भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में गौतम गंभीर के काम करने के तौर-तरीकों को लेकर चल रही बहसों के बीच, भारतीय टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर पूरी मजबूती के साथ उनके समर्थन में आगे आए हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ शुरू होने जा रही टी20 सीरीज के पहले मुकाबले से ठीक पहले श्रेयस अय्यर ने कोच गंभीर की खुलकर तारीफ की है। गंभीर के टीम संभालने के तरीके पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए अय्यर ने उन्हें खिलाड़ियों की मानसिकता को समझने वाला एक असाधारण मैन-मैनेजर बताया है। अय्यर का मानना है कि गंभीर के पास खिलाड़ियों के भीतर नया जोश भरने और उनके मन से हर तरह का डर दूर करने की अद्भुत क्षमता है, जो मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए बेहद जरूरी होती है।
कोलकाता नाइट राइडर्स के दिनों का अनुभव और गंभीर का तालमेल
श्रेयस अय्यर और गौतम गंभीर का रिश्ता नया नहीं है। आईपीएल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स यानी केकेआर के साथ काम करने के अपने पुराने अनुभव को याद करते हुए भारतीय कप्तान ने कहा कि उन्होंने गंभीर की इस खूबी को बहुत करीब से देखा है। संवाददाताओं से बातचीत के दौरान अय्यर ने कहा कि कोच के तौर पर गंभीर की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वे पूरी टीम के भीतर अटूट भरोसा और आत्मविश्वास पैदा करते हैं। उन्होंने बताया कि गंभीर की रणनीति में हर खिलाड़ी को इस बात की पूरी स्पष्टता होती है कि टीम में उसकी क्या भूमिका है और उसे किस तरह की जिम्मेदारी निभानी है। अय्यर के अनुसार, किसी भी सफल कोचिंग प्रणाली के लिए ये बुनियादी बातें सबसे ज्यादा मायने रखती हैं क्योंकि जब खिलाड़ियों को अपनी भूमिका का स्पष्ट पता होता है, तो वे बिना किसी हिचकिचाहट के खेलते हैं।
खिलाड़ियों की व्यक्तिगत समझ और कप्तानी का नया नजरिया
एक कप्तान के तौर पर खिलाड़ियों को संभालने के अपने व्यक्तिगत नजरिए पर बात करते हुए अय्यर ने कहा कि हर खिलाड़ी का व्यक्तित्व और खेलने की शैली अलग होती है। उन्होंने कहा कि एक लीडर के तौर पर आपको हर खिलाड़ी की व्यक्तिगत जरूरतों और उसकी मानसिक स्थिति को समझना होता है। चूंकि अय्यर आईपीएल में केकेआर की तरफ से खेलते हुए गंभीर के मार्गदर्शन में काम कर चुके हैं, इसलिए वे गंभीर की सोचने की प्रक्रिया और उनके क्रिकेटिंग दृष्टिकोण को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। अय्यर ने यह भी स्पष्ट किया कि वे टीम के किसी भी सदस्य पर उसकी भूमिका को लेकर गैर-जरूरी मानसिक दबाव नहीं बनाना चाहते। वे चाहते हैं कि खिलाड़ी टी20 प्रारूप की बदलती परिस्थितियों के हिसाब से खुद अपनी समझ विकसित करें और मैच की स्थिति के अनुसार खेलें।
दबाव मुक्त माहौल और खिलाड़ियों को महत्व देना
श्रेयस अय्यर ने टीम के भीतर एक सकारात्मक और दबाव मुक्त माहौल बनाने की वकालत की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खिलाड़ियों से बात करने का तरीका उनके प्रदर्शन को सीधे प्रभावित करता है। अय्यर ने कहा कि अगर आप किसी खिलाड़ी को सीधे तौर पर यह कहेंगे कि टीम में यही उसकी तय भूमिका है, तो वह अनजाने में ही खुद पर एक भारी दबाव महसूस करने लगता है। इसके विपरीत, यदि आप उस खिलाड़ी से यह कहें कि टीम को इस विशेष परिस्थिति में उसके योगदान की जरूरत है, तो इससे खिलाड़ी को अपनी अहमियत का अहसास होता है। ऐसा करने से खिलाड़ी खुद को टीम का एक अनिवार्य हिस्सा मानने लगता है और अधिक जिम्मेदारी के साथ मैदान पर उतरता है। यह छोटा सा बदलाव खिलाड़ी के आत्मविश्वास को आसमान पर पहुंचा सकता है।
