अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए दूसरे यूथ टेस्ट मैच में भारतीय अंडर-19 टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलियाई अंडर-19 टीम को तीन दिनों के अंदर 10 विकेट से करारी शिकस्त दी। इस मुकाबले के सबसे बड़े नायक 18 वर्षीय बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज तन्मय बालौदा रहे, जिन्होंने कंगारू बल्लेबाजों को अपनी फिरकी के जाल में ऐसा उलझाया कि 19 साल पुराना यूथ टेस्ट इतिहास का सबसे बड़ा गेंदबाजी रिकॉर्ड पूरी तरह ध्वस्त हो गया। दोनों पारियों में पांच या उससे अधिक विकेट चटकाते हुए तन्मय ने कुल 14 विकेट अपनी झोली में डाले और अपनी टीम को एकतरफा अंदाज में शानदार जीत दिला दी।
तन्मय बालौदा के नाम दर्ज हुआ यूथ टेस्ट का सबसे बड़ा गेंदबाजी कीर्तिमान
5 अक्टूबर से शुरू हुए इस दूसरे यूथ टेस्ट मुकाबले में तन्मय बालौदा ने पहली पारी से ही विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने पहली पारी में बेहतरीन लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए 32 रन देकर 6 विकेट हासिल किए। इसके बाद जब ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी पारी में वापसी की उम्मीद लेकर उतरी, तो तन्मय और भी घातक साबित हुए। उन्होंने दूसरी पारी में महज 41 रन खर्च करके 8 विकेट उखाड़ दिए। इस तरह पूरे मैच में उन्होंने कुल 73 रन देकर 14 विकेट चटकाने का करिश्मा कर दिखाया। इसके साथ ही वह यूथ टेस्ट क्रिकेट इतिहास के किसी एक मैच में सर्वाधिक विकेट लेने वाले दुनिया के नंबर एक गेंदबाज बन गए हैं।
टिम साउदी का 19 साल पुराना कीर्तिमान हुआ ध्वस्त
यूथ टेस्ट क्रिकेट के एक मैच में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी का विश्व रिकॉर्ड इससे पहले न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज टिम साउदी के नाम दर्ज था। साउदी ने साल 2007 में भारतीय अंडर-19 टीम के खिलाफ खेले गए यूथ टेस्ट मुकाबले में 92 रन देकर 12 विकेट झटके थे। तन्मय बालौदा ने 19 साल बाद इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया मुकाम हासिल कर लिया है। वैश्विक स्तर पर अब तक चुनिंदा गेंदबाज ही किसी यूथ टेस्ट में 12 विकेट तक पहुंच पाए थे, लेकिन 14 विकेट चटकाने का कारनामा पहली बार किसी युवा गेंदबाज ने किया है।
यूथ टेस्ट इतिहास के सबसे सफल गेंदबाजों की सूची
यूथ टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक मैच में सर्वाधिक विकेट निकालने वाले प्रमुख गेंदबाजों के आंकड़े इस प्रकार हैं
- तन्मय बालौदा (भारत): 73 रन देकर 14 विकेट (साल 2026, बनाम ऑस्ट्रेलिया अंडर-19)
- टिम साउदी (न्यूजीलैंड): 92 रन देकर 12 विकेट (साल 2007, बनाम भारतीय अंडर-19)
- फजल ए अकबर (पाकिस्तान): 99 रन देकर 12 विकेट (साल 1997, साउथ अफ्रीका अंडर-19)
- विद्युत शिवरामाकृष्णन (भारत): 122 रन देकर 12 विकेट (साल 2001, इंग्लैंड अंडर-19)
- आशीष जैदी (भारत): 147 रन देकर 12 विकेट (साल 1997, पाकिस्तान अंडर-19)
- मुश्ताक अहमद (पाकिस्तान): 150 रन देकर 12 विकेट (साल 1989, भारतीय अंडर-19)
- पॉल स्टीपटो (ऑस्ट्रेलिया): 169 रन देकर 12 विकेट (साल 1986, भारतीय अंडर-19)
भारत को मिला था 11 रनों का मामूली लक्ष्य, 5 गेंदों में जीती टीम
इस पूरी सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई युवा टीम का दौरा बेहद निराशाजनक रहा। इससे पहले खेली गई तीन मैचों की यूथ वनडे सीरीज में भी मेजबान भारत ने कंगारू टीम को एकतरफा अंदाज में हराया था। इसके बाद दो मैचों की यूथ टेस्ट सीरीज में भी भारतीय दबदबा कायम रहा। पहले यूथ टेस्ट मैच को भारतीय टीम ने पारी और 48 रनों से अपने नाम किया था। दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई पारी सिमटने के बाद भारतीय टीम को जीत के लिए केवल 11 रनों का लक्ष्य मिला। भारत की तरफ से लक्ष्य और सागर की सलामी जोड़ी मैदान पर उतरी और उन्होंने बिना कोई विकेट गंवाए केवल 5 गेंदों में ही 11 रन बनाकर मुकाबला 10 विकेट से अपने नाम कर लिया।



















