आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की खोज से हिला कंप्यूटर साइंस, एक्सपोनेंशियल टाइम हाइपोथिसिस पर उठे सवाललाइव: चक्रवात अर्णब का ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी तांडव, 55 हजार से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्टहजारों साल पुराना है कंडोम का इतिहास, कभी भेड़ की आंत और कछुए के खोल से तैयार होते थे ये कवरपेरेंट्स की ये 5 गलतियां घर में बढ़ाती हैं भाई-बहनों के बीच मनमुटाव, ताउम्र रिश्तों में आ जाती है कड़वाहटरिवाइव हुआ समझौता: वोक्सवैगन ग्रुप के साथ एआई असिस्टेंट साझा करेगी रिवियनडोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद कैसे बढ़ी ट्रांसजेंडर बच्चों के माता-पिता की मानसिक चिंता?स्पेन ट्रेन हादसा: 69 लोगों की मौत, युवा एथलीट और पूर्व मंत्री भी शामिलनीट-यूजी और नेट विवादों के साये में एनटीए का कायापलट, सीआईएसएफ को सौंपी गई सुरक्षा और हटाए गए 600 विशेषज्ञराशिद खान ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में रचा नया इतिहास, बने 200 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाजद डेविल्स रिव्यू (2026): कैसे आधी सदी पुराना कल्ट क्लासिक इस हेलोवीन सीजन का सबसे बड़ा सिनेमाई धमाका बन गया
शी जिनपिंग और नरेंद्र मोदी की मुलाकात से पहले भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवा शुरू, 6 साल बाद थमा इंतजारचीन
12 सित॰ 2026, 9:53 am (48 दिन पहले)· 32

शी जिनपिंग और नरेंद्र मोदी की मुलाकात से पहले भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवा शुरू, 6 साल बाद थमा इंतजार

भारत और चीन के बीच 6 साल बाद सीधी उड़ान सेवाएं फिर से बहाल कर दी गई हैं। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात से पहले दोनों देशों के संबंधों में सुधार का संकेत है।

भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवा एक बार फिर आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। दोनों देशों के बीच लगभग 6 साल के लंबे अंतराल के बाद यह सीधी उड़ान सेवा बहाल हुई है। यह महत्वपूर्ण कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली आगामी बैठक से पहले दोनों देशों के रिश्तों में जमी बर्फ पिघलती नजर आ रही है।

द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार को मिलेगी गति

दोनों पड़ोसी देशों के बीच सीधी उड़ानों की बहाली को कूटनीतिक और व्यापारिक मोर्चे पर एक बड़ी प्रगति के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क को धीरे-धीरे मजबूत किया गया है। मार्च 2026 में विमानन कंपनी इंडीगो ने कोलकाता और शंघाई के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू की थी, जिससे कोलकाता इस कनेक्टिविटी का एक मुख्य केंद्र बनकर उभरा। इसके बाद अप्रैल 2026 में एयर चाइना ने भी 6 साल के बाद दिल्ली से बीजिंग के लिए अपनी नॉन-स्टॉप हवाई सेवा को दोबारा शुरू किया था।

ये भी पढ़ें

हवाई मार्गों का तेजी से हुआ विस्तार

हवाई संपर्क को सामान्य बनाने की दिशा में दोनों देशों ने तेजी से प्रयास किए हैं। अप्रैल 2026 के अंत में इंडीगो ने दिल्ली और ग्वांगझू के बीच भी अपनी सीधी उड़ान सेवा की शुरुआत की थी। इसके बाद अगस्त 2026 में दोनों देशों की ओर से कई नई उड़ानों की घोषणा की गई, जिससे हवाई कनेक्टिविटी में और अधिक सुधार हुआ। सितंबर 2026 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से ठीक पहले दिल्ली और ग्वांगझू के बीच सीधी उड़ानों का परिचालन शुरू होना दोनों देशों के आपसी संबंधों में बढ़ते तालमेल को दर्शाता है।

सवाल-जवाब

भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवा कितने समय तक स्थगित रही?
दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान सेवाएं आधिकारिक तौर पर बहाल होने से पहले छह साल तक स्थगित रही थीं।
इस हवाई संपर्क को बहाल करने में किन एयरलाइनों ने भाग लिया है?
इंडीगो और एयर चाइना जैसी एयरलाइनों ने दिल्ली, कोलकाता, बीजिंग, शंघाई और ग्वांगझू जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली सीधी उड़ानें शुरू की हैं।
इन उड़ानों की चरणबद्ध शुरुआत कब हुई थी?
उड़ानों की चरणबद्ध बहाली साल 2026 की शुरुआत में हुई थी, जिसमें मार्च 2026 में कोलकाता-शंघाई और अप्रैल 2026 में दिल्ली-बीजिंग उड़ानें शुरू की गईं।
इस हवाई सेवा की बहाली का समय क्यों महत्वपूर्ण है?
यह हवाई सेवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले बहाल हुई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp