिक बेहतर व त्वरित बनाने के लिए इस सभाकक्ष को पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इसमें महत्वपूर्ण बैठकों, समीक्षाओं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और प्रेजेंटेशन को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए कई अत्याधुनिक तकनीकी उपकरण लगाए गए हैं। इन नए बदलावों के बाद अब प्रशासनिक अधिकारियों के लिए आपस में और राज्य स्तर पर संवाद करना पहले से कहीं अधिक सुगम और व्यवस्थित हो जाएगा।



