चोटों की समस्या और व्यस्त घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय शेड्यूल
लगातार क्रिकेट खेलने के कारण खिलाड़ियों के चोटिल होने की बढ़ती समस्याओं पर भी भारतीय कप्तान ने खुलकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज के समय में क्रिकेट का कैलेंडर बेहद व्यस्त और थका देने वाला है। ऐसे में लगातार उच्च स्तर की तीव्रता के साथ मैच खेलने वाले खिलाड़ियों का चोटिल होना एक सामान्य बात है और इसके लिए किसी भी खिलाड़ी को कटघरे में खड़ा नहीं किया जाना चाहिए। अय्यर ने कहा कि चोटों के कारण योजनाओं का बिगड़ना निश्चित रूप से निराशाजनक होता है, लेकिन हमें एक खिलाड़ी के शरीर पर पड़ने वाले काम के बोझ को भी समझना होगा। कोई भी खिलाड़ी अपनी मर्जी से चोटिल नहीं होना चाहता। वे मैदान पर अपनी टीम को जिताने के लिए अपना सब कुछ झोंक देते हैं, और अगर उस प्रयास में वे अनजाने में चोटिल हो जाते हैं, तो उसे नियंत्रित करना किसी के हाथ में नहीं होता।
जसप्रीत बुमराह की वापसी और बेंच स्ट्रेंथ का महत्व
टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की टीम में वापसी को लेकर श्रेयस अय्यर काफी उत्साहित दिखे। उन्होंने बताया कि चोट से उबरने के बाद बुमराह के लिए मैच का अभ्यास करना और अपना पुराना आत्मविश्वास हासिल करना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। अय्यर ने खुलासा किया कि मुकाबले से पिछली शाम को उनकी बुमराह के साथ काफी सकारात्मक बातचीत हुई थी। अय्यर के अनुसार, बुमराह मैदान पर वापसी करने और टीम के लिए अपनी बेहतरीन गेंदबाजी का प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह से उत्सुक हैं। उनका एकमात्र लक्ष्य भारत को आगामी चैंपियनशिप जिताना है। कप्तान ने यह भी कहा कि भले ही चोटों के कारण टीम के मुख्य संयोजन में बदलाव करना पड़ता है, लेकिन भारत की बेंच स्ट्रेंथ बेहद मजबूत है। जो खिलाड़ी मुख्य एकादश से बाहर बैठे हैं, वे भी उतने ही प्रतिभाशाली हैं और मौका मिलने पर अपनी योग्यता साबित करने के लिए तैयार हैं।
ओपनिंग जोड़ी का विकल्प और ईशान किशन का फिटनेस अपडेट
अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 मैच के लिए सलामी जोड़ी के चयन को लेकर टीम प्रबंधन के सामने एक बेहतरीन चुनौती है। टीम के पास वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के रूप में तीन शानदार विकल्प मौजूद हैं। इस पर बात करते हुए अय्यर ने कहा कि टीम के पास इतने विकल्प होना एक अच्छी स्थिति है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि टीम मैनेजमेंट जिस भी खिलाड़ी को ओपनिंग की जिम्मेदारी सौंपेगा, उसे पूरी टीम और कोचिंग स्टाफ का शत-प्रतिशत समर्थन मिलेगा। इसके अलावा, विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन की शारीरिक फिटनेस को लेकर चल रही चिंताओं पर भी कप्तान ने स्थिति साफ की। अय्यर ने बताया कि अभ्यास सत्र के समाप्त होने के बाद उन्होंने ईशान किशन से बात की थी। ईशान को लगातार खेलने के कारण थोड़ी थकान महसूस हो रही थी और एक छोटी सी शारीरिक समस्या थी, लेकिन पर्याप्त आराम मिलने के बाद उनके मैच के दिन तक पूरी तरह से फिट होने की पूरी उम्मीद है।



















