विराट कोहली के गेंदबाजी करियर में एक ऐसा विकेट दर्ज है, जो उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की अपनी पहली वैध गेंद फेंकने से पहले ही हासिल कर लिया था। यह किस्सा मैनचेस्टर में साल 2011 का है और आज भी क्रिकेट के सबसे अजीबोगरीब रिकॉर्ड्स की चर्चा में सबसे पहले इसी का नाम आता है। कोहली अब तक टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास के इकलौते ऐसे गेंदबाज हैं, जिनके नाम पहली वैध गेंद डालने से पहले ही विकेट दर्ज हो गया था।
मैनचेस्टर में कैसे बना यह मौका
यह मैच 31 अगस्त 2011 को भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया एकमात्र टी20 मुकाबला था। इंग्लैंड की टीम लक्ष्य का पीछा कर रही थी और उनके सलामी बल्लेबाज केविन पीटरसन आक्रामक अंदाज में खेल रहे थे और भारत के मुख्य गेंदबाजों पर लगातार हावी हो रहे थे। भारतीय गेंदबाजों को विकेट नहीं मिल पा रहे थे, तभी कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एक अनोखा फैसला लिया। उन्होंने अपने नियमित गेंदबाजों की जगह पार्ट टाइम गेंदबाजी करने वाले विराट कोहली के हाथ में गेंद थमा दी, जबकि कोहली को टीम में मुख्य रूप से उनकी बल्लेबाजी के लिए चुना गया था। यह कोहली के टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला ओवर था, जो आगे चलकर रिकॉर्ड बुक का हिस्सा बन गया।
तीखी गेंद और धोनी की फुर्ती
कोहली ने अपने ओवर की पहली ही गेंद लेग स्टंप से काफी बाहर तेज रफ्तार से फेंकी। केविन पीटरसन ने आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद की लाइन को पूरी तरह मिस कर बैठे। गेंद सीधे विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के दस्तानों में गई और उन्होंने पलक झपकते ही गिल्लियां बिखेर दीं, इससे पहले कि पीटरसन क्रीज में वापस लौट पाते। अंपायर ने पीटरसन को आउट करार दिया, लेकिन साथ ही उसी गेंद को वाइड भी घोषित कर दिया, यानी आउट और वाइड दोनों एक साथ स्कोरकार्ड में दर्ज हुए।
शून्य वैध गेंद पर विकेट कैसे मुमकिन हुआ
क्रिकेट के नियमों के मुताबिक वाइड गेंद ओवर की छह वैध गेंदों में शुमार नहीं होती, इसलिए वह गेंदबाज के आंकड़ों में वैध डिलीवरी के तौर पर दर्ज नहीं होती, भले ही उस गेंद पर कुछ भी हो जाए। चूंकि कोहली ने अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत इसी वाइड गेंद से की थी, इसलिए रिकॉर्ड बुक में उस स्पेल के लिए उनकी वैध गेंदों की संख्या शून्य ही दर्ज है, जबकि स्कोरकार्ड में उनके नाम एक विकेट भी दर्ज हो चुका है। यानी तकनीकी रूप से कोहली ने केविन पीटरसन जैसे बड़े बल्लेबाज को अपने करियर की पहली वैध गेंद फेंकने से पहले ही आउट कर दिया था, एक ऐसा आंकड़ा जो पहली बार देखने वालों को हैरान कर देता है।
किस्मत, फुर्ती और संयोग से बना यादगार रिकॉर्ड
क्रिकेट में ज्यादातर रिकॉर्ड बल्लेबाजों की ताकत या गेंदबाजों की रफ्तार से जुड़े होते हैं, लेकिन कोहली का यह रिकॉर्ड पूरी तरह किस्मत, धोनी की तेज-तर्रार दस्तानों और एक दुर्लभ संयोग की देन है, जो दोबारा दोहराया जाना लगभग नामुमकिन है। आज भी जब क्रिकेट के सबसे मजेदार और अनोखे रिकॉर्ड्स की बात होती है, तो फैंस और कमेंटेटर दोनों की जुबान पर कोहली और धोनी की इस जोड़ी का जिक्र जरूर आता है। कोहली भले ही अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर हैं, गेंदबाज के तौर पर नहीं, लेकिन उनका यह अनोखा रिकॉर्ड शायद कभी नहीं टूटेगा, क्योंकि टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास में किसी और गेंदबाज ने अपनी पहली वैध गेंद डालने से पहले विकेट नहीं लिया।



















