छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के कॉलेजों में दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को एक बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने सरकारी और निजी महाविद्यालयों में बची हुई रिक्त सीटों पर प्रवेश की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 19 सितंबर करने का निर्णय लिया है। इससे पहले कॉलेजों में दाखिले की अंतिम तारीख 31 अगस्त तय की गई थी। इस फैसले के बाद राज्यभर के संस्थानों में खाली पड़ी सीटों को भरने की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू हो गई है।
31 अगस्त की समय सीमा के बाद खाली रह गईं थीं सीटें
राज्यभर के अनेक शासकीय और गैर-सरकारी कॉलेजों में तय तारीख 31 अगस्त तक दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी काफी संख्या में सीटें रिक्त रह गई थीं। खासतौर पर ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों से आने वाले कई विद्यार्थी विभिन्न प्रशासनिक और व्यक्तिगत कारणों से समय पर फॉर्म जमा नहीं कर पाए थे। कुछ मामलों में परीक्षा परिणामों के पुनर्मूल्यांकन या संशोधन में हुई देरी बाधा बनी, तो कहीं कागजी औपचारिकताओं और दस्तावेजों को पूरा करने में समय लग गया। इसके अलावा तकनीकी अड़चनों के कारण भी कई आवेदक मेरिट सूची में स्थान बनाने के बावजूद प्रवेश पाने से वंचित रह गए थे।
साल खराब होने की आशंका के बीच लिया गया फैसला
यदि प्रवेश प्रक्रिया दोबारा नहीं खोली जाती, तो सैकड़ों विद्यार्थियों का एक पूरा शैक्षणिक सत्र बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गया था। इस स्थिति को देखते हुए छात्र संगठनों और अभिभावकों की तरफ से दाखिले की तारीख आगे बढ़ाने की लगातार मांग की जा रही थी। विद्यार्थियों की इसी चिंता और उनके भविष्य के हित को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रवेश की अंतिम तिथि 19 सितंबर तक बढ़ाने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
कॉलेज प्रशासनों को प्रक्रिया जल्द निपटाने के निर्देश
जारी आदेश के तहत उच्च शिक्षा विभाग ने सभी महाविद्यालय प्रबंधनों को निर्देश दिए हैं कि वे उपलब्ध रिक्त सीटों की समीक्षा करें और योग्य उम्मीदवारों को शीघ्रता से प्रवेश प्रदान करें। संस्थानों से कहा गया है कि वे दाखिला प्रक्रिया को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द पूरा करें ताकि कक्षाओं का संचालन सुचारू रूप से आगे बढ़ सके। इस फैसले के बाद राज्य भर के कॉलेजों में एक बार फिर दाखिले को लेकर हलचल तेज हो गई है और वंचित रह गए छात्र अब राहत की सांस ले रहे हैं।


















