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टीम इंडिया में वर्षों के सूखे के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में इन पांच धुरंधरों ने दर्ज कराई जोरदार उपस्थितिक्रिकेट
18 अक्तू॰ 2026, 3:12 am (1 घंटे पहले)· 0

टीम इंडिया में वर्षों के सूखे के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में इन पांच धुरंधरों ने दर्ज कराई जोरदार उपस्थिति

लगातार प्रतिस्पर्धा और बढ़ती प्रतिभाओं के बीच भारतीय टी20 टीम में वापसी करना बेहद कठिन माना जाता है, लेकिन कुछ खिलाड़ियों ने वर्षों के इंतजार के बाद दोबारा नीली जर्सी पहनी।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दुनिया में अपनी जगह दोबारा पाना कभी भी आसान काम नहीं रहा है। भारतीय क्रिकेट परिदृश्य में यह चुनौती और भी विकट हो जाती है, क्योंकि यहां प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और नए खिलाड़ी लगातार चयनकर्ताओं के दरवाजे पर दस्तक देते रहते हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप की गतिशीलता, फॉर्म की अस्थिरता और चोटों के जोखिम के बीच राष्ट्रीय टीम से बाहर होना किसी भी क्रिकेटर के मानसिक संतुलन की सबसे बड़ी परीक्षा साबित होता है। इसके बावजूद, कुछ ऐसे दृढ़निश्चयी खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने मैदान पर लंबे समय तक उपेक्षित रहने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और अंततः राष्ट्रीय एकादश में जोरदार अंदाज में कदम रखा।

मैचों के फासले में सबसे आगे निकले भुवनेश्वर कुमार

भारत की तरफ से सबसे छोटे प्रारूप में मुकाबलों के अंतराल के मामले में अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का नाम शीर्ष पर आता है। स्विंग गेंदबाजी में दक्षता रखने वाले इस गेंदबाज ने नवंबर 2022 में मैच खेलने के बाद एक लंबा विराम देखा और सीधे अक्टूबर 2026 में उनकी वापसी दर्ज हुई। इस समयावधि में भारतीय टीम ने कुल 106 टी20 मुकाबले खेले, जिनमें यह तेज गेंदबाज अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं बन सका।

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समय की गणना करें तो यह अंतराल 3 वर्ष और 340 दिनों का बैठता है। इस पूरे दौर में उन्हें टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की प्राथमिकताओं से बाहर रखा गया। हालांकि, इस लंबे समय के दौरान उन्होंने अपनी फिटनेस को बनाए रखने और नई गेंद से अपनी पुरानी लय को तराशने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जब वे दोबारा मैदान में उतरे, तो उन्होंने साबित किया कि अनुभव और सटीक लाइन-लेंथ का कोई विकल्प नहीं होता।

खलील अहमद का चार वर्षों से अधिक का संघर्ष

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद के लिए भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुनरागमन का रास्ता बेहद पथरीला रहा। खलील ने नवंबर 2019 में टी20 मुकाबला खेला था, जिसके उपरांत उन्हें अगले अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए जुलाई 2024 तक इंतजार करना पड़ा। इन दोनों मुकाबलों के दरमियान भारतीय टीम ने कुल 104 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे किए।

दिनों के पैमाने पर यह दूरी 4 वर्ष और 237 दिन की बैठती है। एक ऐसा समय भी आया जब क्रिकेट विश्लेषक यह मानने लगे थे कि राष्ट्रीय स्तर पर उनका अध्याय समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद, घरेलू प्रतियोगिताओं और इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी गति और विविधता पर निरंतर पसीना बहाकर खलील ने चयनकर्ताओं को बाध्य किया कि वे उनके नाम पर दोबारा विचार करें।

वरुण चक्रवर्ती की फिरकी का दूसरा अध्याय

रहस्यमयी स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की दास्तान भी धैर्य की एक अनूठी मिसाल पेश करती है। संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित नवंबर 2021 के टी20 विश्व कप के समापन के बाद उन्हें अचानक राष्ट्रीय टीम से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद उनका यह निर्वासन अक्टूबर 2024 तक खिंचता चला गया, जब उन्हें दोबारा टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला।

इस अंतराल के दौरान भारतीय टीम ने 86 मुकाबले खेल डाले, जो कुल 2 वर्ष और 334 दिनों की अवधि के बराबर था। वरुण ने घरेलू स्तर पर लगातार अभ्यास किया और अपनी गेंदबाजी की विविधता को और पैना किया। जब उनकी वापसी हुई, तो उन्होंने अपनी घूमती गेंदों से विपक्षी बल्लेबाजों को फिर से असहज स्थिति में डालकर यह दर्शाया कि उनकी फिरकी की धार कम नहीं हुई है।

