खूबसूरत और मुलायम बालों की चाहत में लोग अक्सर सैलून जाकर तरह-तरह के ब्यूटी ट्रीटमेंट लेते हैं, जिनमें हेयर स्पा सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला विकल्प बन चुका है। बाल जब उलझे और बेजान दिखने लगते हैं, तो उन्हें तुरंत चमकदार, स्मूद और फ्रिज-फ्री बनाने के लिए लोग स्पा का सहारा लेते हैं। पार्लर से निकलने के बाद बालों की बनावट वाकई काफी रेशमी और आकर्षक नजर आती है। इसके बावजूद इस बात को समझना जरूरी है कि हर कुछ दिनों में इस प्रक्रिया को दोहराना आपके बालों की कुदरती सेहत के लिए हमेशा सही साबित नहीं होता।
जरूरत से ज्यादा स्पा कराने के खतरे
हेयर स्पा का मुख्य उद्देश्य बालों को जरूरी पोषण देना और उनमें नमी का संतुलन बनाए रखना होता है। जब यह ट्रीटमेंट सीमित तरीके से लिया जाता है, तब तक तो इसके अच्छे नतीजे मिलते हैं, लेकिन अति करने पर इसके गंभीर दुष्प्रभाव भी सामने आ सकते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान बालों पर गर्म भाप, हीट और कई तरह के कॉस्मेटिक हेयर प्रोडक्ट्स का उपयोग किया जाता है। जब इन चीजों का संपर्क बालों से बार-बार होता है, तो बालों की बाहरी सुरक्षात्मक परत धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगती है। इसका सीधा असर यह होता है कि बाल अंदर से नमी खोने लगते हैं, रूखे हो जाते हैं और उनके टूटने तथा लगातार झड़ने की परेशानी काफी बढ़ जाती है।
महीने में कितनी बार कराना सही
बालों की सामान्य सेहत बनाए रखने के लिए महीने में सिर्फ एक या दो बार हेयर स्पा करवाना ही काफी माना जाता है। इस रूटीन को तय करने से पहले अपने बालों की बनावट, स्कैल्प के प्रकार और उनकी वास्तविक जरूरत को समझना बेहद जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति के बाल पहले से ही बहुत पतले या संवेदनशील हैं, तो बिना सोचे-समझे बार-बार स्पा कराने से फायदे की जगह नुकसान की आशंका अधिक बढ़ जाती है।
डैमेज बालों के लिए कोई जादुई इलाज नहीं
कई लोगों में यह गलत धारणा बन चुकी है कि हेयर स्पा कराने से खराब या डैमेज हो चुके बाल हमेशा के लिए ठीक हो जाएंगे। असलियत यह है कि इस ट्रीटमेंट का असर केवल एक निश्चित समय तक ही टिकता है। अगर आप नियमित तौर पर घर में सही हेयर केयर रूटीन का पालन नहीं करते हैं, तो सैलून का असर खत्म होते ही बाल कुछ ही दिनों में वापस बेजान और सूखे नजर आने लगते हैं।
लंबे समय तक असर बनाए रखने के जरूरी नियम
हेयर स्पा का सही फायदा तभी मिल पाता है जब व्यक्ति अपनी रोजमर्रा की आदतों में भी सुधार करे। इसके लिए पौष्टिक व संतुलित खानपान लेना और रोजाना भरपूर पानी पीना बुनियादी जरूरत है। साथ ही अपने बालों की प्रकृति के हिसाब से सही शैंपू और कंडीशनर का चुनाव करना चाहिए। इसके अलावा बालों को तेज धूप, धूल-मिट्टी और प्रदूषण से सुरक्षित रखना जरूरी है। साथ ही हेयर स्ट्रेटनर या कर्लिंग मशीन जैसे बार-बार हीट देने वाले स्टाइलिंग उपकरणों से भी दूरी बनाए रखनी चाहिए।



















