हरियाणा के फरीदाबाद जिले के अंतर्गत आने वाले सीही गांव में रविवार शाम को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक मासूम बच्ची खेलते-कूदते अचानक एक गहरे बोरवेल के अंदर जा गिरी। इस अप्रत्याशित घटना के सामने आते ही आसपास के लोग भारी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए और तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को इस दुर्घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंच गया और बच्ची को सकुशल बाहर निकालने के लिए फौरी तौर पर राहत एवं बचाव कार्यों का आगाज किया गया।
खेलते समय हुआ हादसा और लापरवाही की पोल
हादसे का शिकार हुई बच्ची की पहचान नेहा के रूप में हुई है, जिसकी उम्र महज ढाई साल बताई जा रही है। घटना के वक्त वह घर के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी, तभी खेलते-कूदते वह इस खुले हुए बोरवेल में जा समाई। इस खौफनाक हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्ची के पिता रामदीन पेट पालने के लिए मजदूरी का काम करते हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह बोरवेल किसी निजी व्यक्ति का नहीं बल्कि नगर निगम का है, जो पिछले करीब 10 साल से पूरी तरह बंद पड़ा था। पहले इस बोरवेल के मुंह पर सुरक्षा की दृष्टि से ढक्कन लगा हुआ था, लेकिन कुछ दिन पहले किसी वजह से वह ढक्कन गायब हो गया और तभी से यह खतरनाक बोरवेल खुला और असुरक्षित छोड़ा गया था।
प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन और प्राथमिकता
घटना की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस और प्रशासनिक राहत एवं बचाव दल बिना किसी देरी के घटनास्थल पर सक्रिय हो गया। बचाव दल बोरवेल के बिल्कुल नजदीक समानांतर गड्ढा खोदने के साथ-साथ अन्य तकनीकी और जरूरी प्रक्रियाओं को अपनाकर सीधे बच्ची तक पहुंचने की लगातार कोशिश कर रहा है। रेस्क्यू टीम बिना एक पल गंवाए बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास में जुटी हुई है। इस वक्त प्रशासन और रेस्क्यू टीमों की सर्वोच्च प्राथमिकता किसी भी तरह से मासूम की जान बचाना है। पुलिस अधिकारियों की सख्त निगरानी में इस समय युद्धस्तर पर राहत अभियान चलाया जा रहा है और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।


















