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1973 में घोषित पद्मश्री सम्मान का 53 वर्षों से इंतजार, दिग्गज विकेटकीपर फारुख इंजीनियर की मदद करेंगे जय शाहक्रिकेट
14 अग॰ 2026, 8:18 pm (74 दिन पहले)· 3

1973 में घोषित पद्मश्री सम्मान का 53 वर्षों से इंतजार, दिग्गज विकेटकीपर फारुख इंजीनियर की मदद करेंगे जय शाह

भारत के पूर्व विकेटकीपर फारुख इंजीनियर 1973 में पद्मश्री के लिए चुने गए थे, लेकिन 53 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें आधिकारिक सूचना नहीं मिली। अब 88 वर्ष के दिग्गज क्रिकेटर ने आईसीसी अध्यक्ष जय शाह से संपर्क किया है।

भारतीय क्रिकेट इतिहास में अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे कई महान खिलाड़ियों को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान 'पद्मश्री' से अलंकृत किया जा चुका है। हालांकि, भारतीय टीम के एक पूर्व दिग्गज क्रिकेटर इस सम्मान को प्राप्त करने के लिए पिछले 53 वर्षों से निरंतर इंतजार कर रहे हैं। यह खिलाड़ी कोई और नहीं, बल्कि भारत के पूर्व विकेटकीपर फारुख इंजीनियर हैं, जिन्हें वर्ष 1973 में इस नागरिक सम्मान के लिए चुना गया था। 88 वर्ष के हो चुके फारुख इंजीनियर का कहना है कि 1973 में घोषणा होने के बाद से आज तक भारत सरकार की ओर से किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने उनसे इस विषय में कोई आधिकारिक संपर्क नहीं किया है। इस लंबे इंतजार के बाद अब उन्होंने आईसीसी के चेयरमैन और बीसीसीआई के पूर्व सचिव जय शाह को पत्र लिखकर अपनी बात रखी है, जिसके बाद जय शाह ने उनकी मदद करने का आश्वासन दिया है।

इंग्लैंड में खेलने के दौरान मिली थी पद्मश्री की खबर

फारुख इंजीनियर ने उस समय की परिस्थितियों को याद करते हुए साझा किया कि जब 1973 में इस सम्मान का ऐलान हुआ था, तब वह इंग्लैंड में क्रिकेट खेल रहे थे। उस समय भारतीय टीम के मैनेजर हेमू अधिकारी ने समाचार पत्रों में छपी खबरों को पढ़कर उन्हें जानकारी दी थी कि उन्हें पद्मश्री पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई है। हालांकि, फारुख इंजीनियर ने मैनेजर हेमू अधिकारी को स्पष्ट रूप से बताया था कि उन्हें भारत सरकार से इस संबंध में कोई भी औपचारिक पत्र या सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उस पर हेमू अधिकारी ने भरोसा दिया था कि सरकार की ओर से जल्द ही उन्हें आधिकारिक रूप से पत्राचार किया जाएगा, लेकिन उस दिन के बाद से आज तक इस संबंध में कोई नया अपडेट या लिखित सूचना उन्हें नहीं मिल सकी। उन दिनों में जानकारी प्राप्त करने का मुख्य माध्यम केवल समाचार पत्र ही हुआ करते थे, जिससे सीधा संपर्क साधना कठिन था।

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प्रशासनिक संपर्क की कमी और लंबे इंतजार की वजह

सरकार की तरफ से कोई सीधा संदेश न आने के कारण फारुख इंजीनियर इस दुविधा में रहे कि इस विषय में किस विभाग या अधिकारी को पत्र लिखा जाए। इसी असमंजस के कारण वह केवल इंतजार ही करते रहे कि शायद भारत सरकार की ओर से कोई फोन कॉल या आधिकारिक पत्र आ जाए। समय बीतता गया और दशक दर दशक यह मामला अटका रहा। फारुख इंजीनियर ने बताया कि उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीसीसीआई के उपाध्यक्ष रहे दिवंगत अरुण जेटली के निधन से पहले उनसे भी इस बारे में बातचीत की थी और अपना पक्ष रखा था। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका और औपचारिक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।

जय शाह से लगाई मदद की गुहार

पांच दशकों से अधिक का लंबा समय बीत जाने के बाद फारुख इंजीनियर ने एक बार फिर प्रयास करने का निर्णय लिया। उन्होंने बीसीसीआई के पूर्व सचिव और वर्तमान आईसीसी चेयरमैन जय शाह को इस पूरे मामले से अवगत कराते हुए पत्र भेजा। जय शाह ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर की बात को ध्यानपूर्वक सुना और इस मामले में हर संभव सहायता प्रदान करने का वादा किया है। 88 वर्षीय फारुख इंजीनियर का कहना है कि जब इस घोषणा को 50 साल से भी अधिक समय बीत चुका है, तो उन्होंने सोचा कि अपने हक और इस ऐतिहासिक सम्मान के लिए एक अंतिम कोशिश की जानी चाहिए।

सवाल-जवाब

फारुख इंजीनियर कौन हैं और उन्हें पद्मश्री की घोषणा कब हुई थी?
फारुख इंजीनियर भारत के पूर्व विकेटकीपर और दिग्गज क्रिकेटर हैं। उन्हें वर्ष 1973 में पद्मश्री सम्मान के लिए चुना गया था।
1973 की घोषणा के बाद फारुख इंजीनियर को पद्मश्री क्यों नहीं मिल सका?
भारत सरकार की ओर से फारुख इंजीनियर को कोई आधिकारिक पत्र या सूचना प्राप्त नहीं हो सकी थी, जिसके कारण उन्हें सम्मान नहीं मिल पाया।
फारुख इंजीनियर ने इस मामले में हाल ही में किससे मदद मांगी है?
उन्होंने आईसीसी चेयरमैन और बीसीसीआई के पूर्व सचिव जय शाह को पत्र लिखकर सहायता मांगी है, जिन्होंने मदद का वादा किया है।
फारुख इंजीनियर की वर्तमान उम्र क्या है?
फारुख इंजीनियर की वर्तमान उम्र 88 वर्ष है।
फारुख इंजीनियर से पहले किन प्रमुख भारतीय क्रिकेटरों को पद्मश्री मिल चुका है?
अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे कई दिग्गज भारतीय क्रिकेटरों को पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।
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