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एक टूटी बोतल के डर से 9 साल की उम्र में भागी बच्ची, 22 साल बाद ट्रेन से लौटी तो स्टेशन पर बिछ गया पूरा परिवारचीन
13 जून 2026, 5:51 pm (45 दिन पहले)· 0

एक टूटी बोतल के डर से 9 साल की उम्र में भागी बच्ची, 22 साल बाद ट्रेन से लौटी तो स्टेशन पर बिछ गया पूरा परिवार

पूर्वी चीन की एक महिला बचपन में शावर जेल की कांच की बोतल टूट जाने के डर से घर छोड़कर भाग गई थी और 22 साल बाद अपने जन्म देने वाले परिवार से दोबारा मिली। यह भावुक कहानी अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।

एक बच्ची, जो महज नौ बरस की थी, सिर्फ इसलिए अपना घर छोड़कर निकल गई क्योंकि उसके हाथों से शावर जेल की एक कांच की बोतल टूट गई थी। उसे लगा कि अब मां की डांट या मार से बचना मुश्किल है। यही छोटा-सा डर पूरे परिवार के लिए 22 साल लंबे बिछोह की वजह बन गया। पूर्वी चीन की यह महिला अब, दो दशक से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद, अपने असली परिवार के पास लौट आई है।

कौन है यह महिला और कहां की रहने वाली

चीन के मीडिया आउटलेट Shicheng Media के मुताबिक, इस महिला का नाम Liu Xiu Hong है और वह मूल रूप से जियांग्शी प्रांत के गांझोउ की रहने वाली है। जिस वक्त की यह बात है, तब वह सिर्फ 9 साल की थी। उसके माता-पिता रोजी-रोटी के लिए गुआंग्डोंग प्रांत के जिएयांग शहर में मजदूरी करते थे और पूरा परिवार एक छोटे-से किराए के कमरे में गुजर-बसर कर रहा था।

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10 युआन की बोतल और एक बड़ा डर

बात साल 2004 की है। उस दिन Liu अपनी एक दोस्त के घर खेल रही थी। खेल-खेल में ही उसके हाथ से शावर जेल की कांच की बोतल छूटकर टूट गई। इस बोतल की कीमत करीब 10 युआन यानी तकरीबन 55 रुपये थी। आज यह रकम भले मामूली लगे, लेकिन उस समय परिवार की आर्थिक हालत इतनी कमजोर थी कि यह नुकसान उनके लिए बहुत बड़ा था। यही वजह थी कि नन्ही Liu घबरा गई।

घर लौटकर सजा या डांट झेलने के बजाय उसने भागने का रास्ता चुना। चलते-चलते वह रास्ता भटक गई और एक सब्जी मंडी तक जा पहुंची। वहीं उसकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से हुई, जिसने आगे चलकर उसे गोद ले लिया। इस व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

दिन-रात बेटी को तलाशता रहा परिवार

इधर असली माता-पिता अपनी बेटी को खोजने के लिए हर मुमकिन कोशिश में जुटे रहे। उन्होंने लगातार तीन दिन तक वहां के एक टीवी चैनल के जरिए लोगों से मदद की गुहार लगाई, मगर बेटी का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। रिपोर्टों की मानें तो गुआंग्डोंग में जिस परिवार ने Liu को गोद लिया था, उसने उसका बहुत अच्छे से पालन-पोषण किया। दिलचस्प बात यह है कि बाद में इसी गोद लेने वाले परिवार ने Liu को उसके जन्म देने वाले माता-पिता तक पहुंचाने में भी मदद की।

हाई-स्पीड ट्रेन से गांव पहुंची तो छलक पड़े आंसू

स्वयंसेवकों और पुलिस की मदद से अब 31 साल की हो चुकी Liu आखिरकार अपने परिवार तक पहुंचने में कामयाब रही। जब वह हाई-स्पीड ट्रेन से अपने गांव लौटी, तो उसके रिश्तेदार पहले से ही स्टेशन पर उसका इंतजार कर रहे थे। बरसों बाद अपने भाई-बहनों के सामने आते ही वह खुद को रोक नहीं पाई और सभी एक-दूसरे के गले लगकर रो पड़े।

घर पहुंचने पर पटाखों, बैनरों और फूलों के साथ उसका जोरदार स्वागत किया गया। इस भावुक पल में उसकी मां ने रोते हुए कहा, “बेटी, मुझे बहुत दुख है। मैं उस समय तुम्हारा ध्यान नहीं कर सकी।” जवाब में Liu ने भी माफी मांगी और कहा कि उसके घर छोड़कर चले जाने की वजह से माता-पिता को सालों तक दुख झेलना पड़ा।

फिलहाल यह तय नहीं है कि Liu हमेशा के लिए अपने गांव में रहेगी या नहीं। यह भी साफ नहीं हो पाया है कि बचपन में उसे अक्सर सजा दी जाती थी या नहीं।

परवरिश के तौर-तरीकों पर छिड़ी बहस

यह पूरी कहानी सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो गई और लोगों के बीच बच्चों की परवरिश को लेकर बहस छिड़ गई। कुछ लोगों का मानना है कि किसी छोटी-सी गलती पर सजा के डर से किसी बच्चे का घर छोड़ देना घर के माहौल के बारे में बहुत कुछ कह जाता है। वहीं कुछ लोगों ने ऐसी सामाजिक व्यवस्था बनाने की मांग उठाई, जो उन बच्चों की मदद कर सके जो डर के मारे अपने परिवार के पास लौटने से कतराते हैं।

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