संजू सैमसन और शिवम दुबे की निरंतर दृढ़ता

विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का करियर भी अवसरों की तलाश और लंबे अंतरालों की कहानी रहा है। संजू ने जुलाई 2015 में अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत की थी, लेकिन उन्हें नियमित पहचान पाने के लिए जनवरी 2020 तक प्रतीक्षा सूची में रहना पड़ा। इस दौरान वे 73 अंतरराष्ट्रीय मैचों से बाहर रहे, जिसका कुल समय 4 वर्ष और 173 दिन बनता है। घरेलू मंच पर रनों के बड़े स्कोर बनाने के बाद भी उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया, मगर उन्होंने अपनी आक्रामक शैली से समझौता नहीं किया।

इसी प्रकार, हरफनमौला खिलाड़ी शिवम दुबे को भी चयनकर्ताओं की योजनाओं से बाहर रहकर लंबा समय बिताना पड़ा। फरवरी 2020 के बाद उन्हें अगस्त 2023 में जाकर अगला मुकाबला नसीब हुआ। इस समयावधि में उन्होंने 70 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की दूरी देखी, जो 3 वर्ष और 195 दिनों का फासला था। जब दुबे वापस लौटे, तो उन्होंने मध्यक्रम में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए टीम में अपनी जगह पुख्ता की।

दिनों की अवधि में दिनेश कार्तिक का ऐतिहासिक वनवास

यदि कैलेंडर के दिनों की संख्या के आधार पर गणना की जाए, तो इस सूची में सबसे विशाल रिकॉर्ड विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक के नाम मौजूद है। कार्तिक ने मई 2010 से जुलाई 2017 के मध्य पूरे 7 वर्ष और 57 दिनों का लंबा वियोग झेला। हालांकि मैचों के दृष्टिकोण से इस दौर में भारत ने 56 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, लेकिन इतने लंबे समय तक राष्ट्रीय टीम से दूर रहने के बाद भी खेल के प्रति उनका समर्पण कभी कम नहीं हुआ। घरेलू मैदानों पर लगातार शानदार प्रदर्शन के सहारे उन्होंने अंततः टीम में वापसी की और यह दर्शाया कि उम्र या लंबा इंतजार किसी भी जुनूनी खिलाड़ी के हौसले को तोड़ नहीं सकता।

सवाल-जवाब

टी20 अंतरराष्ट्रीय में मैचों के हिसाब से सबसे लंबा अंतराल किस भारतीय खिलाड़ी का रहा है?
भुवनेश्वर कुमार के नाम यह रिकॉर्ड है, जिन्होंने नवंबर 2022 से अक्टूबर 2026 के बीच 106 टी20 मैच मिस किए।
दिनों की संख्या के आधार पर भारत के लिए सबसे लंबा टी20 कमबैक किसका था?
दिनेश कार्तिक ने मई 2010 से जुलाई 2017 के बीच 7 साल और 57 दिनों का सबसे लंबा इंतजार झेला था।
खलील अहमद कितने समय और मैचों के बाद टीम इंडिया में लौटे?
खलील अहमद ने 104 मैचों और 4 साल 237 दिनों के लंबे अंतराल के बाद जुलाई 2024 में वापसी की।
वरुण चक्रवर्ती को टी20 टीम में दोबारा शामिल होने में कितना समय लगा?
वरुण चक्रवर्ती ने नवंबर 2021 के बाद अक्टूबर 2024 में वापसी की, जिसके बीच उन्होंने 86 मैच और 2 साल 334 दिन बिताए।
संजू सैमसन को अपने शुरुआती दौर में कितने मैचों से बाहर रहना पड़ा था?
जुलाई 2015 में डेब्यू के बाद संजू सैमसन को 73 मैचों और 4 साल 173 दिनों तक अगली उपस्थिति के लिए इंतजार करना पड़ा था।
शिवम दुबे का टी20 अंतरराष्ट्रीय में वापसी का अंतराल क्या था?
शिवम दुबे फरवरी 2020 से अगस्त 2023 तक 70 मैचों और 3 साल 195 दिनों के अंतराल के बाद लौटे।
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टिप्पणियाँ 2

Tanvi Desai@tanvi-desai·53 मिनट पहले

भुवी को इतने साल बाद वापस खेलते देख मुझे हॉलीवुड की उन फिल्मों की याद आ गई जहां पुराना हीरो अंत में शानदार वापसी करता है।

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·53 मिनट पहले

तनवी, बिल्कुल सही कहा आपने! इतने लंबे अंतराल के बाद भुवी की वापसी वाकई किसी फिल्मी क्लाइमैक्स जैसी ही प्रेरणादायक है।

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