भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। काफी समय से दोनों के बीच कानूनी लड़ाई चल रही है, लेकिन अब यह मामला सियासी गलियारों तक पहुंचता हुआ नजर आ रहा है। हाल ही में राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी के साथ मोहम्मद शमी की एक मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में यह कयास लगाए जाने लगे कि यह स्टार क्रिकेटर आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा सकता है और चुनावी मैदान में उतर सकता है।
चुनाव लड़ने की खुली चुनौती
इस पूरे घटनाक्रम के बीच हसीन जहां ने खुलकर सामने आकर मोहम्मद शमी को चुनावी चुनौती दे डाली है। मीडिया के साथ हुई एक खास बातचीत के दौरान उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मोहम्मद शमी या उनके परिवार का कोई भी सदस्य जिस भी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेगा, वह उसी सीट से उनके खिलाफ खुद मैदान में उतरेंगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह इस सिलसिले में कई अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के संपर्क में हैं और सही समय आने पर अपने अगले कदम का ऐलान करेंगी। उन्होंने आगे कहा कि पर्दे के पीछे से पूरी ताकत और योजना मोहम्मद शमी की ही होगी, इसलिए वह उसी स्थान से चुनाव लड़ेंगी जहां से शमी या उनके करीबी ताल ठोकेंगे।
पुराने आरोपों और विवादों का जिक्र
अपनी बातचीत में हसीन जहां ने मोहम्मद शमी पर तीखा हमला बोलते हुए कई पुराने और गंभीर आरोप फिर से दोहराए। इस लंबे चले आ रहे पारिवारिक और कानूनी विवाद की शुरुआत साल 2018 के मार्च महीने में हुई थी, जब हसीन जहां ने सार्वजनिक तौर पर मोहम्मद शमी के खिलाफ घरेलू हिंसा, मारपीट, एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर और मैच फिक्सिंग जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। इन तमाम आरोपों के सामने आने के बाद से ही दोनों के बीच का रिश्ता पूरी तरह बिखर गया और मामला अदालत की चौखट तक पहुंच गया, जहां कानूनी प्रक्रिया आज भी जारी है।
अदालती आदेश और गुजारा भत्ता
इस हाई-प्रोफाइल विवाद की शुरुआत के वक्त हसीन जहां ने सोशल मीडिया पर कथित तौर पर कुछ चैट के स्क्रीनशॉट भी साझा किए थे, जिन्हें इस मामले से जोड़ा गया था। उनकी आधिकारिक शिकायत के आधार पर पुलिस ने तेज गेंदबाज के खिलाफ मामला दर्ज किया था। वर्तमान स्थिति यह है कि यह पूरा कानूनी विवाद अदालत में विचाराधीन है। इस बीच अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए मोहम्मद शमी को यह सख्त निर्देश दिया है कि वह अपनी पत्नी हसीन जहां और अपनी बेटी के भरण-पोषण के लिए हर महीने एक तयशुदा गुजारा भत्ता नियमित रूप से अदा करें।



















