अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जब विस्फोटक ओपनर रोहित शर्मा क्रीज पर उतरते हैं, तो विरोधी गेंदबाजों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। अमूमन ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है जब दुनिया का यह दिग्गज बल्लेबाज किसी गेंदबाज के सामने खुद को लाचार महसूस करे। हालांकि, वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के शुरुआती मुकाबले में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जिसकी उम्मीद शायद ही किसी ने की होगी। भारतीय टीम के सामने इस मैच में जीत के लिए 296 रनों का लक्ष्य था, जिसका पीछा करने उतरी भारतीय पारी को रोहित ने बेहद सधी हुई और संभली हुई शुरुआत दी थी। वह अपनी चिर-परिचित शैली में बल्लेबाजी कर रहे थे और धीरे-धीरे अपने अर्धशतक की तरफ कदम बढ़ा रहे थे।
अल्जारी जोसेफ का वो दबाव वाला ओवर
रोहित शर्मा जब क्रीज पर पूरी तरह सेट नजर आ रहे थे, तभी वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ ने मैच का रुख पलटने वाला एक बेहद कसा हुआ ओवर फेंका। पारी के 12वें ओवर में अल्जारी जोसेफ ने गेंदबाजी की कमान संभाली और रोहित लगातार पांच गेंदों पर एक भी रन बनाने में कामयाब नहीं हो पाए। गेंदबाज की सटीक लाइन-लेन्थ और लगातार बढ़ती डॉट गेंदों के कारण भारतीय कप्तान पर मानसिक दबाव चरम पर पहुंच गया। इस बढ़ते दबाव से उबरने की कोशिश में रोहित ने ओवर की आखिरी गेंद पर एक बड़ा शॉट खेलने का जोखिम उठाया, लेकिन वह गेंद को बाउंड्री के पार नहीं पहुंचा सके और सीधा कैच थाम बैठे। इस तरह 35 गेंदों का सामना करते हुए रोहित शर्मा की 32 रनों की संघर्षपूर्ण पारी का अंत हुआ, जिसमें उन्होंने 3 शानदार छक्के और 2 चौके जड़े थे।
जस्टिन ग्रीव्स का ऐतिहासिक शतक और वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम के लिए यह मुकाबला बेहद यादगार साबित हुआ। कैरेबियाई टीम के लिए ओपनिंग करने उतरे जस्टिन ग्रीव्स ने मैदान के चारों तरफ बेहतरीन स्ट्रोक खेले और भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली। जस्टिन ग्रीव्स ने जॉन कैंपबेल के साथ मिलकर पारी की मजबूत शुरुआत की और दोनों बल्लेबाजों के बीच पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी यानी 135 रनों की अमूल्य पार्टनरशिप हुई। इस साझेदारी में जॉन कैंपबेल ने भी अपनी भूमिका बखूबी निभाई और 62 रनों का योगदान दिया।
जस्टिन ग्रीव्स ने अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए 108 गेंदों का सामना किया और अपने वनडे करियर का पहला शतक ठोक दिया। उनकी इस शतकीय पारी में कुल 12 शानदार चौके शामिल रहे, जिसने भारतीय गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। इसके अलावा वेस्टइंडीज के अन्य बल्लेबाजों ने भी उपयोगी पारियां खेलीं। आमिर जंगू ने टीम के लिए 58 रनों का योगदान दिया, जबकि अनुभवी रोस्टन चेस ने 24 रन बनाए। मध्य क्रम में बल्लेबाजी करने आए केसी कार्टी ने 13 रन और कप्तान शाई होप ने 12 रनों का योगदान देकर स्कोर को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
कुलदीप यादव की फिरकी का कमाल
वेस्टइंडीज के विशाल स्कोर की ओर बढ़ने के बावजूद भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में कुलदीप यादव ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरा। कुलदीप ने मैच में बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए कुल 4 विकेट अपने नाम किए और इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने इतिहास रच दिया। इस चार विकेट के हॉल के साथ कुलदीप ने पूर्व भारतीय गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद को भी पीछे छोड़ दिया। भारतीय गेंदबाजों के सामने वेस्टइंडीज ने अंततः एक बड़ा चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा किया, जिसके जवाब में उतरी भारतीय टीम को शुरुआत में ही कड़े संघर्ष का सामना करना पड़ा।

















