भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत तथा कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास के मध्य चल रहा विवाद एक नए मोड़ पर आ गया है। कंगना रनौत द्वारा खुद को बेरोजगार और बेकार बताए जाने के बाद सौरव दास ने पलटवार करने के लिए बेहद दिलचस्प तरीका अपनाया। उन्होंने मजाकिया लहजे में टिप्पणी की कि शायद कंगना उन्हें इसलिए निशाना बना रही हैं क्योंकि वह देखने में युवा ऋतिक रोशन की तरह नजर आते हैं। इसके साथ ही उन्होंने राजनीतिक जीवन में व्यक्तिगत छींटाकशी के स्थान पर नीतिगत मुद्दों और जनहित की बातों पर स्वस्थ चर्चा करने पर जोर दिया है।
NEET-UG 2026 प्रदर्शन और जेन जी पर विवाद की शुरुआत
यह पूरा राजनीतिक घटनाक्रम NEET-UG 2026 परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों के विरोध में शुरू हुआ था। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में छात्र संगठन और युवा सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस आंदोलन और इसमें हिस्सा ले रहे युवाओं पर टिप्पणी करते हुए कंगना रनौत ने कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर जेन जी पीढ़ी की आलोचना की थी। कंगना ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं को जनरेशन गटर कहकर संबोधित किया और उनके विरोध प्रदर्शन के वीडियो को उल्टी आने जैसा करार दिया था। कंगना की इस टिप्पणी के सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक हलकों और छात्र संगठनों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।
सौरव दास का पहला पलटवार और कंगना का पलटवार
कंगना रनौत के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सीजेपी नेता सौरव दास ने उन पर तंज कसा था। सौरव दास ने कहा था कि खुद भारतीय जनता पार्टी के भीतर भी लोग कंगना के बयानों को गंभीरता से नहीं लेते हैं। इस पलटवार से नाराज होकर कंगना रनौत ने सीधे सौरव दास को निशाना बनाया। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट साझा किया। कंगना ने लिखा कि जब उन्होंने इंटरनेट पर इस व्यक्ति के बारे में खोजबीन की तो पता चला कि उसकी उम्र 28 वर्ष है। कंगना ने सवाल उठाया कि 28 साल की उम्र का व्यक्ति खुद को छात्र नेता कैसे बता सकता है।
नेशनल अवॉर्ड की तुलना और बेरोजगार कहने पर हमला
सौरव दास की योग्यता और उम्र पर हमला बोलते हुए कंगना रनौत ने अपनी उपलब्धियों का जिक्र किया था। कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि जब वह 28 साल की थीं, तब तक उन्हें 2 नेशनल अवॉर्ड मिल चुके थे। उन्होंने सौरव दास को बेकार और बेरोजगार इंसान करार देते हुए कहा कि ऐसा व्यक्ति कभी समझ ही नहीं सकता कि हर उम्र में काम की मांग में रहने का क्या अर्थ होता है। कंगना का यह बयान इंटरनेट पर काफी वायरल हुआ और इसके बाद विवाद और अधिक बढ़ गया।
यंग ऋतिक रोशन वाले बयान से तंज और 2016 का संदर्भ
कंगना रनौत की इस तीखी टिप्पणी के बाद एक साक्षात्कार में सौरव दास से जब इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया। सौरव दास ने बताया कि उनके एक मित्र ने मजाकिया अंदाज में कहा कि कंगना उनके पीछे शायद इसलिए पड़ी हैं क्योंकि वह थोड़े-बहुत युवा ऋतिक रोशन जैसे दिखते हैं। सौरव दास के इस बयान को साल 2016 में कंगना रनौत और बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन के बीच हुए चर्चित विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। सौरव दास ने स्पष्ट किया कि उनकी कंगना रनौत या उनकी पार्टी के किसी भी नेता से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है।
लोकतंत्र में संवाद की आवश्यकता और कॉफी पर मिलने की बात
बातचीत के दौरान सौरव दास ने सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखने की वकालत की। उन्होंने कहा कि आज हमारे देश की सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग आपस में सार्थक बातचीत नहीं कर रहे हैं और स्वस्थ बहस का दायरा लगातार सिमटता जा रहा है। सौरव ने कंगना द्वारा युवाओं के लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को अपने शब्दों का चयन जिम्मेदारी से करना चाहिए। साक्षात्कारकर्ता ने जब उनसे पूछा कि यदि कंगना उन्हें कभी कॉफी पर आमंत्रित करती हैं तो क्या वह जाएंगे, तो सौरव दास ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि वह बातचीत में विश्वास रखते हैं और सहर्ष जाएंगे।


















